देशभर में आज बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कौन-कौन से बैंक की सेवाएं रहेंगी ठप

अगर आप 27 जनवरी को बैंक जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर आज देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस कारण बैंकिंग सेवाओं में रुकावट की संभावना है। यूनियनों की मुख्य मांग है कि बैंकों में सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी लागू की जाए। फिलहाल कर्मचारियों को महीने में सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को ही छुट्टी मिलती है, जबकि बाकी शनिवारों में कामकाज चलता है। इससे हर महीने लगभग दो हफ्ते कर्मचारियों को छह दिन काम करना पड़ता है। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि यह व्यवस्था अब समय के साथ उचित नहीं रही।

दो साल पुराने समझौते को लागू करने की मांग

यूएफबीयू के अनुसार, मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के साथ हुए वेतन संशोधन समझौते में सभी शनिवारों को छुट्टी देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसी देरी के विरोध में बैंक कर्मचारी आज हड़ताल पर जा रहे हैं।

इन बैंकों में कामकाज रहेगा प्रभावित

हड़ताल में देशभर के सभी प्रमुख सरकारी बैंक शामिल हैं। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन बैंक और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल हैं। कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने पहले ही प्रदर्शन शुरू कर दिया है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज होगा। इस दौरान देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ेगा, जिसमें कैश लेन-देन, चेक क्लियरेंस और शाखाओं से जुड़े अन्य काम शामिल हैं।

यूनियन का प्रस्ताव: हर दिन एक्स्ट्रा काम करने को तैयार


बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने से कुल काम के घंटे कम नहीं होंगे। उनका कहना है कि कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना लगभग 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं, ताकि साप्ताहिक कार्य समय में कोई कमी न आए। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है, लेकिन पिछले दो वर्षों से इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

यूएफबीयू का तर्क: छह दिन काम की अब कोई ठोस वजह नहीं

यूएफबीयू का कहना है कि आरबीआई, एलआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और अधिकांश सरकारी कार्यालय पहले से ही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह अपनाए हुए हैं। ऐसे में बैंकों में अब भी छह दिन काम करने की कोई ठोस वजह नहीं बची है।