बाबा बागेश्वर ने फिर छेड़ा हिंदू राष्ट्र का मुद्दा, नवरात्रि में रथ यात्रा का ऐलान

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की नवरात्रि रथ यात्रा को लेकर नया अपडेट सामने आया है। बागेश्वर धाम की आधिकारिक वेबसाइट पर श्री आश्विन नवरात्रि रथ यात्रा की तारीख 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक दी गई है। यानी यात्रा का आधिकारिक कार्यक्रम नौ दिनों का बताया गया है।

बागेश्वर धाम की आधिकारिक वेबसाइट पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मिशन में हिंदू एकता और सनातन धर्म के अनुयायियों को एकजुट करने की बात कही गई है। वेबसाइट के अनुसार, उनकी विचारधारा में हिंदू एकता के जरिए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की धारणा भी शामिल है।

इस बीच छतरपुर से सामने आई 20 सितंबर की स्थानीय रिपोर्ट में रथ यात्रा को हिंदू राष्ट्र के संकल्प से जोड़ते हुए बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रा 11 अक्टूबर से प्रस्तावित है और इसमें साधु-संतों के शामिल होने की बात कही गई है। हालांकि, इस रिपोर्ट में यात्रा की अवधि पांच दिन और करीब 500 किलोमीटर बताई गई है, जबकि बागेश्वर धाम की आधिकारिक वेबसाइट पर कार्यक्रम 11 से 19 अक्टूबर तक दर्ज है। इसलिए यात्रा की अवधि और विस्तृत मार्ग के मामले में आधिकारिक कार्यक्रम को प्राथमिक आधार माना जाना चाहिए।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहले भी भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं। अक्टूबर 2025 में उन्होंने दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा निकालने की घोषणा की थी और इसे भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से जोड़ा था। उस समय उन्होंने 7 से 16 नवंबर तक पदयात्रा की बात कही थी।
नवंबर 2025 में उनकी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा दिल्ली से शुरू हुई थी। उस यात्रा के दौरान शास्त्री ने कहा था कि हिंदू एकता और हिंदू राष्ट्र के लिए ऐसी यात्राएं जारी रहेंगी। यह बयान उस समय भी उनकी सार्वजनिक गतिविधियों के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा था।

हालांकि, 2026 की मौजूदा रथ यात्रा के संदर्भ में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी फिलहाल आयोजन की तारीखों की पुष्टि करती है। बागेश्वर धाम की वेबसाइट पर 11 से 19 अक्टूबर के कार्यक्रम को Rath Yatra (Shri Ashwin Navratri) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। यात्रा के विस्तृत रूट और अन्य व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अभी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है।

इससे पहले सितंबर 2026 में धीरेंद्र शास्त्री पश्चिम बंगाल में अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे। वहां दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार को लेकर उनकी अपील पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई थी। हालांकि, वह विवाद मौजूदा नवरात्रि रथ यात्रा के कार्यक्रम से अलग घटनाक्रम है।