10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को हुई INDIA गठबंधन की रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए इस रैली को फ्लॉप शो करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से 10 लाख लोगों के जुटने की बात कही गई थी, लेकिन मौके पर केवल 50 से 60 हजार लोग ही पहुंचे। दुबे ने कहा कि इतनी बड़ी तैयारियों के बावजूद अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई। हालांकि, रैली में शामिल लोगों की स्वतंत्र और आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है।

आनंद दुबे ने रैली को बताया फ्लॉप शो

आनंद दुबे ने विपक्षी गठबंधन की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 10 लाख लोगों के आने का दावा किया गया था, जबकि उनके अनुमान के मुताबिक वहां 50 से 60 हजार लोग ही पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बड़ी रैलियां लोकतंत्र बचाने के बजाय राजनीतिक दलों के परिवार, संपत्ति और अस्तित्व को बचाने के लिए आयोजित की जाती हैं। दुबे ने कहा कि इसे लोकतंत्र बचाने की रैली बताना सही नहीं है। उनके बयान के बाद रैली में जुटी भीड़ को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। आनंद दुबे पहले उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता थे। उन्होंने 12 अक्टूबर 2026 को उस पार्टी से इस्तीफा दिया था। हालांकि, उनके एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

भाजपा ने भी उठाए भीड़ पर सवाल

रैली के बाद भाजपा नेताओं ने भी कांग्रेस के 10 लाख लोगों के जुटने के दावे पर सवाल खड़े किए थे। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा था कि रामलीला मैदान का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था। उन्होंने दावा किया कि मैदान में 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, जिनमें से 3:30 से 4 बजे के बीच 5 से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं। पात्रा ने कांग्रेस के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर 10 लाख लोगों के आने की बात कही गई थी, तो इतनी बड़ी संख्या में लोग कहां थे। उन्होंने रैली के वीडियो और तस्वीरों का हवाला देकर विपक्ष के भीड़ जुटाने के दावे को चुनौती दी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी रैली को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का लगभग आधा हिस्सा खाली था और विपक्षी दलों की ओर से 10 लाख लोगों के जुटने की बात कहे जाने के बावजूद अपेक्षित भीड़ नहीं पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। हालांकि, रैली में कुल कितने लोग शामिल हुए, इसका कोई स्वतंत्र आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। भाजपा ने खाली जगह और कुर्सियों के आधार पर अपने दावे किए, जबकि कांग्रेस ने भीड़ से भरे मैदान का वीडियो साझा कर भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। ऐसे में अलग-अलग दलों की ओर से बताई गई संख्या को उनके राजनीतिक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने रैली में सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा निशाना

रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका था। कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में यह प्रदर्शन किया था। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देश में कई वर्षों से वोट चोरी हो रही है और 2024 का लोकसभा चुनाव भी अवैध था। राहुल गांधी ने कहा कि किसानों और मजदूरों को उनका हक नहीं मिल रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया गया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना होगा और उन्हें जेल जाना पड़ेगा। ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप और बयान थे।

गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर लगाए आरोप

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी INDIA गठबंधन की रैली को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 10 लाख लोगों के आने की बात कही थी, लेकिन उनके मुताबिक रामलीला मैदान का आधा हिस्सा खाली रहा। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का झूठ सामने आ गया है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति पर भी टिप्पणी की और कहा कि देश के युवाओं में राष्ट्रवाद की भावना है। उन्होंने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए दावा किया कि जनता ऐसे दलों को वोट देना बंद कर रही है। इससे पहले संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री बनने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने 10 लाख लोगों के जुटने के दावे को लेकर सवाल उठाए और खाली कुर्सियों का हवाला दिया।

10 लाख लोगों के जुटने का था दावा

रैली से पहले कांग्रेस नेताओं ने रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया था। कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने आयोजन से पहले कहा था कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को लाना INDIA गठबंधन के सभी दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने भीड़ का अनुमान करीब 50 हजार लगाया था। मैदान की क्षमता भी कुर्सियों, मंच और रास्तों के लिए छोड़ी गई जगह के कारण सीमित हो जाती है। रैली के बाद भाजपा नेताओं ने भीड़ को लेकर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस ने मैदान में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दिखाने वाले वीडियो और तस्वीरें साझा कीं। फिलहाल, किसी स्वतंत्र एजेंसी की ओर से रैली में शामिल लोगों की अंतिम संख्या जारी नहीं की गई है। ऐसे में 50 से 60 हजार या 10 लाख की संख्या को पुष्ट आंकड़ा मानने के बजाय संबंधित पक्षों के दावे के रूप में ही समझना चाहिए।