अपने उदास बच्चे को रखना चाहते हैं खुश, करें इन बातों पर गौर

बच्चों की खुशी के लिए पेरेंट्स बहुत कुछ करते हैं और अपना जीवन उसी में बिता देते हैं। पेरेंट्स की चाहत होती हैं कि वे हर समय अपने बच्चों को खुश देखें। ऐसे में तमाम कोशिशों के बाद भी कई बार माता-पिता बच्चों को हमेशा खुश नहीं रख पाते हैं। बच्चे जब गुमसुम और उदास रहते हैं तो माता-पिता का मन भी उदास ही रहता हैं। बच्चों को समझना ज्यादा मुश्किल नहीं होता है और उनके दुखी होने या अजीब व्यवहार करने के पीछे बहुत साधारण कारण होते है। ऐसे में आपको बस थोडा-सा प्रयास करना होता हैं। यहां कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपने बच्चे के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में...

बच्चों की बात को दें तवज्जो

कई बार पेरेंट्स बच्चों की बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। जिसके चलते बच्चे माता-पिता से बातें शेयर करना बंद कर देते हैं। ऐसे में बच्चों का कॉन्फीडेंस कम होने लगता है और बच्चे बाहर भी खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। इसलिए बच्चों की बातों को महत्व देकर आप उन्हें खुश और कॉन्फीडेंट रख सकते हैं।

जरूरत है आपके साथ की

अपने बच्चे को हमेशा ये एहसास दिलाते रहें कि आप उनके साथ हैं। उन्हें बताएं कि उनकी हर मुश्किल में आपका सपोर्ट उन्हें मिलता रहेगा। इससे बच्चा खुलकर अपने मन की बात आपकाे बता पाएंगे। बच्चों को अपनी बातों से ये एहसास करवाएं कि वो आपसे अपनी हर तरह की परेशानी शेयर कर सकता है। इससे बच्चे को टीएनज में होने वाली कई परेशानियों को ठीक तरह से हैंडल करने में मदद मिलेगी। यकीन मानिए आपके बच्चे के लिए आपका सपोर्ट बहुत जरूरी होता है।

बच्चों को डांटने से बचें

कई बार बच्चे अपनी फीलिंग्स पेरेंट्स से शेयर करना चाहते हैं। मगर पेरेंट्स बच्चों को डांटकर चुप करवा देते हैं। ऐसे में बच्चे पेरेंट्स से काफी कुछ छुपाना शुरू कर देते हैं। जिसके चलते नादानी में बच्चे कुछ बड़े हादसों का भी शिकार हो सकते हैं। ऐसे में बच्चों को खुश रखने के लिए उनकी बातों को ध्यान से सुनना जरूरी होता है।

आपकी खुशी हैं बहुत जरूरी


अगर पेरेंट्स एक साथ खुश रहेंगे और दोनों के रिश्ते में खूब प्यार रहेगा, तो इससे बच्चा भी खुश रहता है। मां के दुखी होने या रोने पर, बच्चे भी रोना शुरू कर देते हैं इसलिए अगर आप अपने बच्चे को खुश देखना चाहते हैं, तो पहले अपने रिलेशनशिप को खुशहाल बनाने पर काम करें। पेरेंट्स के खुश रहने पर बच्चे भी खुश राहते हैं।

बच्चों की तारीफ करें

पेरेंट्स अमूमन गलती करने पर बच्चों को डांट तो देते हैं। मगर बच्चे के कुछ अच्छा काम करने पर उनकी सराहना करना भूल जाते हैं। ऐसे में बच्चों के अच्छे नम्बर लाने या कोई अच्छी बात करने पर आप उनकी पीठ थपथपा सकते हैं। इससे बच्चे काफी खुश महसूस करेंगे और ज्यादा से ज्यादा अच्छे काम करने की भी कोशिश करेंगे।

बच्चे को बच्चा ही रहने दें

अपने बच्चे को बच्चा ही रहने दें, उसे बड़ा बनाने की जल्दी न मचाएं। अक्सर पैरंट्स बच्चों को बड़ा बनाने के चक्कर में ज्यादा लोड देते हैं, इस दबाव में बच्चा परेशान रहता है और उसके चेहरे की हंसी खो जाती है। समय के साथ बच्चा खुद ही बड़ा हो जाएगा। बच्चा जब बच्चे की तरह बर्ताव करता है, तो हर तरफ खुशियां फैलाता है।

पॉजिटिव रहने की सलाह दें

बच्चे अक्सर कुछ दोस्तों को देखकर चिढ़ने लग जाते हैं। ऐसे में बच्चे के अंदर द्वेष की भावना पैदा होती है और बच्चे निगेटिविटी का भी शिकार हो सकते हैं। इसलिए बच्चों को सभी का सम्मान करना और सभी के साथ प्यार से रहने की सलाह दें। इससे बच्चों का माइंडसेट पॉजिटिव रहेगा और बच्चे हमेशा खुश भी रहेंगे।

बच्चों के साथ खाएं खाना


बिजी लाइफस्टाइल में कुछ पेरेंट्स को बच्चों के साथ खाना खाने का समय नहीं मिल पाता है। जिससे बच्चे अकेलेपन और तनाव का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर बच्चों के साथ करना बेहतर रहता है। इससे बच्चे खुद को पेरेंट्स के क्लोज महसूस करते हैं और बेझिझक अपनी परेशानियां पेरेंट्स से साझा कर सकते हैं।