बच्चे अपनी डिमांड को पूरा करवाने के लिए अपनाते है ये ट्रिक, पैरेंट्स हो जाए सतर्क

पैरेंट्स के लिए जितना महत्‍वपूर्ण बच्‍चे को प्‍यार देना है, उतना ही जरूरी बढ़ते हुए बच्‍चे में आ रहे व्‍यवहारिक बदलावों को समझना है। बच्‍चे के व्‍यवहार से आपको ऐसे कुछ संकेत मिल सकते हैं, जो समझने में आपकी मदद करेंगे कि वो मैनिपुलेट कर रहा है। दरअसल, कई बार देखा गया है कि बच्‍चे मार्केट में चॉकलेट या खिलौने की जीद करते है और जब उन्हें दिलवाने से मना कर दिया जाए तो वे ट्रैंट्रम दिखाने शुरू कर देते हैं जिसके चलते शर्मिंदगी में ही सही पैरेंट्स को बच्चों की बात माननी पड़ती है। इस तरह के वाक्‍यों से बच्‍चों में मैनिपुलेटिव बिहेवियर पनपना शुरू होता है। जब बच्‍चा परिस्थितियों को समझना और उनका विश्‍लेषण करना शुरू करता है, जब उसे ये बहुत जल्‍दी समझ में आ जाता है कि पब्लिक प्‍लेसेस पर ट्रैंट्रम दिखाया जाए तो उनकी डिमांड जल्‍दी पूरी हो सकती है। ऐसे में आज हम इस आर्टिकल की मदद से आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप आसानी से समझ सकते हैं कि बच्‍चा मैनिपुलेट कर रहा है।

​ना नहीं सुन पाता

आज कल मां-बाप अपने बच्चों को इतने लाड-प्‍यार से रखते है कि वो जवाब में ना सुनने की आदत ही नहीं रखते। ऐसे में इन बच्चों की हर डिमांड पूरी होनी चाहिए। अगर इन्हें ना कहा जाए तो ये रोने, पैर पीटने या चिल्‍लान लगते हैं।

​गुस्‍सा हो जाते हैं

जब बच्‍चे को ये समझ आने लगता है कि वो अपने पैरेंट्स के लिए कितना जरूरी है, तो वो अक्‍सर गुस्‍सा दिखना शुरू कर देता है। वो ऐसी बातें कहने लग सकता है कि 'मुझे आपके साथ नहीं रहना' या फिर 'दादा-दादी आपसे बेहतर है'। ऐसे कहने पर माता-पिता बच्‍चे पर ध्‍यान देते हैं उसकी डिमांड को भी पूरा कर देते हैं।

झूठ बोलते हैं

जब बच्‍चे को लगता है कि उसकी डिमांड पूरी नहीं होगी तो वो आपको मैनिपुलेट करने लगते है और झूठ का सहारा लेते है। वो आपसे कह सकता है कि उसके दोस्‍त के पास पहले से ही ये चीज है या आपने मुझसे वादा किया था।

​पैरेंट्स की तुलना करना

जब बच्‍चे की कोई डिमांड पूरी नहीं की जाती है, तो वो अपने ही पैरेंट्स की तुलना अपने ही दोस्तों के मा‍ता-पिता से करने लगते हैं। जब बच्‍चे को लगेगा कि उसकी यह चाल सफल हो रही तो वो फिर इसे अपनी आदत में डाल लेता हैं।

​पैरेंट्स क्‍या करें

अब सवाल उठता है कि जब भी बच्‍चा धमकाए या अपनी बात मनवाने के लिए गलत तरीकों का इस्‍तेमाल करे, तो पैरेंट्स को क्या करना चाहिए। जो इसका जवाब है पैरेंट्स को बच्चों को समझाना चाहिए। उनको बताना चाहिए कि आपके पास कितने पैसे हैं और किस तरह आप दूसरों के जैसे उसकी हर डिमांड को पूरा नहीं कर सकते हैं बच्‍चे पर चिल्‍लाने की बजाय उसकी डिमांड को पूरा करने की डेडलाइन को देर करने की कोशिश करें और उसके सामने शर्त भी रख सकते हैं।