भागमभाग भरी जिंदगी में कर लो खुद की भी परवाह! कर दिए ये काम शुरू तो बनेगा परफेक्ट डे

मौजूदा दौर में हर कोई भागदौड़ भरी जिंदगी का हिस्सा बना हुआ है। ऐसे में सेहत की अनदेखी तो हो ही रही है, साथ ही खुशियां भी दूर भागती जा रही हैं। तनाव के शिकंजे में जकड़ते ही जा रहे हैं। आज हम आपसे गुजारिश कर रहे हैं कि अपने आपको थोड़ा विराम दें और अपने दिन को परफेक्ट बनाने के लिए इन बातों पर गौर करें।


स्ट्रेस को कम करने के लिए अपने इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसेस को अनप्लग करें और माइंडफुलनेस की प्रैक्टिस करें

लगातार दूसरों के साथ में कनेक्टेड रहना भी एक कभी-कभी एक आशीर्वाद तो कभी एक मुश्किल बन सकता है, और कभी डिस्कनेक्ट रहना, खुद को ग्राउंड करना और अपने आसपास की दुनिया से जुड़ना भी हेल्दी रहता है। एक ऐसा टाइम या अनप्लग डे बना लें, जिसमें आप आपके फोन को बंद करके रखते हैं, अपने टीवी को बंद करते हैं और अपने लैपटॉप को बंद कर देते हैं। आपका मन रिलैक्स होना शुरू कर देगा और आप शायद देखेंगे कि जो चीज आपको कभी मैनेज करने में मुश्किल लगती थी, आज वही कितनी अच्छी तरह से मैनेज हो रही हैं।

- आप चाहें तो एक मिनी अनप्लग भी ट्राई कर सकते हैं, जिसमें आप हर रात को सोने के एक घंटे पहले और हर सुबह उठने के एक घंटे बाद के लिए अपने फोन को बंद रखेंगे।


अगर आपकी हैल्थ आपकी लाइफ के साथ में इंटरेक्ट कर रही है, तो प्रोफेशनल हेल्प की तलाश करें

हो सकता है कि आपको एंजाइटी या डिप्रेशन से जूझने के लिए आपके फ्रेंड या फैमिली से हेल्प मांगना पड़े, या शायद एक प्रोफेशनल की हेल्प की जरूरत पड़े। आपको मदद की जरूरत है, इसे स्वीकार करना कोई शर्म की बात नहीं है—याद रखें कि आप एकदम ठीक कर रहे हैं और हर किसी को कभी न कभी हेल्प की जरूरत पड़ती ही है।

- किसी से हेल्प की मांग करना, किसी से एक ऑफिस के प्रोजेक्ट को पूरा करने में, ग्रोसरी खरीदने में या फिर कभी अपने बच्चे के ऊपर ध्यान देने का पूछने जितना एक आसान काम होता है।

- अगर आपकी इमोशनल या मेंटल हैल्थ आपके लिए अपना काम कर पाना मुश्किल बना रही है, तो बेड से बाहर आएँ या उन चीजों को करें, जिन्हें करना आपको अच्छा लगता है, एक प्रोफेशनल को कॉल करके एक अपोइंटमेंट फिक्स करें, ताकि आपको वो मदद मिल सके, जिसकी आपको जरूरत है।


अपने शरीर को स्ट्रॉंन्ग रखने के लिए हफ्ते में 4 से 5 बार एक्सरसाइज करें

अगर आप पहले से ऐसा नहीं करते आ रहे हैं, तो अपने वीकली रूटीन में कुछ 30 मिनट के वर्कआउट को शामिल करें। ऐसा कुछ करें, जो आप एंजॉय करते हैं, जैसे कि वॉक करना, जॉगिंग करना, साइकिलिंग, वेट लिफ्ट करना, स्विमिंग या फिर किसी तरह के ग्रुप स्पोर्ट्स प्ले करना। आपका शरीर बेहतर फील करेगा और एंडोर्फ़िंस (endorphins, हॉरमोन) आपकी इमोशनल हैल्थ को बेहतर कर देंगे।

- अगर आपको एक्सरसाइज को अपने शेड्यूल में शामिल करने में मुश्किल हो रही है, तो इसे अपने कैलेंडर पर शेड्यूल करने की कोशिश करें, ताकि ये वहाँ पर पहले से तय रहे। इसे भी ठीक उसी तरह से ट्रीट करें, जैसे आप एक डॉक्टर के साथ अपोइंटमेंट या किसी इंपोर्टेंट मीटिंग को करते हैं।


हर दिन 8 से 10 ग्लास पानी पीकर हमेशा हाइड्रेटेड रहें

पानी आपके शरीर पर जादुई असर करता है! अपने अंगों को ज्यादा प्रभावी ढंग से चलाने में मदद के लिए, अपनी स्किन को बेहतर दिखाने के लिए और खुद को ज्यादा एनर्जी से भरपूर और अलर्ट रखने में मदद पाने के लिए हर दिन भरपूर पानी पिएं।

- अपने डेली रूटीन को शुरू करने के लिए सुबह उठने के तुरंत बाद एक ग्लास पानी पीने की कोशिश करें।


भरपूर नींद लेने को अपनी प्राथमिकता बना लें, ताकि आपका शरीर हमेशा सही तरीके से चलता रह सके

अगर आप एक टीन हैं, तो हर रात करीब 8 से 10 घंटे की नींद लें; अगर आप 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं, तो 7-9 घंटे की नींद लेने का लक्ष्य रखें। अपने शरीर को एक रूटीन में लेकर आने के लिए हर दिन एक ही टाइम पर सोने और उठने का लक्ष्य बनाएं।

- आप जिस समय अपने बेड पर जाने का इरादा रखते हैं, उससे 30 मिनट पहले का एक अलार्म सेट करें। जब अलार्म बजे, अपने इलेक्ट्रॉनिक्स को चालू करें और अपना बेडटाइम रूटीन स्टार्ट कर दें, ताकि आपका शरीर नींद में जाना शुरू कर दें।

- अपने कमरे को डार्क और ठंडा रखना भी आपको रात में बेहतर नींद पाने में मदद कर सकता है।


जब आपका शरीर थकान महसूस करे, उस समय आराम करें

कभी-कभी शरीर पर बहुत ज्यादा दबाव महसूस होना और न चाहते हुए भी कुछ करने की कोशिश करना बहुत कॉमन सी बात है, यहां तक कि तब भी, जब आपका शरीर खुद भी आप से धीमा हो जाने का कह रहा हो। जब भी आपको ऐसा लगे कि आप थकान महसूस कर रहे हैं, तब आराम करने के लिए थोड़ा ज्यादा टाइम देने की कोशिश करना शुरू कर दें, फिर चाहे इसके लिए आपको घर में शाम को डिनर देने के अपने प्लान को कैंसल करना पड़े या फिर आने वाले दिनों में आपके कैलेंडर में कोई भी प्लान शेड्यूल नहीं करना पड़े।

- अगर आप आपके शरीर के आराम करने की जरूरत की ओर इशारा करने के बावजूद भी उसे काम करने के लिए मजबूर करते हैं, तो आप आपके इम्यून सिस्टम को कम करने के और खुद को बीमार करने के रिस्क में रहते हैं। साथ में, एक थका हुआ शरीर और मन उतना अच्छी तरह से काम नहीं कर पाएगा, जितना अच्छी तरह से अच्छे से आराम किस शरीर कर पाता है।