अगर आप आम, नींबू और मिर्च के अचार से कुछ अलग बनाना चाहते हैं तो कच्चे कटहल का अचार बना सकते हैं। कटहल को हल्का पकाकर और अच्छी तरह सुखाने के बाद इसे सरसों के तेल और मसालों के साथ मिलाया जाता है। इससे अचार में मसालों का स्वाद अच्छी तरह आता है।
कटहल का अचार बनाने के लिए सामग्री1 किलो कच्चा कटहल
1.5 से 2 कप सरसों का तेल
2 बड़े चम्मच सौंफ
2 बड़े चम्मच राई
1 बड़ा चम्मच जीरा
1 छोटा चम्मच मेथी दाना
1 छोटा चम्मच कलौंजी
1 छोटा चम्मच अजवाइन
1 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर
1 से 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 चुटकी हींग
नमक स्वादानुसार
2 बड़े चम्मच सिरका या आमचूर पाउडर
कटहल को ऐसे करें तैयारसबसे पहले हाथों और चाकू पर थोड़ा सरसों का तेल लगा लें, क्योंकि कच्चे कटहल से निकलने वाला चिपचिपा दूध हाथों और बर्तन पर चिपक सकता है। कटहल को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें। बीजों को भी अलग करके इस्तेमाल किया जा सकता है।
कटहल के टुकड़ों को नमक और थोड़ी हल्दी वाले पानी में हल्का उबालें या भाप में पकाएं। इसे पूरी तरह गलाना नहीं है। टुकड़े हल्के नरम लेकिन अपनी बनावट में बने रहने चाहिए। इसके बाद पानी अच्छी तरह निकाल दें और कटहल को साफ कपड़े पर फैलाकर कुछ घंटे धूप या हवादार जगह में सुखाएं। अचार के लिए कटहल में अतिरिक्त नमी नहीं रहनी चाहिए।
ऐसे तैयार करें अचार का मसालाएक कड़ाही में सौंफ, राई, जीरा और मेथी दाना डालकर हल्का भूनें। मसालों को ज्यादा काला न करें। ठंडा होने के बाद इन्हें दरदरा पीस लें। अब इसमें कलौंजी, अजवाइन, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक मिला दें। कटहल के अचार में सौंफ, सरसों, मेथी और दूसरे मसालों का इस्तेमाल अलग-अलग रेसिपी में किया जाता है।
अब बनाएं कटहल का अचारसरसों के तेल को कड़ाही में गर्म करें। तेल गर्म होने के बाद गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। एकदम गर्म तेल में कटहल और मसाले मिलाने के बजाय ठंडे या हल्के गुनगुने तेल का इस्तेमाल करें।
एक सूखे बर्तन में कटहल के टुकड़े डालें। इसमें तैयार मसाला और सिरका या आमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद सरसों का तेल डालें और हर टुकड़े पर मसाला अच्छी तरह लपेट दें। सिरका या कच्चे आम जैसी खटास अचार के स्वाद को संतुलित करती है।
तैयार अचार को पूरी तरह सूखे और साफ कांच के जार में भरें। अगर अचार को कुछ समय रखना है तो कटहल के टुकड़े तेल में अच्छी तरह ढके रहने चाहिए। पारंपरिक तरीकों में जार को कुछ दिनों तक धूप में रखकर अचार को मसालों के साथ पकने दिया जाता है।