अगर आप रोजाना एक जैसी हरी मिर्च और धनिया वाली चटनी खाकर ऊब गए हैं, तो इस बार कुछ अलग बनाकर देख सकते हैं। आंवला और मूंगफली से तैयार होने वाली चटनी स्वाद में खट्टी, तीखी और चटपटी होती है। इसमें लहसुन, प्याज, टमाटर और हरी मिर्च का स्वाद मिलता है, जबकि ऊपर से डाला गया सरसों के तेल का गर्म तड़का इसे देसी जायका देता है। आंवले को खाने में शामिल करने के कई तरीके हैं। इसे चटनी के रूप में बनाना भी एक आसान विकल्प है। आंवले में विटामिन सी होता है, वहीं मूंगफली से प्रोटीन, फाइबर और असंतृप्त वसा मिलती है। इन दोनों के साथ दूसरी सामग्री मिलाकर तैयार की गई चटनी रोजमर्रा के खाने का स्वाद बढ़ा सकती है।
इस चटनी को सिल-बट्टे या किसी दूसरे ऐसे बर्तन में बनाया जा सकता है, जिसमें सामग्री को कूटकर दरदरा पीसा जा सके। इससे चटनी में सामग्री का स्वाद और बनावट अलग महसूस होती है। आइए जानते हैं आंवला और सिंगदाना यानी मूंगफली की चटनी बनाने का देसी तरीका।
आंवला-सिंगदाना चटनी बनाने के लिए सामग्री
इस चटनी को बनाने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत होगी:- 1 कटोरी से थोड़ी कम या आधी कटोरी भुनी हुई मूंगफली
- 8-10 लहसुन की कलियां
- 1 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
- 1 बड़ा प्याज
- 1 टमाटर
- 1-2 आंवले
- बारीक कटा हरा धनिया
- 1-2 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
- 1-2 साबुत मिर्च, लंबाई में कटी हुई
- स्वादानुसार नमक
- थोड़ा-सा आमचूर पाउडर
- थोड़ा-सा चाट मसाला
- सरसों का तेल
- हींग और जीरा
- नींबू का रस
आंवला और मूंगफली की चटनी बनाने की विधि
पहला स्टेप: लहसुन और मूंगफली को कूट लेंसबसे पहले पत्थर का सिल-बट्टा या कोई दूसरा ऐसा बर्तन लें, जिसमें सामग्री को कूटकर पीसा जा सके। इसमें 8-10 लहसुन की कलियां डालें और अच्छी तरह कूट लें। इसके बाद आधी कटोरी भुनी हुई मूंगफली लें। आप चाहें तो मूंगफली के छिलके उतार सकते हैं या उन्हें ऐसे ही इस्तेमाल कर सकते हैं। अब मूंगफली को लहसुन के साथ कूटते हुए दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि मिश्रण को बिल्कुल बारीक पेस्ट बनाने की जरूरत नहीं है। इसके बाद इसमें एक चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। यह मिश्रण चटनी को लहसुन और मूंगफली का स्वाद देने के लिए तैयार है।
दूसरा स्टेप: प्याज, टमाटर और आंवला मिलाएंअब एक मिट्टी का बर्तन लें, ताकि चटनी को देसी अंदाज में तैयार किया जा सके। इसमें एक बड़ा प्याज बारीक काटकर डालें। इसके बाद एक टमाटर और 1-2 आंवले को बारीक काटकर मिला दें। अब पहले से तैयार किया गया लहसुन, मूंगफली और कश्मीरी लाल मिर्च का मिश्रण इसमें डालें। इसके बाद बारीक कटा हरा धनिया, 1-2 बारीक कटी हरी मिर्च और 1-2 लंबाई में कटी साबुत मिर्च मिला दें। मिश्रण में स्वादानुसार नमक डालें। साथ ही थोड़ा-सा आमचूर पाउडर और चाट मसाला भी मिलाएं। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं, ताकि आंवले की खटास, प्याज-टमाटर का स्वाद और मूंगफली-लहसुन का मिश्रण एक साथ घुल जाए।
तीसरा स्टेप: सरसों के तेल में लगाएं हींग-जीरे का तड़काचटनी का स्वाद बढ़ाने के लिए अब सरसों के तेल का तड़का तैयार करें। इसके लिए एक कलछी या छोटे बर्तन में थोड़ा-सा सरसों का तेल गर्म करें। तेल गर्म होने पर उसमें हींग और जीरा डालें और उन्हें पकने दें, ताकि उनकी खुशबू तेल में अच्छी तरह आ जाए। अब इस गर्म तड़के को चटनी के पूरे मिश्रण पर डालकर फैला दें। इसके बाद चटनी को अच्छी तरह मिलाएं और हाथ से हल्का मसलकर सभी सामग्री को एकसार कर लें। अंत में ऊपर से नींबू का रस डालें और एक बार फिर मिला दें। इस तरह आंवला और सिंगदाना की चटपटी देसी चटनी तैयार हो जाएगी। इसमें आंवले की खटास, मूंगफली का स्वाद, लहसुन की खुशबू और सरसों के तेल में लगे जीरे-हींग का तड़का मिलकर खाने का जायका बढ़ाते हैं।
आंवला-मूंगफली की चटनी किसके साथ खाएं?इस चटनी को रोजमर्रा के खाने के साथ कई तरह से परोसा जा सकता है। इसे दाल-सब्जी और चावल के साथ खाएं या गरम रोटी के साथ इसका स्वाद लें। अगर आपको चटपटा खाना पसंद है, तो इसे अलग से भी खा सकते हैं। चटनी में हरी मिर्च, नमक, आमचूर और नींबू की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार रख सकते हैं।