नवरात्रि व्रत में साबूदाने से बनाएं 5 अलग-अलग पकवान, खिचड़ी से खीर तक जानें आसान विधि

शारदीय नवरात्रि के दौरान कई घरों में नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है। ऐसे में हर दिन फलाहार में एक ही तरह की चीज खाने से ऊब महसूस हो सकती है। अगर आप भी अपने व्रत के खाने में थोड़ा बदलाव करना चाहते हैं, तो साबूदाना अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे नमकीन खिचड़ी और कुरकुरे वड़े बनाने के साथ मीठी खीर भी तैयार की जा सकती है। साबूदाने से थालीपीठ और टिक्की बनाकर भी फलाहार में विविधता लाई जा सकती है। शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से हुई है और नवरात्रि के नौ दिन 19 अक्टूबर तक हैं। इस दौरान व्रत रखने वाले लोग अपने परिवार की परंपरा के अनुसार फलाहार चुन सकते हैं। साबूदाने से बनने वाली इन पांच रेसिपीज में कुछ नमकीन हैं, तो कुछ मीठी। इन्हें घर पर उपलब्ध सामग्री से तैयार किया जा सकता है।
1. साबूदाना खिचड़ी

व्रत के फलाहार में साबूदाना खिचड़ी काफी पसंद की जाती है। इसमें साबूदाने के साथ आलू और मूंगफली का इस्तेमाल किया जाता है। घी, जीरा और सेंधा नमक इसके स्वाद को बढ़ाते हैं। इसे नाश्ते या दिन के फलाहार में खाया जा सकता है।

सामग्री

- साबूदाना
- उबले आलू
- भुनी हुई मूंगफली
- घी
- जीरा
- सेंधा नमक
- काली मिर्च
- नींबू का रस

बनाने की विधि

सबसे पहले साबूदाने को धोकर कुछ घंटों के लिए भिगो दें। इसे जरूरत से ज्यादा पानी में भिगोने से साबूदाना बहुत नरम और चिपचिपा हो सकता है। अलग-अलग साबूदाने के आकार और किस्म के अनुसार भिगोने का समय बदल सकता है, इसलिए पकाने से पहले दाने को दबाकर देखें कि वह नरम हुआ है या नहीं। अब एक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। इसके बाद उबले आलू के टुकड़े और कुटी हुई भुनी मूंगफली डालकर कुछ देर भूनें। भीगा हुआ साबूदाना डालें और सेंधा नमक व काली मिर्च मिलाएं। धीमी से मध्यम आंच पर पकाते हुए बीच-बीच में चलाते रहें। जब साबूदाने के दाने पारदर्शी दिखने लगें, तो ऊपर से नींबू का रस डालकर गर्मागर्म परोसें। साबूदाना वड़ा

अगर व्रत में कुरकुरा और चटपटा खाने का मन हो, तो साबूदाना वड़ा बनाया जा सकता है। इसमें भीगा साबूदाना, उबले आलू और भुनी मूंगफली मिलाई जाती है। बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम वड़ा नाश्ते या शाम के फलाहार के लिए एक विकल्प है। साबूदाना वड़ा महाराष्ट्र में भी लोकप्रिय है और इसे व्रत के लिए बिना प्याज-लहसुन के बनाया जाता है।

सामग्री

- भीगा हुआ साबूदाना
- उबले आलू
- भुनी हुई मूंगफली
- हरी मिर्च
- हरा धनिया
- सेंधा नमक
- तलने के लिए घी या तेल, व्रत की परंपरा के अनुसार

बनाने की विधि


भीगे हुए साबूदाने से अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निकाल दें। अब इसे मैश किए हुए उबले आलू, कुटी हुई मूंगफली, बारीक कटी हरी मिर्च, हरे धनिये और सेंधा नमक के साथ मिलाएं। मिश्रण को अच्छी तरह गूंथकर छोटी-छोटी गोल या चपटी टिक्कियां बना लें। कड़ाही में घी या तेल गर्म करें और वड़ों को सुनहरा व कुरकुरा होने तक तलें। वड़े बनाते समय मिश्रण में ज्यादा नमी न रहने दें, क्योंकि बहुत गीला मिश्रण आकार बनाए रखने में परेशानी पैदा कर सकता है। तैयार वड़ों को गर्मागर्म परोसें। व्रत में साथ परोसी जाने वाली चटनी भी अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार चुनें। साबूदाने की खीर

व्रत में मीठा खाने का मन हो, तो साबूदाने की खीर तैयार कर सकते हैं। दूध, साबूदाना, चीनी और इलायची से बनने वाली यह खीर नरम और मलाईदार होती है। चाहें तो इसमें थोड़े कटे हुए मेवे भी डाल सकते हैं।

सामग्री

- साबूदाना
- दूध
- चीनी
- इलायची पाउडर
- कटे हुए बादाम या काजू, चाहें तो

बनाने की विधि

साबूदाने को धोकर कुछ देर पानी में भिगो दें। एक पैन में दूध गर्म करें और उसमें भीगा हुआ साबूदाना डालें। धीमी आंच पर पकाते रहें और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि साबूदाना पैन के तले में चिपके नहीं। जब दाने नरम हो जाएं और दूध थोड़ा गाढ़ा दिखने लगे, तब स्वादानुसार चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं। कुछ मिनट और पकाने के बाद गैस बंद कर दें। चाहें तो ऊपर से कटे हुए बादाम या काजू डालें। खीर को गर्म या ठंडा, अपनी पसंद के अनुसार परोसा जा सकता है। दूध वाली खीर को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न रखें; बची हुई खीर को ठंडा करके फ्रिज में रखें। साबूदाना थालीपीठ

व्रत में हर बार खिचड़ी या वड़ा बनाने के बजाय कुछ अलग खाना चाहते हैं, तो साबूदाना थालीपीठ आजमा सकते हैं। यह एक चपटी टिक्की जैसी डिश है, जिसे तवे पर घी लगाकर सेंका जाता है। इसमें साबूदाने के साथ उबले आलू और कुटी मूंगफली मिलाने से मिश्रण को आकार देने में मदद मिलती है।

सामग्री

- भीगा हुआ साबूदाना
- उबले आलू
- कुटी हुई भुनी मूंगफली
- हरी मिर्च
- हरा धनिया
- सेंधा नमक
- तवे पर लगाने के लिए घी

बनाने की विधि


भीगे हुए साबूदाने का अतिरिक्त पानी निकाल दें। इसे मैश किए हुए आलू, कुटी मूंगफली, हरी मिर्च, हरे धनिये और सेंधा नमक के साथ मिलाएं। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ऐसा मिश्रण तैयार करें, जिससे चपटी टिक्की बनाई जा सके। हाथों को हल्का गीला करके मिश्रण की एक लोई लें और उसे चपटा आकार दें। तवे पर थोड़ा घी लगाकर थालीपीठ रखें और धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं। एक तरफ सुनहरा होने पर सावधानी से पलटें और दूसरी तरफ भी सेंक लें। जब दोनों तरफ हल्का कुरकुरापन आ जाए, तो इसे गर्म परोसें। साबूदाना टिक्की

साबूदाना टिक्की भी व्रत के नाश्ते या शाम के फलाहार के लिए बनाई जा सकती है। इसकी सामग्री वड़े से मिलती-जुलती है, लेकिन इसे गहरे तेल में तलने के बजाय तवे पर थोड़े घी के साथ सेंका जा सकता है। इससे बनाने का तरीका भी आसान रहता है।

सामग्री


- भीगा हुआ साबूदाना
- उबले आलू
- कुटी हुई मूंगफली
- हरी मिर्च
- सेंधा नमक
- घी

बनाने की विधि

सबसे पहले साबूदाने को धोकर भिगो दें और फिर उसका अतिरिक्त पानी निकाल दें। उबले आलू को अच्छी तरह मैश करें। इसमें साबूदाना, कुटी मूंगफली, बारीक कटी हरी मिर्च और सेंधा नमक डालकर मिलाएं। मिश्रण से छोटी-छोटी टिक्कियां तैयार करें। एक तवा गर्म करें और उस पर थोड़ा घी लगाएं। टिक्कियों को तवे पर रखें और मध्यम आंच पर पकने दें। नीचे की तरफ सुनहरा रंग आने पर पलट दें और दूसरी तरफ भी कुरकुरा होने तक सेंकें। तैयार टिक्कियों को गर्म परोसें। अगर मिश्रण बहुत गीला लगे, तो पहले साबूदाने का पानी अच्छी तरह निकालें और फिर टिक्की बनाएं।

साबूदाने की रेसिपीज बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

साबूदाने की खिचड़ी, वड़ा, थालीपीठ और टिक्की बनाने में सबसे जरूरी बात उसे सही तरह से भिगोना है। दाने जरूरत से ज्यादा गीले होंगे, तो मिश्रण चिपचिपा हो सकता है और वड़े या टिक्की बनाते समय टूट सकते हैं। इसलिए भिगोने के बाद अतिरिक्त पानी निकालना न भूलें। साबूदाने को भिगोने का समय उसकी किस्म और दाने के आकार के अनुसार अलग हो सकता है। व्रत में खाने के नियम हर परिवार और क्षेत्र में अलग हो सकते हैं। इसलिए सेंधा नमक, घी, तेल, हरी मिर्च और दूसरी सामग्री का चुनाव अपनी परंपरा के अनुसार करें। खासकर तैयार चटनी या बाजार में मिलने वाली सामग्री इस्तेमाल करते समय उसकी सामग्री जांच लें कि वह आपके व्रत के नियमों के अनुकूल है या नहीं।