लकड़ी के दरवाजे और उनकी चौखट घर की खूबसूरती बढ़ाते हैं, लेकिन इनकी देखभाल में थोड़ी-सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। कई बार दीमक लकड़ी को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाती रहती है और बाहर की सतह देखने में सामान्य लगती है। जब तक दरवाजे की कमजोरी या टूट-फूट साफ दिखाई देती है, तब तक लकड़ी का बड़ा हिस्सा खोखला हो चुका होता है।
खासकर पुराने दरवाजों, लकड़ी की चौखटों और फर्नीचर में समय-समय पर दीमक के संकेतों की जांच करना जरूरी है। दरवाजे के आसपास बारीक पाउडर जमा होना, लकड़ी में छोटे छेद दिखना या चौखट के पास मिट्टी जैसी लकीर बनना कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन पर ध्यान देना चाहिए। शुरुआत में इन निशानों को पहचानने से नुकसान का आकलन करने और सही समय पर उपचार कराने में मदद मिल सकती है।
1. दरवाजे के पास बारीक पाउडर जमा होना
अगर लकड़ी के दरवाजे के नीचे, चौखट के किनारे या किसी कोने में बार-बार बारीक पाउडर जैसा पदार्थ दिखाई दे रहा है, तो उसे सामान्य धूल समझकर अनदेखा न करें। कुछ प्रकार के लकड़ी में छेद करने वाले कीट लकड़ी के भीतर सुरंग बनाते हैं और उनके कारण बाहर निकला बारीक चूरा दरवाजे के आसपास जमा हो सकता है। यह दीमक के बजाय दूसरे लकड़ी खाने वाले कीटों का संकेत भी हो सकता है, इसलिए इसकी सही पहचान करना जरूरी है।
ध्यान दें कि पाउडर किस जगह जमा हो रहा है और सफाई के बाद दोबारा दिखाई देता है या नहीं। अगर कुछ दिनों बाद उसी स्थान पर फिर से चूरा मिलने लगे, तो लकड़ी के उस हिस्से की बारीकी से जांच करवाएं। बार-बार एक ही जगह ऐसी गंदगी जमा होना इस बात का संकेत हो सकता है कि लकड़ी के भीतर कीट सक्रिय हैं।
2. लकड़ी की सतह पर छोटे-छोटे छेद दिखाई देना
दरवाजे की सतह पर बने छोटे गोल या अंडाकार छेद भी जांच की जरूरत का संकेत हैं। ये छेद लकड़ी में रहने वाले कुछ कीटों की गतिविधि के कारण बन सकते हैं। दीमक की हर प्रजाति इस तरह के खुले छेद नहीं बनाती, इसलिए केवल छेद देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि लकड़ी में दीमक ही लगी है।
दरवाजे की जांच करते समय उसके किनारों, निचले हिस्से, चौखट के पीछे और उन जगहों को भी देखें, जहां आमतौर पर सफाई के दौरान ध्यान नहीं जाता। अगर छोटे छेदों के साथ लकड़ी का चूरा, कमजोर सतह या दूसरे असामान्य निशान भी नजर आएं, तो उस हिस्से की पेशेवर जांच कराना बेहतर होगा।
3. दरवाजे को हल्के से थपथपाकर देखेंदीमक लकड़ी के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि ऊपर की पतली परत कुछ समय तक सही दिखाई देती है। ऐसे में दरवाजा बाहर से मजबूत लगने के बावजूद अंदर से कमजोर हो सकता है। लकड़ी की स्थिति का अंदाजा लगाने के लिए उसकी सतह पर उंगलियों या हाथ की पोर से हल्के से थपथपाकर आवाज सुनी जा सकती है।
दरवाजे के अलग-अलग हिस्सों को धीरे-धीरे थपथपाएं और उनकी आवाज की तुलना करें। ठोस लकड़ी से आमतौर पर भरी हुई आवाज आती है, जबकि किसी खोखले हिस्से की आवाज अलग सुनाई दे सकती है। हालांकि, आवाज में अंतर होने का मतलब हमेशा दीमक लगना नहीं है। अगर किसी हिस्से की आवाज बाकी सतह से अलग लगे और साथ में कमजोरी या अन्य निशान भी दिखाई दें, तो उस जगह की जांच करवाएं।
4. दरवाजे की पॉलिश का फूलना या उखड़ना
लकड़ी के दरवाजे पर लगी पॉलिश अगर किसी खास जगह से फूलने, उठने या उखड़ने लगे, तो उसकी वजह पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा नमी, तापमान में बदलाव, पुरानी पॉलिश या लकड़ी की सतह को हुए नुकसान के कारण भी हो सकता है। कुछ मामलों में लकड़ी के भीतर कीटों की गतिविधि भी नुकसान पहुंचा सकती है।
अगर दरवाजे के किसी हिस्से की पॉलिश अचानक खराब होने लगे, तो उस जगह को ध्यान से देखें। विशेष रूप से तब जांच जरूरी है, जब आसपास पानी या नमी की स्पष्ट समस्या न हो और पॉलिश के साथ लकड़ी की सतह भी कमजोर नजर आने लगे। केवल पॉलिश का फूलना दीमक की पुष्टि नहीं करता, लेकिन दूसरे संकेतों के साथ दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
5. चौखट या दीवार के पास मिट्टी जैसी पतली लकीर दिखना
दीमक की पहचान के लिए चौखट और उसके आसपास की दीवार पर नजर डालना भी जरूरी है। जमीन के भीतर रहने वाली कुछ दीमक प्रजातियां लकड़ी तक पहुंचने के लिए मिट्टी और अन्य पदार्थों से बनी पतली सुरंगें तैयार करती हैं। ये सुरंगें दरवाजे की चौखट, दीवार के किनारे या लकड़ी के दूसरे हिस्सों तक जाती हुई दिखाई दे सकती हैं।
अगर चौखट के पास भूरी मिट्टी जैसी लाइन या नलीनुमा संरचना नजर आए, तो उसे ध्यान से जांचें। ऐसी मिट्टी की सुरंगें दीमक की गतिविधि का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती हैं। उन्हें केवल तोड़ देने से समस्या खत्म होना जरूरी नहीं है, क्योंकि कीट दूसरी जगह से फिर रास्ता बना सकते हैं। इसलिए सुरंग दिखाई देने पर उसके आसपास की लकड़ी और दीवार की जांच कराना उचित है।
6. लकड़ी दबाने पर नरम पड़ना या टूटने लगनालकड़ी का कोई हिस्सा हल्का दबाव पड़ने पर नरम महसूस हो या आसानी से टूटने लगे, तो यह नुकसान का गंभीर संकेत हो सकता है। दीमक लंबे समय तक लकड़ी के अंदर सक्रिय रहे, तो उसकी मजबूती घट सकती है। ऐसी स्थिति में बाहर की पतली सतह बची रहने के बावजूद अंदर का हिस्सा कमजोर हो जाता है।
दरवाजे के निचले किनारों, चौखट के पास और उन जगहों को ध्यान से देखें जहां सफाई के दौरान कम ध्यान जाता है। अगर लकड़ी दबाने पर धंसती है, टूटने लगती है या उसकी सतह असामान्य रूप से कमजोर महसूस होती है, तो उसे बार-बार दबाकर जांचने के बजाय विशेषज्ञ से निरीक्षण करवाएं। खासकर दरवाजे या चौखट की मजबूती प्रभावित हो रही हो, तो समय पर जांच कराना जरूरी है।