किचन में खाना बनाते समय दूध उफनकर बाहर आ जाना या पानी का बर्तन छलक जाना आम बात है। कई बार पूरा तरल पदार्थ गैस चूल्हे पर फैल जाता है और बर्नर के आसपास भी पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर गैस बंद करके चूल्हे को कपड़े से पोंछते हैं और कुछ ही देर बाद दोबारा जलाने लगते हैं। लेकिन ऐसा करना जल्दबाजी हो सकती है।
दूध या पानी चूल्हे की सतह के साथ-साथ उसके दूसरे हिस्सों तक भी पहुंच सकता है। ऐसे में केवल ऊपर से सफाई कर देना पर्याप्त नहीं होता। चूल्हे को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले गैस बंद करना, गिरे हुए तरल को अच्छी तरह साफ करना और नमी पूरी तरह सूखने देना जरूरी है। अगर चूल्हा सामान्य तरीके से काम नहीं करता या गैस की गंध आती है, तो उसे जलाने की कोशिश करने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
1. सबसे पहले गैस की सप्लाई बंद करें
अगर चूल्हे पर खाना बनाते समय दूध या पानी उफनकर गिर जाए, तो सबसे पहले गैस बंद करें। इसके बाद चूल्हे को दोबारा जलाने की कोशिश न करें। गिरे हुए तरल पदार्थ को हटाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह सिर्फ ऊपर की सतह पर फैला है या बर्नर और आसपास के हिस्सों तक भी पहुंच गया है। पानी या दूध के फैलने से चूल्हे के कुछ हिस्सों में नमी रह सकती है। इसलिए जल्दबाजी में सफाई करके तुरंत खाना बनाना शुरू न करें। पहले गैस बंद रखें और चूल्हे को सुरक्षित तरीके से साफ करने की तैयारी करें।
2. दूध या पानी को अच्छी तरह साफ करेंगैस बंद करने के बाद चूल्हे की सतह पर फैले दूध या पानी को साफ कपड़े से पोंछ दें। सफाई करते समय बर्नर के आसपास और तरल पदार्थ के फैलने वाली जगहों पर भी ध्यान दें। सिर्फ बीच की सतह को पोंछकर छोड़ देने से आसपास के हिस्सों में नमी या गंदगी रह सकती है।
अगर चूल्हे पर दूध गिरा है, तो उसकी सफाई खास तौर पर अच्छी तरह करें। दूध सूखने के बाद चिपचिपी परत छोड़ सकता है, जिससे बर्नर के आसपास गंदगी जमा हो सकती है। इसलिए दूध के अवशेष को हटाना जरूरी है। सफाई करते समय यह भी ध्यान रखें कि पानी को चूल्हे के दूसरे हिस्सों में फैलाने से बचें। उद्देश्य केवल दिखाई देने वाली गंदगी हटाना नहीं, बल्कि चूल्हे को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उसकी स्थिति सुरक्षित बनाना है।
3. सफाई के तुरंत बाद चूल्हा न जलाएंचूल्हे को कपड़े से पोंछने के बाद तुरंत गैस जलाने की कोशिश न करें। कुछ समय इंतजार करें, ताकि बची हुई नमी सूख सके। कई बार ऊपर की सतह सूखी दिखाई देती है, लेकिन तरल पदार्थ चूल्हे के ऐसे हिस्सों तक पहुंच चुका होता है जहां नमी आसानी से नजर नहीं आती।
इसी वजह से सिर्फ चूल्हे को ऊपर से सूखा देखकर दोबारा इस्तेमाल करना सही नहीं है। उसे पर्याप्त समय दें और सुनिश्चित करें कि संबंधित हिस्से सूखे हों। चूल्हे की सफाई और इस्तेमाल के लिए निर्माता के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है। अगर चूल्हा सामान्य स्थिति में नहीं दिखता या बर्नर के आसपास तरल पदार्थ पहुंचने का संदेह है, तो उसे खुद से चालू करने के बजाय जांच करवाना बेहतर है।
4. चूल्हा नहीं जल रहा तो बार-बार कोशिश न करेंदूध या पानी गिरने के बाद कभी-कभी गैस चूल्हा सामान्य तरीके से नहीं जलता। ऐसी स्थिति में बार-बार इग्निशन चलाने या गैस जलाने की कोशिश करने से बचें। पहले चूल्हे को पर्याप्त समय तक सूखने दें। अगर इसके बाद भी समस्या बनी रहती है, तो चूल्हे के आसानी से हटाए जा सकने वाले हिस्सों, जैसे ग्रेट और नॉब, की स्थिति देखी जा सकती है। हालांकि, ऐसा केवल तभी करें जब निर्माता के निर्देश इसकी अनुमति देते हों और गैस की सप्लाई बंद हो। चूल्हे के अंदरूनी या इलेक्ट्रिकल हिस्सों को खुद खोलकर ठीक करने की कोशिश न करें। यदि चूल्हा सूखने के बाद भी काम नहीं करता, तो किसी योग्य तकनीशियन से उसकी जांच करवाएं। समस्या को समझे बिना बार-बार उसे चालू करना उचित नहीं है।
5. गैस की गंध आए तो चूल्हा बिल्कुल न जलाएंअगर सफाई के बाद गैस की गंध महसूस हो, तो चूल्हे को दोबारा जलाने की कोशिश बिल्कुल न करें। यदि सुरक्षित रूप से संभव हो, तो गैस की सप्लाई बंद करें। माचिस, लाइटर या किसी दूसरे तरीके से आग न जलाएं और बिजली के स्विच या उपकरणों को चालू-बंद न करें। सुरक्षित तरीके से जगह खाली करें और बाहर से गैस सेवा या आपातकालीन सहायता से संपर्क करें। गैस लीक होने की आशंका में खुद चूल्हे की मरम्मत करने या बर्नर खोलने से बचें। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित है।
इसलिए अगली बार गैस पर दूध या पानी गिर जाए, तो घबराकर तुरंत चूल्हा दोबारा जलाने के बजाय पहले गैस बंद करें, फैले हुए तरल को सावधानी से साफ करें और चूल्हे को सूखने का समय दें। अगर गैस की गंध आए या चूल्हा सामान्य तरीके से काम न करे, तो उसे इस्तेमाल करने से पहले जांच करवाएं।