मदिकेरी दक्षिण भारत में एक पहाड़ पर बसा हुआ कस्बा है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।यह समुद्र तल से लगभग 1500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।कर्नाटक के कोडगु जिले का मुख्यालय भी है। मैसूर से 125 किलोमीटर पश्चिम में स्थित मदिकेरी हरे भरे जंगलों एवं काफी के बागानों से भरा पड़ा है। यहाँ एक किला भी है जिसपर कभी टीपू सुल्तान ने भी राज किया था। पास ही में नागरहोल राष्ट्रीय पार्क है जो विविध वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। यहां तक पहुंचने के लिए मंगलौर नजदीकी हवाई अड्डा है जो 135 किलोमीटर है। रेलमार्ग से नजदीकी स्टेशन मैसूर है।आइये जानते हैं यहाँ घूमने की खास जगहों के बारे में। मदिकेरी किला
यह पहले मिटटी का किला हुआ करता था।बाद में टीपू सुल्तान ने इसे पक्का बनाया।इस किले के अंदर लिंगायत शासकों के महल हैं जिनकी वास्तुकला देखने लायक है। राजा की सीट
इस स्थान से राजा ढलते सूर्य को देखा करते थे। यहाँ से दूर दूर तक फैले खेत एवं हरियाली दिखाई देती है।यहाँ देवी मरियम्मा का भी मंदिर है। भागमंडल
दक्षिण की कशी के नाम से मशहूर यह स्थल मदिकेरी से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ एक अन्य स्थान घूमने लायक है जिसे तल कावेरी के नाम से जाना जाता है। यह यहाँ से लगभग 8 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। यहाँ महाविष्णु,सुब्रमनियम एवं गणपतिजी के मंदिर देखने लायक हैं। नागरहोल राष्ट्रीय पार्क
मदिकेरी से लगभग 80 किलोमीटर की दुरी पर यह पार्क स्थित है।यहाँ आपको बहुत से वन्यजीव मिल जायेंगे।पार्क के अंदर का वातावरण बहुत ही शांति देने वाला है।इरप्पू झरना
मदिकेरी से यह स्थान 90 किलोमीटर की दुरी पर है।इस स्थान का सम्बन्ध रामायण से बताया जाता है।यहां पास ही रामतीर्थ नदी बहती है जहाँ प्राचीन शिव मंदिर है।