Mahashivratri 2022 : देश के इन 7 मंदिरों में देखने को मिलता हैं महाशिवरात्रि का भव्य आयोजन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव और मां पार्वती की शादी के उपलक्ष्य में फाल्गुन मास की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता हैं। आज के दिन भक्तगण शिव मंदिरों में पहुंचते हैं और दर्शन करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। महाशिवरात्रि के इस पर्व पर मंदिरों में कई बड़े आयोजन किए जाते हैं और भक्तों में जोश-उमंग-उत्साह देखने को मिलता हैं। आज इस कड़ी में हम आपको देश के कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां महाशिवरात्रि का भव्य आयोजन किया जाता हैं। तो आइये जानते हैं देश के इन शिव मंदिरों के बारे में...
भूतनाथ मंदिर, मंडी Bhootnath Temple Mandi

हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा शहर होने के कारण मंडी शिवरात्रि मनाने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। मंडी का भूतनाथ मंदिर इस उत्सव को बड़े ही उल्लास के साथ मनाता है। लोककथा के अनुसार, लगभग 5वीं शताब्दी से पहले मंडी के शाही परिवार ने महाशिवरात्रि मेले के आयोजन की सप्ताहभर चलने वाली प्रथा की शुरूआत की थी। सोमनाथ ज्योर्तिलिंग मंदिर, वेरावल Shree Somnath Jyotirlinga Temple, Veraval

सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योर्तिंलिंग में से एक है। महाशिवरात्रि के पर्व पर मंदिर को एलईडी लाइटों और फलों से सजाया जाता है। इस पावन पर्व पर लोगों को लाइव दर्शन और शिव पूजा देखने का मौका मिलता है। यहां सोमनाथ मंदिर के पुजारी दूध, शहद, चीनी, घी, दही और पानी से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। भवनात तलेती, जूनागढ़ Bhavnath Taleti Junagadh

जूनागढ़ न केवल गिर नेशनल पार्क के लिए फेमस है, बल्कि यह उन साधुओं का घर भी है जो गिर के जंगल और भवनाथ तलेती में रहते हैं। महाशिवरात्रि के दौरान जूनागढ़ पूरे भारत से आए हजारों लोगों को शिवरात्रि मेले की ओर आकर्षित करता है। यह मेला शिवरात्रि के 5 दिन पहले से शुरू हो जाता है और शिवरात्रि के दिन समाप्त होता है। महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन Mahakaleshwar Temple, Ujjain

मध्यप्रदेश का महाकालेश्वर मंदिर 12 विश्व प्रसिद्ध ज्योर्तिलिंग में शामिल है। यहां पर शिवरात्रि का त्योहार शिप्रा नदी के तट पर मनाया जाता है। महाकाल मंदिर से जुड़ी एक लोककथा के अनुसार, दुशाना नाम के एक राक्षस ने अवंती के रहने वाले लोगों पर अत्याचार किया। तब भगवान शिव जमीन से प्रकट हुए और फिर राक्षस को पीटा। फिर अवंती के लोगों की इच्छा के अनुसार, शिव ने यहां महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग के रूप में एक स्थायी घर ले लिया। नीलकंठ महादेव मंदिर, हरिद्वार Neelkanth Mahadev Temple, Haridwar

हरिद्वार घाटों के लिए जाना जाता है। हर की पौड़ी यहां पूजा करने की सबसे मशहूर जगह है। यहां का नीलकंठ महादेव मंदिर भी भक्तों के बीच काफी मशहूर है। लोग शिवरात्रि के दिन इस मंदिर में भारी संख्या में भोले बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हरिद्वार की एक धार्मिक यात्रा आपको यहां रिवर राफ्टिंग को एन्जॉय करने का मौका भी देती है। उमानंद मंदिर, गुवाहटी Umananda Temple, Guwahati

असम के गुवाहटी में स्थित उमानंद मंदिर में शिवरात्रि का महोत्सव बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। मंदिर ब्रहमपुत्र नदी में मोर द्वीप पर बना हुआ है। देशभर से लाखों भक्त यहां आयोजित होने वाले उत्सव को देखने के लिए गुवाहटी की यात्रा करते हैं। ईशा योग केंद्र, कोयम्बटूर Isha Yoga Center, Coimbatore

ईशा योग केंद्र की स्थापना भारतीय युवा और लेखक सद्गुरु ने की थी। सद्गुरू ने भोलेनाथ की 112 फीट की स्टील की मूर्ति की स्थापना की, जिसे दुनिया में सबसे बड़ी मूर्ति माना जाता है। महाशिवरात्रि के पर्व पर यहां खास उत्सव मनाया जाता है। नृत्य, संगीत, ध्यान के साथ लोग सद्गुरु के साथ गाए गए भजनों का रातभर आनंद लेते हैं।