उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारतीय राजनीति के सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। अपनी सादगी और अनुशासित दिनचर्या के लिए पहचाने जाने वाले योगी आदित्यनाथ सालों से साधारण जीवनशैली का पालन करते आ रहे हैं। उनके खानपान में भी सादे और सात्विक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है। यही वजह बताई जाती है कि 54 साल की उम्र में भी वह अपनी दिनचर्या में सक्रिय रहते हैं और फिटनेस पर ध्यान देते हैं।
सीएम योगी को फिट रहने के लिए घंटों जिम में बिताने या लंबे समय तक एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं पड़ती। उनकी दिनचर्या में कुछ ऐसी आदतें शामिल हैं, जिन्हें वह नियमित रूप से अपनाते हैं। सुबह जल्दी उठना, योग और ध्यान करना, संतुलित शाकाहारी भोजन लेना और समय पर सोना उनकी जीवनशैली का हिस्सा है। इन आदतों के जरिए वह अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच भी दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखते हैं। आइए जानते हैं कि योगी आदित्यनाथ का फिटनेस रूटीन कैसा है और वह दिनभर अपने खानपान व शारीरिक गतिविधियों का किस तरह ध्यान रखते हैं।
सुबह 3 बजे उठकर योग और ध्यान से करते हैं दिन की शुरुआतमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब 3 बजे उठ जाते हैं। यह समय ब्रह्म मुहूर्त के तौर पर भी जाना जाता है। सुबह उठने के बाद वह लगभग एक घंटे योग करते हैं और फिर पूजा-पाठ में समय बिताते हैं। उनकी सुबह की दिनचर्या में ध्यान भी शामिल है, जिसे मेडिटेशन कहा जाता है। योग को उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बताया जाता है। नियमित रूप से योग करने से शरीर की सक्रियता बनाए रखने और लचीलेपन में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, सीएम योगी सुबह टहलने की आदत भी अपनाते हैं। मॉर्निंग वॉक उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। सुबह की सैर के दौरान शरीर को चलने-फिरने का मौका मिलता है। नियमित रूप से पैदल चलना पैरों की गतिविधि बनाए रखने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने का एक आसान तरीका है। इसके लिए जरूरी नहीं कि हर बार जिम जाकर ही व्यायाम किया जाए। योग, ध्यान और टहलने जैसी गतिविधियों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करके भी शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकाला जा सकता है।
सात्विक और शाकाहारी भोजन को देते हैं प्राथमिकतायोगी आदित्यनाथ के फिटनेस रूटीन में खानपान की भी अहम भूमिका बताई जाती है। वह सात्विक और शाकाहारी भोजन करते हैं तथा अपने खाने-पीने की दिनचर्या का ध्यान रखते हैं। उनके नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात के खाने में साधारण घरेलू खाद्य पदार्थ शामिल रहते हैं।
नाश्ते में खाते हैं दलिया, चना और मौसमी फलसीएम योगी सुबह करीब 8 बजे नाश्ता कर लेते हैं। उनके नाश्ते में दलिया, चना, मौसमी फल, पपीता, छाछ और सूखे मेवे शामिल होते हैं। इस तरह उनके सुबह के भोजन में अनाज, फल और अन्य शाकाहारी खाद्य पदार्थों को जगह मिलती है। दलिया और चना जैसे खाद्य पदार्थ रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं, मौसमी फल और पपीता खाने से भोजन में फल शामिल होते हैं। छाछ भी उनके नाश्ते में शामिल रहती है। सूखे मेवे भी उनकी सुबह की डाइट का हिस्सा बताए जाते हैं।
दोपहर के भोजन में रोटी, सब्जी, दाल और चावलयोगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 2 बजे लंच करते हैं। उनके दोपहर के भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल और सलाद शामिल होते हैं। इसके अलावा, वह हल्की खिचड़ी भी खाते हैं। उनका भोजन साधारण और शाकाहारी रहता है। सीएम योगी मसालेदार और तले-भुने खाने से परहेज करते हैं। ऐसी चीजों का अधिक सेवन कुछ लोगों में पेट से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकता है। इसलिए संतुलित खानपान अपनाते समय भोजन की मात्रा, उसकी विविधता और शरीर की जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है।
रात के खाने में नहीं लेते चावलरात के भोजन में योगी आदित्यनाथ दो रोटी, दाल और हरी सब्जियां खाते हैं। उनकी डिनर की दिनचर्या में चावल शामिल नहीं होता। दी गई जानकारी के मुताबिक, वह रात में चावल खाने से बचते हैं क्योंकि उनका मानना है कि रात में चावल आसानी से नहीं पचता और शरीर पर ठंडा प्रभाव डालता है। इसके अलावा, सीएम योगी दिनभर नियमित रूप से स्नैक्स नहीं लेते। वह कई लीटर पानी और नारियल पानी पीते हैं। उनकी खानपान संबंधी दिनचर्या में सादा भोजन और पर्याप्त तरल पदार्थों को जगह दी गई है।
रात 9 बजे से पहले डिनर, 10 से 11 बजे तक सोने की आदतयोगी आदित्यनाथ अपनी दिनचर्या में सोने और जागने के समय का भी ध्यान रखते हैं। वह रात 9 बजे से पहले डिनर कर लेते हैं और इसके बाद करीब 10 से 11 बजे के बीच सो जाते हैं। उनकी बताई गई दिनचर्या के अनुसार, वह रोजाना लगभग 5 से 6 घंटे की नींद लेते हैं। सीएम योगी का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ नींद कम आने लगती है। उनका यह भी कहना है कि सुबह जल्दी उठकर काम करने से शरीर और स्वास्थ्य को फायदा मिलता है। हालांकि, नींद की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और दिनचर्या के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। पर्याप्त नींद लेना भी स्वस्थ जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना उनकी दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखने का हिस्सा है। उनके रोजमर्रा के कार्यक्रम में योग, पूजा-पाठ, टहलना, समय पर भोजन करना और निश्चित समय के आसपास सोना शामिल रहता है।
युवाओं को भी दिया था रोजाना एक घंटा फिटनेस के लिए निकालने का मंत्रयोगी आदित्यनाथ युवाओं को भी अपनी सेहत के लिए समय निकालने की सलाह दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि युवाओं को अपने व्यस्त कार्यक्रम और स्मार्टफोन के इस्तेमाल से समय निकालकर रोजाना कम से कम एक घंटा अपने शरीर को देना चाहिए। उनके मुताबिक, योग, एक्सरसाइज और खेलकूद जैसी गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करके फिट और स्वस्थ रहने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति जिम जाकर मशीनों पर ही कसरत करे। रोजाना कोई खेल खेलना या दौड़ना, पैदल चलना, साइकिल चलाना और तैराकी करना भी शारीरिक गतिविधि के विकल्प हो सकते हैं। सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया था कि फिटनेस के लिए जो भी गतिविधि चुनी जाए, उसे नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके अनुसार, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करने से शरीर सक्रिय रहता है, फिटनेस बनाए रखने में मदद मिलती है और दिमाग भी बेहतर तरीके से काम कर सकता है। उनकी सलाह का मुख्य संदेश यह है कि व्यस्त जीवनशैली के बावजूद अपनी सेहत के लिए समय निकालना जरूरी है। इसके लिए महंगे जिम या विशेष उपकरणों पर निर्भर रहने के बजाय योग, पैदल चलने, दौड़ने, साइकिल चलाने और खेलकूद जैसी गतिविधियों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल किया जा सकता है।