अखरोट को सेहत के लिहाज से एक सुपरफूड माना जाता है और अक्सर इसे “ब्रेन फूड” भी कहा जाता है। लेकिन इसके पूरे पोषण लाभ पाने के लिए इसे खाने का तरीका बेहद अहम हो जाता है। लोग अक्सर इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि अखरोट को सीधे सूखा खाया जाए या रातभर भिगोकर। आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों की मानें तो भीगे हुए अखरोट को अधिक फायदेमंद बताया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भिगोकर खाने से शरीर को क्या लाभ मिलते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
अखरोट को भिगोकर खाने की सलाह क्यों दी जाती है?अखरोट पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन इसमें कुछ ऐसे प्राकृतिक यौगिक भी पाए जाते हैं जिन्हें एंटी-न्यूट्रिएंट्स कहा जाता है। ये तत्व शरीर को सभी पोषक तत्वों को पूरी तरह अवशोषित करने से रोक सकते हैं।
जब अखरोट को पानी में भिगोया जाता है, तो इसमें मौजूद फाइटेट्स और टैनिन की मात्रा कम हो जाती है। कच्चे अखरोट में पाया जाने वाला फाइटिक एसिड और टैनिन शरीर में आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे जरूरी मिनरल्स के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। भिगोने की प्रक्रिया से ये तत्व काफी हद तक कम हो जाते हैं, जिससे शरीर पोषण को बेहतर तरीके से ग्रहण कर पाता है।
इसके अलावा अखरोट में मौजूद एंजाइम इनहिबिटर्स पाचन को धीमा कर सकते हैं। पानी में भिगोने से ये सक्रिय हो जाते हैं, जिससे अखरोट पचाने में हल्का हो जाता है और पेट में भारीपन या गैस जैसी समस्याएं नहीं होतीं। साथ ही इसका कड़वापन भी कम हो जाता है और स्वाद बेहतर महसूस होता है।
अखरोट भिगोने का सही तरीका क्या है?अखरोट का पूरा फायदा पाने के लिए सही तरीका अपनाना जरूरी है। इसके लिए रात को सोने से पहले 2 से 3 अखरोट की गिरी लें और उन्हें एक कप साफ पानी में डालकर ढक दें।
इन्हें कम से कम 6 से 8 घंटे तक भिगोकर रखें। सुबह उठकर सबसे पहले उस पानी को फेंक दें और भीगे हुए अखरोट को अच्छी तरह चबाकर सेवन करें। इस प्रक्रिया से इसके पोषक तत्व शरीर को अधिक आसानी से मिलते हैं।
भीगे हुए अखरोट खाने के प्रमुख फायदेमस्तिष्क के लिए लाभकारीअखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने, याददाश्त बढ़ाने और तनाव कम करने में मदद करते हैं।
हृदय स्वास्थ्य में सुधारयह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक होता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
डायबिटीज में सहायक
अध्ययनों के अनुसार भीगे अखरोट का नियमित सेवन टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
हड्डियों को मजबूत बनाए
इसमें मौजूद अल्फा-लिनोलेनिक एसिड हड्डियों की मजबूती और घनत्व को बढ़ाने में योगदान देता है।
वजन नियंत्रित रखने में मददगारभीगे अखरोट खाने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है।
अखरोट की सही मात्रा कितनी होनी चाहिए?हालांकि अखरोट बेहद पौष्टिक होता है, लेकिन इसका अधिक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में 2 से 3 अखरोट ही पर्याप्त होते हैं।
अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ लोगों को पेट में गर्मी, अपच या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही लेना बेहतर होता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।