खाना खाते समय कभी-कभार जीभ का दांतों के बीच आ जाना आम बात है। लेकिन अगर आपके साथ ऐसा बार-बार हो रहा है, तो इसे सिर्फ जल्दबाजी या लापरवाही मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जीभ पर बार-बार चोट लगने से दर्द, सूजन और खाने-पीने में परेशानी हो सकती है। कई बार पुराना घाव ठीक होने से पहले ही उसी जगह दोबारा चोट लग जाती है, जिससे तकलीफ बढ़ सकती है। जीभ मुंह का संवेदनशील हिस्सा है और खाना चबाने, निगलने के साथ बोलने में भी अहम भूमिका निभाती है। इसलिए इसमें लगातार चोट लगना केवल मामूली परेशानी नहीं हो सकती। इसके पीछे दांतों की बनावट, जीभ में सूजन, पोषक तत्वों की कमी या खाना खाने की आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। ऐसे में बार-बार जीभ कटने के कारणों को समझना जरूरी है।
बार-बार जीभ कटने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
1. दांतों की बनावट में गड़बड़ीअगर आपके दांतों का कोई किनारा नुकीला है, दांत टूटा हुआ है या फिलिंग सही तरीके से नहीं हुई है, तो खाना चबाते समय जीभ बार-बार उससे टकराकर कट सकती है। कई बार दांतों की असमान बनावट के कारण भी जीभ चबाने की प्रक्रिया के दौरान दांतों के बीच आ जाती है।ऐसी स्थिति में डेंटिस्ट से जांच करवाना जरूरी है। डॉक्टर नुकीले किनारों, टूटे दांत या खराब फिलिंग की पहचान करके उचित इलाज बता सकते हैं। समस्या की असली वजह दूर होने पर जीभ को बार-बार चोट लगने की आशंका भी कम हो सकती है।
2. जीभ में सूजन या आकार में बदलावकभी-कभी जीभ में सूजन आने के कारण उसका आकार सामान्य से बड़ा हो जाता है। ऐसी स्थिति में जीभ के दांतों से टकराने या चबाते समय दांतों के बीच आने की संभावना बढ़ सकती है। एलर्जी, संक्रमण, चोट और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं जीभ में सूजन की वजह बन सकती हैं। अगर जीभ में अचानक सूजन आ जाए और इसके साथ सांस लेने या निगलने में परेशानी होने लगे, तो इसे सामान्य समस्या समझकर इंतजार न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है।
3. विटामिन और आयरन की कमी
शरीर में विटामिन बी12, फोलेट और आयरन की कमी का असर जीभ की सेहत पर भी पड़ सकता है। इनकी कमी होने पर जीभ में दर्द, जलन, लालिमा या सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को मुंह में छाले और लगातार थकान या कमजोरी की शिकायत भी हो सकती है। अगर जीभ में बार-बार परेशानी के साथ ये लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर खून की जांच के जरिए पोषक तत्वों की कमी का पता लगा सकते हैं। केवल जीभ कटने के आधार पर किसी विटामिन की कमी मान लेना सही नहीं है।
4. जल्दबाजी में खाना खानाकई बार जीभ कटने की वजह हमारी खाने की आदतें भी होती हैं। जल्दी-जल्दी खाना चबाना, भोजन करते समय लगातार बात करना या खाने पर ध्यान न देना इसकी वजह बन सकता है। ऐसे में जीभ अनजाने में दांतों के बीच आ जाती है और उस पर चोट लग जाती है। अगर आपके साथ कभी-कभार ऐसा होता है, तो धीरे-धीरे खाना खाएं और हर निवाले को अच्छी तरह चबाएं। भोजन करते समय बातचीत कम करने से भी ध्यान खाने पर बना रहता है। लेकिन अगर सावधानी बरतने के बावजूद जीभ बार-बार कट रही है, तो दांतों की बनावट और मुंह की स्थिति की जांच करवाना बेहतर होगा।
जीभ कट जाए तो तुरंत क्या करें?खाना खाते समय जीभ पर हल्का कट लगने पर सबसे पहले मुंह को साफ पानी से धीरे-धीरे कुल्ला करके साफ करें। अगर घाव से खून निकल रहा है, तो साफ गॉज या स्वच्छ कपड़े से उस जगह पर लगातार हल्का दबाव डालें। बार-बार घाव को छूने या दबाव हटाकर देखने से बचें। घाव ठीक होने तक बहुत गर्म, तीखा और खट्टा खाना खाने से परहेज करें, क्योंकि इनसे दर्द और जलन बढ़ सकती है। कुछ समय के लिए नरम भोजन लेना ज्यादा आरामदायक हो सकता है।अगर खून लगातार बह रहा है, कट गहरा है या जीभ में बहुत ज्यादा सूजन और दर्द है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। मुंह से तेज रक्तस्राव बंद न हो या सूजन के कारण सांस लेने में परेशानी हो, तो आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। बार-बार जीभ कटने या घाव ठीक न होने की स्थिति में भी जांच करवाना जरूरी है।