प्रेग्नेंसी के दौरान ना करें ये काम, बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर

प्रेग्नेंसी किसी भी महिला के लिए जीवन में बहुत अहम समय होता है। एक उम्र के बाद हर महिला की चाहत होती है कि वह मां बने। मां बनने के दौरान और इसके बाद महिला के शरीर में कई ऐसे बदलाव होते हैं जो कि पहली बार आते हैं। आमतौर पर प्रेग्नेंसी का पीरियड 9 महीने का होता है। 9 महीने के दौरान महिलाओं को अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान रखना बेहद जरुरी होता है। गर्भावस्था के दौरान अधिकांश महिलाएं अपनी रोजमर्रा के कामों को जारी रख सकती हैं, ऐसे में बच्चे की अच्छी सेहत के लिए उनको बस अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने की जरूरत होती हैं और कुछ खाने की चीजों से बचना होता है। आज हम अपने इस आर्टिकल में कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे है जिनका सेवन प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं करना चाहिए...

अल्कोहल

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए अल्कोहल का सेवन खतरनाक साबित हो सकता है। प्रेग्नेंट महिला का अल्कोहल पीना भ्रूण को प्रभावित कर सकता है। गर्भ में शराब के संपर्क में आने से भ्रूण अल्कोहल सिंड्रोम संबंधित समस्या जैसे शारीरिक दिव्यांगता, दिमागी दिव्यांगता, व्यवहार संबंधी समस्याएं, ग्रोथ होने में देर का सामना कर सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाएं शराब से पूरी तरह बचें।

कैफीन

जिस तरह शराब भ्रूण को प्रभावित कर सकती है उसी तरह कैफीन का सेवन भी भ्रूण को प्रभावित कर सकती है। रिसर्च में सामने आया है कि प्रेग्नेंट महिला अगर रोजाना 300 मिलीग्राम से अधिक कैफीन का सेवन करती है तो भ्रूण कर इसका बुरा असर पड़ता है। एक्सपर्ट का मानना है कि गर्भवती महिलाओं को प्रति दिन 200 मिलीग्राम कैफीन यानी डेढ़ कप कॉफी से अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए।

हॉट बॉथ और ओवरहीटिंग

भले ही गर्म पानी में रिलैक्स करना या उससे नहाना गर्भावस्था की परेशानी को कम कर सकता है लेकिन डॉक्टर्स का मानना है कि हॉट टब हाइपरथर्मिया या असामान्य रूप से शरीर का तापमान बढ़ा देते हैं। इससे बच्चे में कई असामान्यताएं हो सकती हैं इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान हॉट योग या पिलाटीज, देर तक धूप में बैठना, अधिक गर्म जगह पर बैठना या डिहाइड्रेशन से बचना चाहिए।

कुछ तरह की एक्सरसाइज

डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरानएक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं लेकिन कुछ विशेष प्रकार की एक्सरसाइज करने से मना भी करते हैं जैसे जंपिंग एक्सरसाइज, झटका लगने वाली एक्सरसाइज, पहले तीन महीने के बाद सिटअप, क्रंचेज जैसी एक्सरसाइज या हैवी लिफ्टिंग। हालाकि, आप डॉक्टर की सलाह पर चलना, तैरना और स्क्वॉट करना कर सकते हैं।

धूम्रपान

गर्भावस्था के दौरान जैसे अल्कोहल पीने की मनाई है उसी तरह धूम्रपान करना भी बच्चे के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे हार्ट डिसीज और फेफड़े के कैंसर का जोखिम तो बढ़ता ही है साथ ही अगर महिला गर्भवस्था के दौरान स्मोकिंग करती है तो समय से पहले जन्म, जन्मजात असामान्यताएं, अचानक से बच्चे की डेथ होना या प्लेसेंटा की समस्याएं हो सकती हैं। महिलाओं को कोशिश करनी चाहिए कि गर्भावस्था के दौरान धुएं के संपर्क में आने से बचें।

सीधे कॉन्टैक्ट में आने वाले खेल

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स सलाह देते हैं कि प्रेग्नेंट महिलाओं को फुटबॉल या बॉक्सिंग जैसे कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स से बचना चाहिए। इसका कारण है कि कॉन्टेक्ट स्पोर्ट्स से प्लेसेंटल एब्डॉमिनल का खतरा बढ़ जाता है जो कि गर्भाशय की दीवार से प्लेसेंटा को समय से पहले अलग कर देता है। इसके कारण समय से पहले बच्चे का जन्म या अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

खतरनाक राइड करने से बचें

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खतरनाक राइड करने से भी बचना चाहिए। अगर कोई प्रेग्नेंट महिला इम्यूजियम पार्क जा रही है तो उसे रोलर कोस्टर या अन्य कोई भी राइड करने से बचना चाहिए।

तला-भुना न खाएं

प्रेग्‍नेंसी के शुरू में पौष्टिक खाने की आदत डालें। ज्‍यादा तला-भुना खाना आपका बीपी बढ़ा सकता है, पाचन खराब कर सकता है, एसिडिटी बढ़ा सकता है। बाजार की चीजों और फास्‍ट फूड खाने से बचें। ऐसा करने से आप इन्‍फेक्‍शन से दूर रहेंगे।

लंबी दूरी की यात्रा से बचें

प्रेग्‍नेंसी की पहली तिमाही में भ्रूण अस्थिर होता है और गर्भपात का खतरा ज्‍यादा होता है। इसलिए ज्‍यादा देर तक एक ही स्थिति में बैठने, लगातार खड़े रहने और लंबी यात्रा से बचें। झटकों या सफर की थकान हानिकारक साबित हो सकती है।

ध्यान दें

प्रेगनेंसी के समय आप किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती हैं। साथ ही आप हर एक वो कोशिश करती हैं जो आप और आपके शिशु को स्वास्थ्य और तंदुरुस्त रखता है। प्रेगनेंसी के दौरान जीवन में अच्छे बदलाव लाने, व्यायाम और योग करने तथा अपने खान पान पर ध्यान देने के बाद भी आपको डॉक्टर से मिलकर अपनी प्रेगनेंसी का जांच समय समय पर करवाना चाहिए।