लव बाइट या हिक्की आजकल कपल्स के बीच प्यार जताने का एक आम तरीका बन चुका है। इंटीमेसी या फोरप्ले के दौरान जब गर्दन, कंधे या शरीर के किसी हिस्से पर लंबे समय तक दबाव या हल्का काटने जैसा असर बनाया जाता है, तो वहां लाल या नीला निशान बन जाता है, जिसे लव बाइट कहा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि प्यार जताने का यही तरीका कभी-कभी गंभीर खतरा भी बन सकता है। दुनिया में ऐसे कुछ दुर्लभ मामले सामने आए हैं जहां लव बाइट के बाद शरीर में जटिलताएं बढ़ गईं और एक मामले में न्यूजीलैंड में एक युवक की मौत तक की खबर सामने आई थी। इसी वजह से यह समझना जरूरी है कि लव बाइट कब सामान्य है और कब खतरनाक हो सकता है, साथ ही इसके दर्द और निशान से राहत कैसे पाई जा सकती है।
हर लव बाइट खतरनाक नहीं होताज्यादातर मामलों में लव बाइट सामान्य होता है और कुछ घंटों या कुछ दिनों में इसका निशान हल्का होकर खत्म हो जाता है। यह त्वचा के नीचे छोटी रक्त वाहिकाओं में हल्के दबाव के कारण होता है। लेकिन अगर निशान कई दिनों तक बना रहे, उसका रंग लाल से बदलकर गहरा नीला या बैंगनी हो जाए, या वहां लगातार दर्द महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और सतर्क रहना जरूरी हो जाता है।
शरीर पर क्या हो सकता है असर
इस्केमिक स्ट्रोक का खतरागर्दन के क्षेत्र में लंबे समय तक दबाव बनने से वहां मौजूद नाजुक रक्त वाहिकाओं पर असर पड़ सकता है। मेडिकल भाषा में इसे कैरोटिड आर्टरी पर दबाव कहा जाता है। अगर यह रक्त प्रवाह बाधित करता है तो दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो सकती है, जिससे इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
कैरोटिड धमनी को नुकसानगर्दन के दोनों तरफ मौजूद कैरोटिड धमनियां दिमाग तक खून पहुंचाने का काम करती हैं। अगर लव बाइट के दौरान इन पर ज्यादा दबाव पड़ जाए या इनमें सूक्ष्म चोट लग जाए, तो खून का थक्का बनने का खतरा बढ़ सकता है। इससे शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन या गंभीर स्थिति में स्ट्रोक जैसी समस्या हो सकती है।
ब्रेन स्ट्रोक की संभावनाअगर पहले से शरीर में कहीं खून के थक्के मौजूद हों, तो गर्दन पर दबाव बनने से वे थक्के खिसककर दिमाग तक पहुंच सकते हैं। इससे ब्रेन में ब्लड फ्लो अचानक प्रभावित हो सकता है और स्ट्रोक का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में अचानक चक्कर आना, बेहोशी जैसा महसूस होना या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी और सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
नस फटने और ब्लीडिंग का जोखिमकई बार तेज दबाव या बार-बार की गई लव बाइट के कारण अंदरूनी नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे ब्लीडिंग की स्थिति बन सकती है और शरीर का हार्ट रेट या ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। गंभीर मामलों में यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है, इसलिए इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है।
लव बाइट के निशान से राहत कैसे पाएंअगर लव बाइट का निशान बन गया है तो सबसे पहले उस जगह पर बर्फ से हल्की सिकाई करें। इससे सूजन और दर्द कम होने में मदद मिलती है और निशान हल्का पड़ने लगता है। शुरुआती 2 से 3 दिनों तक ठंडी सिकाई फायदेमंद रहती है, इसके बाद गर्म पानी से हल्की सिकाई करने से रक्त संचार बेहतर होता है। दिन में 3 से 4 बार सिकाई करने से जल्दी आराम मिल सकता है। अगर निशान लंबे समय तक बना रहे या दर्द लगातार बढ़ता जाए, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।