शरीर में पथरी कैसे बनती है और कौन सी सबसे ज्यादा खतरनाक होती है?

स्टोन की समस्या पूरी दुनिया में आम हो गई है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। गलत खानपान, पानी की कमी और शरीर में मिनरल्स के असंतुलन की वजह से स्टोन बनने का खतरा रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पथरियां शरीर में आखिर बनती कैसे हैं और सबसे खतरनाक पथरी कौन सी होती है?

पथरी क्या होती है?

पथरी यानी स्टोन शरीर में मौजूद खनिज (Minerals) और अन्य पदार्थों के जमने से बनती है। जब ये तत्व एक साथ जमा होकर सख्त हो जाते हैं, तो यह पथरी का रूप ले लेते हैं। यह आमतौर पर किडनी, गॉलब्लैडर (पित्ताशय), यूरिनरी ट्रैक्ट और पेट में बन सकती है।

पथरी सबसे ज्यादा किन अंगों में बनती है?


किडनी स्टोन (Kidney Stone) – यह सबसे आम होती है और पेशाब में तकलीफ देती है। इसमें पीठ के निचले हिस्से या पेट में असहनीय दर्द हो सकता है।

गॉलब्लैडर स्टोन (Gallbladder Stone) – यह पेट के दाहिने हिस्से में तेज दर्द करती है, खासतौर पर जब कोई वसा युक्त भोजन खाया जाता है।

यूरिनरी ब्लैडर स्टोन (Bladder Stone) – यह यूरिन पास करने में दिक्कत देती है और पेशाब के दौरान जलन या दर्द हो सकता है।

पैंक्रियाज स्टोन (Pancreatic Stone) – यह पाचन तंत्र को प्रभावित करती है और इससे पेट में सूजन और अपच की समस्या हो सकती है।

पथरी बनने के कारण


पानी की कमी: शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी न होने से खनिज और अन्य तत्व गुर्दे में जमा हो जाते हैं और पथरी का निर्माण करते हैं।
गलत खानपान: अधिक नमक, चीनी और प्रोसेस्ड फूड खाने से स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में मिनरल्स का असंतुलन: शरीर में कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड का अधिक मात्रा में जमा होना पथरी का कारण बन सकता है।
अनुवांशिक कारण: अगर परिवार में पहले किसी को पथरी की समस्या रही हो, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है।
अन्य बीमारियां: मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और गैस्ट्रिक संबंधित समस्याएं भी पथरी बनने के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।

पथरी के लक्षण

- पेट या पीठ में अचानक से तेज दर्द
- पेशाब में जलन या खून आना
- बार-बार पेशाब लगना
- मतली या उल्टी आना
- पेट में सूजन और अपच की समस्या


कौन सी पथरी होती है सबसे खतरनाक?


पथरी का समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। कुछ प्रकार की पथरियां बेहद खतरनाक होती हैं और तुरंत मेडिकल अटेंशन की जरूरत होती है।

1. स्टैगहॉर्न किडनी स्टोन (Staghorn Kidney Stone)

- यह पथरी पूरी किडनी को प्रभावित कर सकती है और धीरे-धीरे उसके काम करने की क्षमता को कम कर देती है।
- स्टैगहॉर्न स्टोन किडनी के भीतरी हिस्से में फैलकर उसे जाम कर देती है, जिससे यूरिन का सही से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
- यह आमतौर पर संक्रमण से जुड़ी होती है और सर्जरी के बिना इसे हटाना मुश्किल होता है।
- समय पर इलाज न किया जाए, तो यह किडनी फेलियर (Kidney Failure) का कारण बन सकती है।

2. गॉलब्लैडर स्टोन (Gallstones)

- गॉलब्लैडर स्टोन तब बनती है जब पित्त (Bile) में कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन और अन्य तत्वों का असंतुलन हो जाता है।
- यदि यह बाइल डक्ट (Bile Duct) को ब्लॉक कर दे, तो यह गंभीर इंफेक्शन, पैंक्रियास डैमेज, और लिवर की समस्या पैदा कर सकती है।
- अगर स्टोन छोटी हो तो कुछ घरेलू उपचार और दवाओं से इसे ठीक किया जा सकता है, लेकिन अगर यह बड़ी हो जाए, तो सर्जरी ही एकमात्र उपाय होता है।
- लक्षणों में तेज पेट दर्द, उल्टी, बुखार, और पीलिया (Jaundice) शामिल हैं।

3. यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stone)


- यह पथरी मुख्य रूप से अधिक प्रोटीन युक्त डाइट, मोटापा, और डीहाइड्रेशन की वजह से बनती है।
- यूरिन में यूरिक एसिड की अधिक मात्रा जब क्रिस्टल बनाकर जमने लगती है, तो यह यूरिक एसिड स्टोन का रूप ले लेती है।
- यह गंभीर दर्द, यूरिन में जलन, ब्लड इन यूरिन, और पेशाब करने में कठिनाई का कारण बन सकती है।
- अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह किडनी डैमेज और क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का कारण बन सकती है।

4. पैंक्रियाटिक स्टोन (Pancreatic Stone)

- यह पथरी पाचन तंत्र पर बुरा असर डालती है और पैंक्रियाज की कार्यक्षमता को बाधित कर सकती है।
- यह ज्यादातर शराब के अत्यधिक सेवन, हाई-प्रोटीन डाइट और आनुवंशिक कारणों से होती है।
- लक्षणों में भूख न लगना, पेट में गंभीर जलन और दर्द, उल्टी, और वजन कम होना शामिल हैं।
- यदि पथरी बड़ी हो जाए, तो यह डायबिटीज, पैंक्रियाटाइटिस (Pancreatitis) और पाचन संबंधी कई अन्य समस्याओं का कारण बन सकती है।