नींद के लिए अब नहीं पड़ेगी दवाइयों की जरूरत, लें इन 10 उपायों की मदद

स्वस्थ शरीर के लिए जितना जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर भोजन है, उतना ही आवश्यक भरपूर नींद भी है। यह हमारे शरीर और मस्तिष्क को आराम देती है और हमें ऊर्जा प्रदान करती है जो कि स्वस्थ जीवन जीने के लिये आवश्यक है। गहरी नींद में शरीर के ऊतक फिर से जीवंत होते हैं। लेकिन आज के समय में अनिद्रा की समस्या बहुत बढ़ती जा रही हैं। अधूरी या गहरी नींद न होने के कारण व्यक्ति में दुख, दुर्बलता, कमजोरी, आलस्य जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। नींद की कमी से हृदय रोग, किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कई लोग नींद के लिए दवाइयों का सेवन करने लगते हैं जिसके परिणाम बेहद घातक साबित हो सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आपको आराम की नींद मिल पाएगी। आइये जानते हैं इन उपायों के बारे में...

सेब का सिरका

सेब साइडर सिरका में अमीनो एसिड होता है जो थकान को राहत देता है। साथ ही, यह फैटी एसिड को तोड़ने में मदद करता है। इसके लिए दो चम्मच सेब का सिरका और शहद को एक ग्लास गर्म पानी में मिलाएं। अब इस मिश्रण को सोने से पहले जरूर पियें। इसके अलावा आप एक कप शहद में दो चम्मच सेब का सिरका मिला लें। अब इस मिश्रण का एक चम्मच पानी के साथ या बिन पानी के भी ले सकते हैं। बच्चों के लिए आप दो चम्मच शहद को पानी में डालकर भी दे सकते हैं।

अश्वगंधा
प्राचीनकाल से अश्वगंधा हमारे जीवन में महत्वीपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह एक औषधीय में उपयोग करने वाला एक पेड़ माना जाता है। तनाव, चिंता, थकावट, नींद की कमी जैसी समस्यों का कारगर इलाज अश्वमगंधा से किया जा सकता है। अश्वगंधा और सर्पगंधा बराबर मात्रा में पीस कर इसका चूर्ण बना लें। रात को सोने से पहले चार से पांच ग्राम चूर्ण 1 गिलास पानी के साथ लें। इसके अलावा अश्वगंधा, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, शतावरी, मुलेठी, आँवला, जटामांसी और खुरासानी अजवायन इन सबको 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें। रात में सोने से इस चूर्ण को 5 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ लें। इस आयुर्वेदिक दवा से आपको अच्छी और गहरी नींद मिलेगी।

जायफल

गर्म दूध का सेवन तो फायदेमंद है ही और अगर इसमें जायफल पाउडर मिलाकर पिएंगे तो अनिद्रा की समस्या भी दूर होगी। सोने से पहले एक कप गर्म दूध में जायफल का पाउडर मिलाकर पिएं। चाहें तो फलों के जूस में भी जायफल मिलाकर सोने से पहले इसे पिया जा सकता है।

चेरी

चेरी में प्रचुर मात्रा में मेलाटोनिन होता है जोकि शरीर के आंतरिक चक्र को नियमित करने में मदद करता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोने से पहले एक मुट्ठी चेरी का सेवन अच्छी नींद लेने में मददगार साबित होता है। चेरी को जूस के रूप में भी लिया जा सकता है या फिर फ्रेश चेरी नहीं मिलने पर फ्रोजन चेरी भी फायदेमंद साबित होगी।

जीरा

जीरा औषधीय गुणों के साथ आपके पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में मदद करता है। पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसका उपयोग नींद को प्रेरित करने के लिए किया गया है। एक क्रश केले में एक चम्मच जीरे पाउडर को मिलाये और सोने से पहले इस मिश्रण को खा लें। आपके पास जीरे का पाउडर नहीं है तो आप जीरे को भूनकर और फिर उसे पीसकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

केसर

नींद का इलाज करना है तो केसर भी काम आ सकती है। एक कप गर्म दूध में दो चुटकी केसर मिलाकर इसे पिएं। केसर में ऐसे घटक मौजूद होते हैं जो प्रतिरक्षा तंत्र को फायदा पहुंचाते हैं।

केला

केले में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो मांस-पेशि‍यों को तनावमुक्त करते हैं । इसमें मौजूद मैग्निेशि‍यम और पोटैशि‍यम अच्छी नींद को बढ़ावा देते हैं। साथ ही ये विटामिन बी6 का भी एक अच्छा माध्यम है जो सोने से जुड़े हार्मोन्स के स्त्रावण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

मेथी का जूस

मेथी चिंता, अनिद्रा, और चक्कर आने की समस्या को दूर करती है। दो चम्मच मेथी के पत्तों का जूस और एक चम्मच शहद को अच्छी तरह से मिला लें। अब इस मिश्रण का सेवन रोज़ाना करें।

गर्म दूध

दूध में ट्रिपटोपॉन होता है जो कि नींद को बढ़ाने में मदद करता है। रोजाना गर्म दूध का सेवन करने से अच्छी नींद आती है। इस्तेमाल के लिए एक कप गर्म दूध में आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर सोने से पहले पी लें।

कैमोमाइल

यह लम्बे समय से नींद के लिए बहुत फायदेमंद है। कैमोमाइल चाय अनिद्रा के लिए एक प्रसिद्ध प्राकृतिक घरेलू उपाय है। हालांकि सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन अध्ययनों के अनुसार कैमोमाइल में एपिजेनिन नामक यौगिक पाया जाता है जो अनिंद्रा के लिए बेहद प्रभावी होता है।