क्या हादसे में जलने से हो गया हैं घाव, इन 7 घरेलू उपायों से मिलेगी राहत

दैनिक जीवन में कई बार ऐसे हादसे हो जाते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। देखा जाता हैं कि कई बार हादसों में शरीर जल जाता हैं जिसके बाद घाव बन जाता हैं और त्वचा में जलन भी होती हैं। आमतौर पर गृहणियों के साथ जलने के छोटे हादसे होते रहते हैं। ऐसे में आज हम आपके लिए कुछ ऐसे घरेलू उपाय लेकर आए हैं जिनकी मदद से इन छोटे घाव का उपचार घर पर ही किया जा सकता हैं। लेकिन जब यह घाव बड़ा हो तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। तो आइये जानते हैं इन घरेलू नुस्खों के बारे में।

शहद

त्वचा का जलना एक प्रकार की ऑक्सीडेटिव इंजरी होती है और वहां फ्री रेडिकल्स का प्रभाव बढ़ जाता है, जो घाव के दाग का कारण बनते हैं। शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं। साथ ही, जली हुई त्वचा पर शहद के उपयोग से दर्द और जलन में आराम मिलता है और घाव को जल्दी भरने में मदद मिलती है। शहद को जली हुई प्रभावित त्वचा पर लगाएं। इस उपाय को दिन में कम से कम तीन बार करें।

एसेंशियल ऑयल

लैवेंडर ऑयल को जलने के उपचार के लिए प्रभावी माना गया है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन को कम कर सकते हैं और घाव भरने का काम करते हैं। रूई की मदद से लैवेंडर ऑयल को जले हुए प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। पूरी तरह से आराम न मिल जाने तक इसे दिन में दो से तीन बार लगा सकते हैं।

एलोवेरा

जलने पर घरेलू उपचार करने के लिए एलोवेरा का उपयोग कर सकते हैं। जली हुई त्वचा को ठीक करने में एलोवेरा सीधे तौर पर काम कर सकता है। साथ ही एलोवेरा में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और एंटीसेप्टिक गुण घाव को जल्दी भरने में मदद कर सकते हैं। एलोवेरा जेल को अच्छी तरह जले हुए प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहरा सकते हैं।

बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा का उपयोग भी जलन की स्थिति को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है। एक रिसर्च के अनुसार बेकिंग सोडा का उपयोग गर्दन और ठुड्डी पर छोटे-छोटे जलने के घाव पर किया गया। इसके परिणाम में पाया गया कि जलने के प्राथमिक उपचार में बेकिंग सोडा को उपयोगी माना जा सकता है। बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को जली हुई प्रभावित त्वचा पर लगाएं। इस उपाय को दिन में कम से कम तीन बार करें।

नारियल का तेल

जलने पर घरेलू उपचार करने के लिए नारियल तेल एक कारगर हीलिंग एजेंट के रूप में काम कर सकता है। नारियल का तेल घाव को संक्रमण से बचाकर उसे जल्द भरने में मदद कर सकता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो घाव को जल्दी भरने में सहायता कर सकते हैं। अपनी उंगलियों की मदद से नारियल तेल को जली हुई त्वचा पर लगाएं। तेल को घाव में अवशोषित होने दें। इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार कर सकते हैं।

ओटमील

जलने पर उपचार के रूप में ओटमील का भी उपयोग कर सकते हैं। ओटमील के एंटी इंफ्लेमेटरी गुण और एंटीइच गुण होते हैं, जो घाव पर हुई सूजन और खुजली को कम करने में मदद करते हैं। जलने की वजह से अक्सर त्वचा रूखी पड़ जाती है। इसके लिए ओटमील के एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं, जो जली हुई त्वचा का रूखापन और खुजली को दूर करने में मदद कर सकते हैं। एक बाउल पानी में कुछ देर के लिए एक बड़ा चम्मच ओटमील भिगो कर रख दें। कुछ देर बाद पानी को छान लें।
इस पानी को रूई की मदद से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। जब तक घोल अपने आप रूई से सूख न जाए, तब तक रूई को घाव पर लगे रहने दें। अंत में गुनगुने पानी में एंटीसेप्टिक लिक्विड की कुछ बूंदें मिलाकर उसकी मदद से घाव से रूई को निकाल लें।

शुद्ध घी

इस घरेलू उपाय को सेकंड डिग्री बर्न के लिए उपयोग किया जा सकता है। शहद के बारे में तो आप जान चुके हैं कि इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो घाव पर संक्रमण को होने से रोकते हैं और उसे जल्द भरने में मदद करते हैं। शहद के साथ घी का उपयोग करने से उसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। घी में वूंड हीलिंग गुण होते हैं, जो घाव को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं और त्वचा की चमक को बढ़ाते हैं। एक बाउल में घी और शहद दोनों सामग्रियों को अच्छी तरह मिला लें। अपनी उंगली की मदद से घी को जली हुई त्वचा पर लगाएं।
15 मिनट के बाद धो लें। पूरी तरह आराम न मिल जाने तक इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं।