कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है? कम करने में मदद करती हैं ये 5 देसी चीजें

खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा हुआ हो, तो खान-पान में बदलाव करना दिल की सेहत का ध्यान रखने का एक अहम तरीका हो सकता है। खासतौर पर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा स्तर धमनियों में वसा जमा होने और हृदय रोग का जोखिम बढ़ने से जुड़ा है। ऐसे में केवल तली-भुनी चीजें कम करना ही नहीं, बल्कि रोज के भोजन में फाइबर से भरपूर अनाज, दालें, फल, सब्जियां, मेवे और अच्छे वसा वाले खाद्य पदार्थ शामिल करना भी जरूरी है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी की सलाह भी संतृप्त वसा कम करने और पौधों से मिलने वाले पोषक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने पर जोर देती है। कोई एक घरेलू चीज बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को तुरंत या पूरी तरह खत्म नहीं करती। हालांकि, संतुलित आहार में कुछ खाद्य पदार्थ शामिल करने और अधिक संतृप्त वसा वाली चीजों की जगह बेहतर विकल्प चुनने से LDL के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। यहां ऐसे पांच विकल्प हैं जिन्हें रोजमर्रा के भोजन में शामिल किया जा सकता है।

1. ओट्स और दलिया

ओट्स में घुलनशील फाइबर होता है, जिसे बीटा-ग्लूकन कहा जाता है। यह पाचन तंत्र में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने में मदद कर सकता है। इसके कारण शरीर को रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल का इस्तेमाल करने और उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया में सहायता मिलती है। जौ में भी घुलनशील फाइबर पाया जाता है। नाश्ते में ओट्स या दलिया लिया जा सकता है। इसे बनाते समय बहुत अधिक मक्खन, मलाई, घी या चीनी डालने से बचें। नमकीन दलिया में सब्जियां मिलाना भी एक विकल्प है। ध्यान रखें कि फाइबर का सेवन धीरे-धीरे बढ़ाएं और पर्याप्त पानी पिएं।

2. दालें, चना और राजमा

दाल, चना, मटर और राजमा जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें भोजन में शामिल करने से अधिक संतृप्त वसा वाले मांस या दूसरी चीजों पर निर्भरता कम की जा सकती है। दालों और अन्य फलियों से भरपूर खान-पान को LDL कम करने में मददगार माना जाता है। आप रोज के खाने में अरहर, मूंग, मसूर या चने की दाल ले सकते हैं। राजमा और छोले भी अच्छे विकल्प हैं। इन्हें कम तेल में पकाएं और स्वाद बढ़ाने के लिए मसालों तथा सब्जियों का इस्तेमाल करें। अधिक तेल, घी या मलाई डालने से भोजन में संतृप्त वसा बढ़ सकती है।

3. अलसी के बीज


अलसी में फाइबर और अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) नाम का पौधों से मिलने वाला ओमेगा-3 वसा अम्ल पाया जाता है। फाइबर से भरपूर बीज संतुलित आहार का उपयोगी हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, अलसी कोलेस्ट्रॉल का इलाज नहीं है और इसका असर व्यक्ति के खान-पान तथा स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। अलसी को हल्का पीसकर दही, दलिया या आटे में थोड़ी मात्रा में मिलाया जा सकता है। बीजों को पीसने से उनके पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना आसान हो सकता है। शुरुआत कम मात्रा से करें और यदि आप कोई नियमित दवा लेते हैं या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो अधिक मात्रा में अलसी लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
4. अखरोट और बादाम

अखरोट और बादाम जैसे मेवों में असंतृप्त वसा, फाइबर और दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतृप्त वसा की जगह असंतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ लेने से LDL को कम करने में मदद मिल सकती है। शोध में मेवों को हृदय के लिए बेहतर खान-पान का हिस्सा माना गया है। रोजाना सीमित मात्रा में बिना नमक वाले मेवे खाए जा सकते हैं। इन्हें नाश्ते या दो भोजन के बीच हल्के आहार के रूप में लें। मेवों में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा खाना उचित नहीं है। तले हुए, अधिक नमक वाले या चीनी की परत चढ़े मेवों की जगह सादे विकल्प चुनें।

5. फल और सब्जियां

सेब, संतरा, भिंडी, बैंगन और दूसरी फाइबर वाली सब्जियां तथा फल संतुलित आहार में उपयोगी हैं। इनमें मौजूद घुलनशील फाइबर LDL को कम करने में सहायता कर सकता है। फल और सब्जियां खाने से भोजन में फाइबर बढ़ाने के साथ कई जरूरी विटामिन और खनिज भी मिलते हैं। मौसमी फल साबुत खाएं और सब्जियों को रोज के भोजन में शामिल करें। फलों का रस पीने के बजाय साबुत फल खाना बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि उसमें फाइबर बना रहता है। सब्जियों को बहुत अधिक तेल में तलने या उन पर ज्यादा मक्खन डालने से बचें।

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए किन चीजों का सेवन घटाएं?


केवल अच्छी चीजें खाने से ही बात पूरी नहीं होती। यह भी जरूरी है कि भोजन में संतृप्त और ट्रांस वसा की मात्रा कम रखी जाए। मक्खन, घी, मलाई, अधिक वसा वाला मांस और पाम या नारियल तेल से बने कुछ खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन LDL बढ़ा सकता है। इनके स्थान पर सीमित मात्रा में असंतृप्त वसा वाले तरल वनस्पति तेल इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके साथ नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन बनाए रखना और समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना भी महत्वपूर्ण है। यदि जांच में LDL काफी बढ़ा हुआ है या आपको मधुमेह अथवा हृदय रोग का जोखिम है, तो केवल खान-पान पर निर्भर न रहें। कुछ लोगों को कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए दवाओं की भी जरूरत होती है। डॉक्टर की सलाह के बिना निर्धारित दवा बंद न करें।