बुखार के साथ शरीर पर पड़ रहे लाल चकत्ते, क्या यह डेंगू का संकेत है? जानें कब जरूरी है जांच

बुखार के साथ शरीर पर लाल चकत्ते या दाने निकलना डेंगू के लक्षणों में शामिल हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार डेंगू में तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, केवल बुखार और लाल चकत्तों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति को डेंगू ही है।

डेंगू में कब दिख सकते हैं लाल चकत्ते

CDC के अनुसार डेंगू के बुखार वाले चरण में त्वचा पर लाल चकत्ते या मैक्युलोपैपुलर रैश दिखाई दे सकता है। कुछ लोगों में बीमारी की शुरुआत के पहले 24 से 48 घंटे में चेहरे पर लालिमा भी देखी जा सकती है। डेंगू के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के कुछ दिनों बाद शुरू होते हैं और बुखार सामान्य तौर पर 2 से 7 दिन तक रह सकता है।

WHO के मुताबिक डेंगू के लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 4 से 10 दिन बाद शुरू हो सकते हैं। ज्यादातर मरीजों में बीमारी हल्की रहती है और वे एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर रूप ले सकती है।

सिर्फ लाल चकत्ते देखकर डेंगू की पुष्टि नहीं

बुखार और त्वचा पर लाल दाने कई दूसरी बीमारियों में भी हो सकते हैं। इसलिए केवल चकत्तों को देखकर डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती। CDC के अनुसार डेंगू की पुष्टि के लिए रक्त जांच की जा सकती है और डॉक्टर लक्षणों के साथ अन्य समान संक्रमणों की संभावना को भी देखते हैं।

WHO की डेंगू केस परिभाषा में बुखार के साथ चकत्ते, मतली या उल्टी, शरीर में दर्द और कुछ अन्य लक्षणों को संभावित डेंगू के संकेतों में शामिल किया गया है। प्रयोगशाला जांच से इसकी पुष्टि की जा सकती है।

बुखार उतरने के बाद भी रहें सतर्क

डेंगू में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि गंभीर बीमारी के चेतावनी संकेत कई बार बुखार कम होने के आसपास या उसके बाद दिखाई देते हैं। WHO के अनुसार गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी, तेज सांस लेना, नाक या मसूड़ों से खून आना, उल्टी या मल में खून, अत्यधिक कमजोरी और बेचैनी जैसे लक्षण गंभीर डेंगू के संकेत हो सकते हैं।

CDC भी चेतावनी देता है कि गंभीर डेंगू कुछ ही घंटों में विकसित हो सकता है। पेट में दर्द या छूने पर दर्द, 24 घंटे में कम से कम तीन बार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, खून की उल्टी, मल में खून या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत होती है।
सितंबर में कई राज्यों में बढ़ रहे डेंगू के मामले

23 सितंबर 2026 की रिपोर्टों में कई राज्यों में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पंजाब के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 21 सितंबर तक राज्य में 451 पुष्ट डेंगू मामले सामने आए थे और 23 में से 21 जिलों में संक्रमण दर्ज किया गया था।

अहमदाबाद में नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार 1 से 20 सितंबर के बीच 496 डेंगू मामले दर्ज किए गए। शहर में इस साल 1 जनवरी से 20 सितंबर तक कुल 1,084 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें करीब 46 प्रतिशत मामले सितंबर के पहले 20 दिनों में सामने आए।

तमिलनाडु में भी स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16 सितंबर तक इस साल डेंगू के 16,334 मामले दर्ज किए गए थे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे मानसून के दौरान होने वाले मौसमी उतार-चढ़ाव से जोड़ा है।

डेंगू का शक हो तो क्या करें

बुखार के साथ लाल चकत्ते, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, मतली या उल्टी जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। डेंगू की पुष्टि केवल लक्षण देखकर नहीं की जानी चाहिए।

CDC के अनुसार डेंगू की स्थिति में आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है। बुखार या दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इनसे रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है।

नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। बुखार के साथ लाल चकत्ते होने पर खुद से डेंगू की पुष्टि या इलाज न करें; खासकर खून आना, तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।