सोने से पहले लौंग का पानी पीने का चलन बढ़ा, जानिए पाचन और सेहत पर क्या हो सकता है असर

लौंग का पानी इन दिनों घरेलू स्वास्थ्य उपायों में काफी चर्चा में है। कई लोग रात को सोने से पहले कुछ लौंग पानी में भिगोकर या उबालकर इसका सेवन करते हैं और इसे पाचन, पेट की परेशानी, सूजन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और ब्लड शुगर के लिए फायदेमंद बताते हैं। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि रात में सोने से पहले लौंग का पानी पीने के किसी खास अतिरिक्त फायदे के मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। लौंग में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों पर जरूर शोध हुआ है, लेकिन इन अध्ययनों के नतीजों को सीधे घर पर तैयार किए गए लौंग के पानी पर लागू नहीं किया जा सकता।

लौंग में ऐसा क्या होता है?

लौंग में यूजेनॉल नाम का एक प्रमुख प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है। इसके अलावा लौंग में पॉलीफेनॉल और दूसरे पौधों से मिलने वाले यौगिक होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि देखी गई है। प्रयोगशाला और कुछ मानव अध्ययनों में लौंग के अर्क से जुड़े अलग-अलग प्रभावों का अध्ययन किया गया है। हालांकि, इन अध्ययनों में अक्सर मानकीकृत अर्क या अधिक केंद्रित उत्पाद इस्तेमाल किए गए थे, जबकि घर पर तैयार लौंग के पानी में सक्रिय यौगिकों की मात्रा निश्चित नहीं होती।

पाचन में मदद मिल सकती है?

लौंग का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक रूप से पाचन संबंधी परेशानी में किया जाता रहा है। हाल की स्वास्थ्य रिपोर्टों में विशेषज्ञों ने बताया है कि लौंग में मौजूद यूजेनॉल पाचन तंत्र से जुड़े कुछ जैविक प्रभावों से जुड़ा हो सकता है। कुछ लोगों को गर्म लौंग का पानी पीने के बाद पेट हल्का महसूस हो सकता है। लेकिन इसे गैस, अपच, एसिडिटी या पेट की किसी बीमारी का इलाज मानना सही नहीं होगा। लौंग के पानी पर सीधे किए गए अच्छे स्तर के मानव अध्ययन अभी सीमित हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को लगातार पेट दर्द, उल्टी, सीने में जलन या पाचन संबंधी दूसरी परेशानी रहती है, तो केवल लौंग के पानी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

एंटीऑक्सीडेंट गुणों से मिल सकता है फायदा

लौंग में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल और यूजेनॉल में एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि देखी गई है। कुछ शोधों में लौंग के मानकीकृत अर्क का इस्तेमाल करके शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से जुड़े संकेतकों पर असर देखा गया है। एक मानव अध्ययन में 250 मिलीग्राम मानकीकृत लौंग पॉलीफेनॉल अर्क को 30 दिनों तक देने पर कुछ एंटीऑक्सीडेंट संकेतकों में बदलाव देखा गया था। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रात को घर में तैयार किया गया एक गिलास लौंग का पानी उसी तरह का प्रभाव देगा। अर्क और साधारण लौंग के पानी की मात्रा और संरचना अलग होती है।
ब्लड शुगर को लेकर क्या पता है?

लौंग और ब्लड शुगर के बीच संबंध पर भी शोध हुआ है। 2019 के एक छोटे पायलट अध्ययन में 13 स्वस्थ और प्री-डायबिटिक लोगों को 30 दिनों तक पानी में घुलनशील पॉलीफेनॉल युक्त लौंग का अर्क दिया गया था। अध्ययन में भोजन से पहले और भोजन के बाद ब्लड ग्लूकोज के कुछ स्तरों में कमी देखी गई। हालांकि यह छोटा अध्ययन था और इसमें सामान्य लौंग का पानी नहीं बल्कि एक विशेष लौंग अर्क इस्तेमाल किया गया था। इसलिए इस अध्ययन के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि रात को लौंग का पानी पीने से डायबिटीज नियंत्रित हो जाती है। खासकर डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को अपनी दवा की जगह किसी घरेलू पेय का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

क्या रात में पीने से ज्यादा फायदा होता है?

इस सवाल का जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध शोध में ऐसा मजबूत प्रमाण नहीं है कि लौंग का पानी सुबह पीने की तुलना में रात को सोने से पहले पीने पर कोई विशेष स्वास्थ्य लाभ देता है। कुछ लोगों को रात में गर्म पेय पीने से आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इसे लौंग के किसी खास चिकित्सीय प्रभाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

लौंग का पानी कैसे तैयार करें?

इसे बनाने का एक सामान्य घरेलू तरीका है कि करीब 2–3 साबुत लौंग को एक कप पानी में रातभर भिगोकर रखा जाए और अगले दिन छानकर पानी पिया जाए। कुछ लोग लौंग को पानी में कुछ मिनट हल्का उबालकर भी इसका सेवन करते हैं। अलग-अलग स्रोतों में मात्रा और बनाने का तरीका अलग मिलता है, क्योंकि लौंग का पानी कोई मानकीकृत चिकित्सीय उत्पाद नहीं है।

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?

लौंग प्राकृतिक मसाला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अधिक मात्रा में इसका सेवन सभी के लिए सुरक्षित है। लौंग में मौजूद यूजेनॉल रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसलिए खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले या रक्तस्राव से जुड़ी समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान लौंग के अधिक मात्रा वाले उत्पादों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वालों को भी सावधानी की जरूरत हो सकती है, क्योंकि लौंग के कुछ अर्क पर ब्लड शुगर से जुड़े प्रभाव देखे गए हैं। किसी सर्जरी से पहले भी लौंग के अधिक मात्रा वाले उत्पादों का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

लौंग का तेल और लौंग का पानी एक जैसे नहीं हैं। खास तौर पर लौंग के तेल में यूजेनॉल की मात्रा काफी अधिक हो सकती है और इसे निगलना नुकसानदायक हो सकता है। बड़ी मात्रा में यूजेनॉल के सेवन से गंभीर विषाक्त प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए रात को सोने से पहले लौंग का पानी पीने को एक सामान्य घरेलू पेय के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज, शरीर को डिटॉक्स करने का तरीका या वजन घटाने का प्रमाणित उपाय मानने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।