बढ़ाना चाहते है श्रृंगार का आकर्षण, विभिन्न राज्यों के चूड़े बनाएंगे काम आसान

हमारे देश में परंपराओं को विशेष महत्व दिया जाता है। भले ही आज का दौर फैशन (Fashion) का हो, लेकिन हर राज्य में अलग-अलग तरह के चूड़े को पहना जाता है। विवाहित महिलाओं को तो यह परंपराए (Ritual) मनानी होती है। ऐसे में जब उन्हें अपनी शादी में चूड़ियां पहननी होती है, तो वह अच्छी तरह से जानती हैं कि उन्हें किस तरह के चूड़े को कैरी करना है। आज हम आपको ऐसे ही अलग-अलग तरह के चूड़ो के बारे में बताने जा रहे है, जो हमारे देश में अलग- अलग राज्यों में पहने जाते हैं।

महाराष्ट्र (Maharashtra)

यहां पर दुल्हन हरे रंग की चूड़ियां पहनती है, जो कि नए जीवन और प्रजनन क्षमता का प्रतीक होते हैं।

गुजरात (Gujarat)

गुजरात में सफेद, हरे और लाल रंग की चूड़ियां पहननी जाती है, जिस पर काफी अच्छा काम होता है। यह चूड़े दुल्हन को उसकी मां देती है, जो कि काफी शुभ माना जाता है।

पंजाब (Punjab)

पंजाबी दुल्हन हाथी के दांत से बनाया गया लाल रंग का चूड़ा पहनती हैं और विवाह के बाद इस चूड़े को लड़की 6 महीने से 1साल तक नहीं उतारती हैं।

बंगाल (Bengal)

बंगाली दुल्हन को सफेद और लाल रंग के चूड़े पहनने होते हैं। इस चूड़े को स्थानीय लोग शाखा व पोला के नाम से पुकारते हैं। यह रस्म सात वैवाहिक महिलाओं के द्वारा निभाई जाती है।

मलयाली (Malayalam)

मलयाली दुल्हन अपनी शादी में ऊपर से नीचे तक सोने के गहनों में लदी रहती है। इसी के साथ उनकी चूड़िया भी सोने की ही होती हैं

साउथ इंडियन (South Indian)

साउथ इंडियन लोगों को सोना बेहद पसंद होता है, जिसके कारण वह अक्सर सोने के कड़ों के साथ ही रंग बिरंगी कांच की चूड़ियां अपनी शादी में पहनती हैं।