टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद सामने आया वीडियो, शरीर पर दिखे चोटों के निशान

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की घटना के बाद उनकी टीम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें अभिनेता के शरीर पर चोट और खरोंच के निशान दिखाई दे रहे हैं। टीम ने इस घटना को जानलेवा स्थिति बताते हुए अभिनेता के सुरक्षित रहने पर भगवान का शुक्रिया अदा किया। वीडियो के साथ ‘God Is Kind’ यानी ‘भगवान दयालु हैं’ का संदेश भी लिखा गया। यह घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। उस समय टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे। उनकी कार पर फायरिंग की गई, जिसमें अभिनेता बाल-बाल बच गए। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जुहू में शाम करीब 7 बजे हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे। इसी दौरान उनकी कार को निशाना बनाकर फायरिंग की गई। इस घटना में टाइगर सुरक्षित रहे, लेकिन उनके ड्राइवर और एक राहगीर के घायल होने की जानकारी सामने आई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुरुवार को सभी आरोपियों को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जिसे किला कोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। अदालत ने चारों आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

अनिल पंडित को पुलिस ने बताया फरार आरोपी

फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस ने अनिल पंडित को फरार आरोपी बताया है। पुलिस ने अदालत में दलील दी कि टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी अनिल पंडित के कहने पर की गई थी। मामले में पुलिस की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों को अदालत के आदेश के बाद पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

फर्जी खबरों और AI वीडियो को लेकर टीम ने दी चेतावनी


फायरिंग की घटना के बाद टाइगर श्रॉफ की टीम ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही फर्जी खबरों, बिना अनुमति जारी किए गए बयानों और अभिनेता के नाम से बनाए जा रहे AI वीडियो को लेकर भी चेतावनी दी थी। मंगलवार को जारी संदेश में टीम ने मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अपील की कि घटना से जुड़ी किसी भी जानकारी को प्रकाशित या साझा करने से पहले उसकी पुष्टि की जाए। टीम ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि टाइगर श्रॉफ ने हालिया फायरिंग की घटना या उससे जुड़े घटनाक्रम पर न तो कोई बयान दिया है और न ही कोई वीडियो जारी किया है। ऐसे में अभिनेता के नाम से प्रसारित की जा रही सामग्री को उनका आधिकारिक बयान मानने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।
फर्जी सामग्री फैलाने वालों पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई

टाइगर श्रॉफ की टीम ने चेतावनी दी कि अभिनेता के नाम से फर्जी सामग्री तैयार करने, उसे बढ़ावा देने या सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले व्यक्तियों और पेजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। टीम ने लोगों से भी अपील की कि वे फायरिंग की घटना से जुड़ी अपुष्ट खबरों और भ्रामक वीडियो पर भरोसा न करें।

टीम के इस संदेश का मुख्य उद्देश्य घटना के संबंध में गलत जानकारी के प्रसार को रोकना और लोगों को किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करने के लिए कहना था। फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई के बीच टीम ने यह भी साफ किया कि टाइगर श्रॉफ की ओर से कोई बयान या वीडियो जारी किए जाने का दावा सही नहीं है।