राहुल गांधी पर सोना महापात्रा का तंज, बोलीं- लोकतंत्र सुधारने से पहले हिमाचल की हालत सुधारिए

बॉलीवुड गायिका सोना महापात्रा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिमाचल प्रदेश की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी है। राहुल गांधी के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सोना ने कहा कि लोकतंत्र में सुधार की बात करने से पहले कांग्रेस शासित राज्य में व्यवस्था सुधारने की पहल होनी चाहिए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में कचरे से भरी पहाड़ियों और प्रदूषित होती नदियों का जिक्र करते हुए राज्य के प्रशासनिक कामकाज पर सवाल उठाए। सोना महापात्रा की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राहुल गांधी और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गायिका ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। उनके पोस्ट ने राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ राज्य में साफ-सफाई और सुशासन के मुद्दों को भी केंद्र में ला दिया।

राहुल गांधी के पोस्ट पर सोना महापात्रा ने क्या कहा?


राहुल गांधी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया था। इसके साथ उन्होंने लिखा था कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे, मौजूदा सरकार भी जाएगी और इसके बाद लोकतंत्र को सुधारने की प्रक्रिया शुरू होगी। राहुल गांधी और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। राहुल गांधी के इसी बयान को दोबारा साझा करते हुए सोना महापात्रा ने उन्हें हिमाचल प्रदेश की स्थिति सुधारने की सलाह दी। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र में सुधार की बात करने से पहले राज्य की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। गायिका ने बताया कि वह नौ साल बाद हाल ही में हिमाचल प्रदेश लौटी थीं। वहां पहाड़ियों पर जमा कचरा और प्रदूषित होती नदियां देखकर उन्हें हैरानी हुई। सोना ने कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश को सुशासन का उदाहरण बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों को जनता से जनादेश मांगने के बजाय अपने काम के जरिए लोगों का विश्वास जीतना चाहिए। उनकी टिप्पणी में राज्य के पर्यावरण और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।

हिमाचल प्रदेश की पर्यावरणीय स्थिति पर उठाए सवाल

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य के मुख्यमंत्री हैं। राहुल गांधी भी पार्टी के कार्यक्रमों, रैलियों और संगठनात्मक बैठकों के सिलसिले में अक्सर राज्य का दौरा करते रहे हैं। ऐसे में सोना महापात्रा की टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में ध्यान खींचा है। गायिका ने अपने पोस्ट के जरिए पहाड़ी इलाकों में कचरे के जमाव और नदियों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जताई। ये मुद्दे राज्य के प्राकृतिक पर्यावरण और पर्यटन से भी जुड़े हैं। सोना की टिप्पणी का मुख्य संदेश यह था कि लोकतंत्र और शासन व्यवस्था में सुधार की बात करने वाले राजनीतिक दलों को अपने शासन वाले राज्यों में भी कामकाज और व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए।
हालांकि, उनके पोस्ट में उठाए गए सवालों के जवाब में हिमाचल प्रदेश सरकार की कोई प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।
कर्नाटक में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर भी उठा चुकी हैं सवाल

सोना महापात्रा इससे पहले कर्नाटक में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठा चुकी हैं। उन्होंने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार की मांग करने वाली कांग्रेस की राजनीति और बेंगलुरु में प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार के बीच अंतर पर सवाल किया था। बाद में उन्होंने अपनी यह पोस्ट हटा दी थी। यह घटनाक्रम कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की प्रतिक्रिया के बाद सामने आया था। शिवकुमार ने कहा था कि वह मामले को देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के अधिकार की मांग करते हुए बेंगलुरु में उसी अधिकार से इनकार नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, इस मामले में दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।

नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता के समर्थन में आई थीं सोना

सोना महापात्रा हाल ही में अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के समर्थन में बयान देने को लेकर भी चर्चा में रही थीं। तनुश्री ने वर्ष 2018 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद भारतीय फिल्म उद्योग में मीटू आंदोलन को लेकर व्यापक बहस हुई थी। नाना पाटेकर ने इन आरोपों को खारिज किया था। 8 अक्टूबर को गोवा में 75 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण नाना पाटेकर का निधन हो गया। उनके निधन के बाद तनुश्री दत्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए 'ईविल डेड' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। इस विवाद के दौरान सोना महापात्रा ने तनुश्री का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसका सम्मान करना जरूरी है, लेकिन जीवित लोगों की गरिमा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सोना ने सवाल उठाया था कि किसी महिला को अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के बारे में बोलने से कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि किसी व्यक्ति की मृत्यु से पुराने आरोप और असहज सवाल अपने आप खत्म नहीं हो जाते।