टीवी जगत के लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाली अभिनेत्री शुभांगी अत्रे लंबे समय से दर्शकों के दिलों पर राज कर रही हैं। करीब एक दशक तक इस किरदार को निभाने के बाद वह अब अपनी निजी जिंदगी और भावनात्मक अनुभवों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने अपने रिश्तों, जीवन के फैसलों और बदलती भावनाओं पर खुलकर बात की। 11 अप्रैल को उनका जन्मदिन भी है, और इस मौके पर उन्होंने जिंदगी के अनुभवों को लेकर कई गहरी बातें साझा कीं।
जीवन के अनुभवों पर बोलीं शुभांगी अत्रेशुभांगी अत्रे ने कहा कि जीवन कई अलग-अलग अध्यायों से मिलकर बनता है, जहां लोग आते-जाते रहते हैं। उन्होंने बताया कि कम उम्र में फैसले लेने की समझ सीमित होती है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, सोचने और समझने की क्षमता भी विकसित होती जाती है। उनके अनुसार, समय के साथ व्यक्ति हालात को स्वीकार करना सीख जाता है और शिकायतें धीरे-धीरे कम हो जाती हैं क्योंकि अनुभव जीवन को परिपक्व बना देता है।
बेटी से दूरी और मां की भावनाएंअभिनेत्री ने अपनी बेटी को लेकर भी भावुक बातें साझा कीं, जो वर्तमान में अमेरिका में पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अलग टाइम जोन की वजह से कई बार लंबे समय तक बातचीत नहीं हो पाती, जो उनके लिए भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अपने सपनों के लिए इंदौर से मुंबई का सफर तय किया था, उसी तरह उन्होंने अपनी बेटी को भी उसके सपनों को पूरा करने के लिए विदेश भेजा है। शुभांगी के अनुसार, हर माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को आगे बढ़ने और उड़ान भरने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने आज के समय में महिलाओं के आत्मनिर्भर होने को भी बेहद जरूरी बताया।
फिलहाल किसी रिश्ते में नहीं हैं शुभांगीशुभांगी अत्रे ने स्पष्ट किया कि वह वर्तमान में सिंगल हैं और किसी नए रिश्ते में आने की इच्छा नहीं रखतीं। उन्होंने कहा कि उनके अनुभवों ने उन्हें यह सिखाया है कि दोस्ती किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होती है। उनके अनुसार, पति-पत्नी का रिश्ता भी तभी बेहतर होता है जब उसमें दोस्ती और खुलापन हो।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कभी-कभी अकेलापन महसूस होता है, खासकर मुश्किल समय में, लेकिन उम्र और अनुभव ने उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत बना दिया है। अब वह परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटना सीख चुकी हैं।
शादी और रिश्तों पर खुलकर बातशुभांगी ने आगे कहा कि उन्हें अपने किसी भी फैसले पर पछतावा नहीं है। उनके अनुसार, जीवन में आने वाला हर व्यक्ति हमें कुछ न कुछ सिखाने के लिए आता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी शादी बहुत कम उम्र में हो गई थी, और समय के साथ भावनाएं बदलती हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ यादें आज भी उनके साथ हैं, लेकिन वे किसी तरह का पछतावा नहीं रखतीं। उनके अनुसार, रिश्तों में बदलाव जीवन का हिस्सा है और उसे स्वीकार करना ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
गौरतलब है कि शुभांगी अत्रे की शादी 19 साल की उम्र में हुई थी और 22 साल बाद उन्होंने अपने पति पीयूष पूरे से अलग होने का फैसला लिया। इस शादी से उनकी एक बेटी आशी है।