हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना का निधन 2012 में 69 वर्ष की उम्र में हुआ था। एक समय था जब उनका फिल्म इंडस्ट्री पर ऐसा दबदबा था कि हर अभिनेत्री उनके साथ काम करना चाहती थी। उनकी लोकप्रियता खासकर महिला दर्शकों के बीच जबरदस्त थी। उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस बेताब रहते थे। उनकी कार तक महिला फैंस चूम-चूमकर लाल कर देती थीं। मगर इतनी शोहरत के बावजूद, एक समय ऐसा भी आया जब काका का सितारा धीरे-धीरे डूबता चला गया। आखिर ऐसा क्या हुआ? इस पर उनकी को-एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर ने अब चौंकाने वाला खुलासा किया है।
शर्मिला टैगोर ने सुपरस्टार राजेश खन्ना की बायोग्राफी 'डार्क स्टार: द लॉन्लीनेस ऑफ बीइंग राजेश खन्ना' के प्रस्तावना में बताया कि आखिर कैसे काका ने खुद अपने स्टारडम को अपने हाथों से फिसलने दिया। इस किताब को गौतम चिंतामणि ने लिखा है। टैगोर लिखती हैं कि काका ने कभी अपनी सफलता को गंभीरता से नहीं लिया, जैसे उन्होंने कई रिश्तों को जाने दिया, वैसे ही उन्होंने स्टारडम को भी वक्त के साथ नहीं संभाला। समय के साथ न बदल पाने की वजह से वह दर्शकों की बदलती पसंद के साथ नहीं चल पाए और उनका मज़ाक बनने लगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राजेश खन्ना अपने दोस्तों के लिए बहुत उदार थे। वह उन्हें महंगे तोहफे और यहां तक कि फ्लैट तक दे देते थे। टैगोर ने यह भी साझा किया कि काका के साथ काम करना थोड़ा मुश्किल था क्योंकि वह अक्सर देर से सेट पर आते थे। जहां वह सुबह 8 बजे सेट पर होती थीं, वहीं काका दोपहर 12 बजे पहुंचते थे। इसके चलते उन्हें अपने घर देर से लौटना पड़ता था।
फिर भी, एक्ट्रेस कहती हैं कि राजेश खन्ना के साथ उनकी फिल्मों की सफलता ने उन्हें बार-बार साथ काम करने को प्रेरित किया। आराधना, अमर प्रेम, दाग और आविष्कार जैसी फिल्मों में उनकी जोड़ी सुपरहिट रही। भले ही काका आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन शर्मिला टैगोर आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं और मां के किरदारों में दिखती हैं।