टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ से घर-घर में पहचान बनाने वाली रुपाली गांगुली ने FCCI Frames 2026 के दौरान अपनी जिंदगी के उस दौर के बारे में बात की, जब उनका परिवार आर्थिक मुश्किलों से गुजर रहा था। अपने दिवंगत पिता और फिल्ममेकर अनिल गांगुली को याद करते हुए रुपाली भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि फिल्मों के प्रति पिता के जुनून की वजह से परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा और धीरे-धीरे उन्होंने अपना सबकुछ खो दिया।
रुपाली के मुताबिक, उनके पिता का सपना मुंबई में अपना घर बनाने का था। फिल्म निर्माण के शुरुआती दौर के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय फिल्ममेकर्स के लिए आज की तरह कॉर्पोरेट सिस्टम मौजूद नहीं था। उन्हें अपनी फिल्मों के लिए खुद पैसे लगाने पड़ते थे और कई बार फिल्म बनाने के लिए घर तक बेचने की नौबत आ जाती थी।
फिल्मों के लिए परिवार ने झेली आर्थिक मुश्किलरुपाली गांगुली ने अपने पिता को याद करते हुए बताया कि उनका परिवार भी ऐसे ही मुश्किल दौर से गुजरा था। फिल्में बनाने में पिता के निवेश के चलते परिवार की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती गई और एक समय ऐसा आया जब उन्होंने अपना सबकुछ खो दिया।
रुपाली ने खुद को एक बड़े फिल्ममेकर की बेटी बताते हुए अपने उस दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता का सपना मुंबई में अपना घर बनाना था और वह भी इस सपने को पूरा करना चाहती थीं।
उनकी कही बातों का सार यह था कि परिवार की आर्थिक मुश्किलों के बावजूद पिता का मुंबई में अपना घर होने का सपना उनके मन में बना रहा। बाद में उनके करियर में आया ‘अनुपमा’ का मौका इसी सपने को पूरा करने से जुड़ गया।
‘अनुपमा’ से पूरा हुआ पिता का सपनारुपाली गांगुली ने बताया कि ‘अनुपमा’ उनके लिए बेहद अहम प्रोजेक्ट रहा। इसी शो के जरिए उन्हें अपने करियर में बड़ी पहचान मिली और वह अपना पहला घर खरीदने में भी कामयाब हुईं।
उन्होंने बताया कि उनके पिता जिस मुंबई के घर का सपना देखते थे, उसे पूरा करना उनके लिए खास मायने रखता है। इस तरह ‘अनुपमा’ से मिली सफलता उनके लिए केवल एक करियर उपलब्धि तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे उनके पिता से जुड़ा एक पुराना सपना भी पूरा हुआ।
राजन शाही ने भी याद किया रुपाली का संघर्षइवेंट के दौरान प्रोड्यूसर राजन शाही ने भी रुपाली गांगुली के शुरुआती संघर्ष के दिनों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने रुपाली को रिजेक्ट कर दिया था। हालांकि, रुपाली ने उनसे दोबारा मौका मांगा था।
राजन शाही ने यह भी बताया कि एक समय रुपाली के पास बस से आने-जाने तक के पैसे नहीं थे। ऐसी स्थिति में वह वर्ली से पैदल चलकर आती थीं। अपने संघर्ष के इस दौर का जिक्र सुनकर रुपाली गांगुली भावुक हो गईं और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
रुपाली के लिए यह बातचीत उनके पिता, परिवार के संघर्ष और अपने करियर के उस सफर को याद करने का मौका भी बनी, जिसमें आर्थिक मुश्किलों से गुजरने के बाद उन्होंने टेलीविजन पर अपनी अलग पहचान बनाई।
बिजली कटौती को लेकर भी चर्चा में थीं रुपालीरुपाली गांगुली हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी चर्चा में रही थीं। उन्होंने बिजली कटौती की समस्या का जिक्र करते हुए बताया था कि बत्ती गुल होने की वजह से वह रातभर सो नहीं पाई थीं। यह पोस्ट सामने आने के बाद भी उनका नाम चर्चा में रहा था।