बेटी ज़ुनेयरा संग ऋचा चड्ढा ने केरल में मनाया ओणम, मंदिर को भेंट किया अनोखा ‘हाथी’

अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने अपनी बेटी ज़ुनेयरा के साथ केरल के गुरुपुरम श्री महा विष्णु मंदिर में आयोजित ओणम समारोह में हिस्सा लिया। पारंपरिक माहौल में हुए इस आयोजन में ऋचा ने न सिर्फ त्योहार की रस्मों और सांस्कृतिक रंगों का अनुभव किया, बल्कि मंदिर को लाइफ-साइज मैकेनिकल हाथी ‘गुरुपुरम अर्जुनन’ भी भेंट किया।

ऋचा के लिए यह समारोह अपनी बेटी के साथ भारतीय परंपराओं से जुड़ने का खास मौका रहा। उन्होंने सफेद और सुनहरे रंग की पारंपरिक साड़ी पहनी थी, जबकि ज़ुनेयरा ओणम के अनुरूप पारंपरिक पोशाक में नजर आईं। मां-बेटी ने समारोह के दौरान उत्सव का आनंद लिया और वहां मौजूद लोगों के साथ इस खास अवसर का हिस्सा बनीं।

‘गुरुपुरम अर्जुनन’ का हुआ अनावरण

समारोह के दौरान ऋचा चड्ढा खुद मौजूद रहीं और ‘गुरुपुरम अर्जुनन’ के अनावरण में शामिल हुईं। इसके बाद चेंडा मेलम और तिरुवातिरा नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। पारंपरिक संगीत और नृत्य से समारोह का माहौल और भी उत्सवपूर्ण हो गया।

ऋचा ने इस अवसर को अपने लिए बेहद खास बताते हुए कहा कि बेटी के साथ ओणम मनाने से यह अनुभव और यादगार बन गया। उन्होंने बताया कि ज़ुनेयरा के लिए विशेष ओणम ड्रेस भी तैयार कराई गई थी, ताकि वह त्योहार की परंपराओं और उत्सव में पूरी तरह शामिल हो सके।

परंपरा के साथ करुणा का संदेश

ऋचा ने ओणम की परंपराओं के साथ पशुओं के प्रति संवेदनशीलता की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए मैकेनिकल हाथी भेंट करना केवल एक उपहार देने तक सीमित नहीं था, बल्कि संस्कृति और करुणा को साथ लेकर चलने की पहल थी।

अभिनेत्री ने हाथियों को सामाजिक और समझदार जीव बताते हुए कहा कि उन्हें अपने प्राकृतिक वातावरण में दूसरे हाथियों के साथ स्वतंत्र रूप से रहने का अधिकार है। उनके मुताबिक, त्योहारों और परंपराओं का सम्मान करते हुए ऐसे तरीकों को भी अपनाया जा सकता है, जिनमें जानवरों के प्रति संवेदनशीलता बनी रहे।
ओणम साध्या में भी शामिल हुईं

ऋचा ने बताया कि इस समारोह में शामिल होना उनके लिए स्थानीय लोगों की गर्मजोशी महसूस करने और उनके साथ ओणम साध्या का आनंद लेने का अवसर भी था। उन्होंने कहा कि परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ यह समझना जरूरी है कि संस्कृति और करुणा एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।

उन्होंने मंदिर और उसके ट्रस्टियों का आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि ‘गुरुपुरम अर्जुनन’ स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

समारोह का समापन पारंपरिक प्रस्तुतियों और उत्सवी माहौल के बीच हुआ। बेटी के साथ ऋचा की मौजूदगी और मंदिर को मैकेनिकल हाथी भेंट करने की पहल ने इस ओणम समारोह को आस्था, संस्कृति और करुणा के संदेश से जोड़ दिया।