दशहरे के अवसर पर देशभर में रामलीला और धार्मिक आयोजनों की धूम है। कहीं रावण दहन की तैयारियां चल रही हैं, तो कहीं कलाकार भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जैसे पौराणिक किरदारों को मंच पर जीवंत कर रहे हैं। इसी बीच अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद रवि किशन दिल्ली की ‘अयोध्या की रामलीला’ में अपनी खास भूमिका को लेकर चर्चा में हैं। रवि किशन इस बार पहली बार भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। रामलीला में उनकी भव्य एंट्री ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
कार्यक्रम से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें रवि किशन पारंपरिक वेशभूषा और साज-सज्जा वाले भव्य रथ पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, मंच पर भगवान राम के रूप में उनके अभिनय की झलक भी देखने को मिली। अभिनेता के इस अंदाज को लेकर रामलीला में दर्शकों के बीच उत्साह नजर आया। अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के साथ राजनीति में सक्रिय रवि किशन ने इस धार्मिक आयोजन के दौरान आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति को लेकर भी अपने विचार साझा किए।
पहली बार भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं रवि किशन
रवि किशन ने भगवान राम का किरदार निभाने के अवसर को अपने लिए खास अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा से उन्हें पहली बार रामलीला में भगवान राम की भूमिका निभाने का मौका मिला है। अभिनेता के लिए यह भूमिका इसलिए भी खास है, क्योंकि वह बचपन में कई धार्मिक और पौराणिक किरदारों का अभिनय कर चुके हैं, लेकिन भगवान राम की भूमिका निभाने का अनुभव उनके लिए अलग है।
रवि किशन ने बताया कि बचपन में उन्होंने परशुराम, केवट और माता सीता जैसे किरदार निभाए थे। हालांकि, भगवान राम की भूमिका उनके लिए एक नई जिम्मेदारी और विशिष्ट अनुभव लेकर आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से वह इस किरदार के साथ न्याय कर पाएंगे।
रामलीला में उनकी एंट्री भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। पारंपरिक अंदाज में सजे भव्य रथ पर सवार होकर पहुंचे रवि किशन को देखने के लिए लोगों में उत्साह दिखाई दिया। मंच पर भगवान राम के रूप में उनकी मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। उनके अभिनय और पारंपरिक रूप-सज्जा की झलक सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी देखने को मिली।
रवि किशन ने इस अवसर को केवल अभिनय तक सीमित नहीं रखा, बल्कि युवाओं के बीच आध्यात्मिकता का संदेश पहुंचाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जीवन की चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों का सामना करने में आध्यात्मिक विचार व्यक्ति को शक्ति दे सकते हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने युवाओं से भारतीय धार्मिक परंपराओं और भगवान राम, कृष्ण तथा शिव के जीवन से जुड़े विचारों को जानने और समझने की अपील की।
रवि किशन ने युवाओं से रोजाना आधा घंटा ध्यान करने की अपील कीमीडिया से बातचीत के दौरान रवि किशन ने युवाओं को ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन के लिए समय निकालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम आधा घंटा ध्यान जरूर करना चाहिए। उनके मुताबिक, ध्यान करने और आध्यात्मिक विचारों पर चिंतन करने से मानसिक मजबूती हासिल करने में मदद मिल सकती है। अभिनेता ने भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव के जीवन तथा उनके विचारों के बारे में पढ़ने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि जब इंसान के जीवन में मुश्किलें आती हैं, तब आध्यात्मिकता उसे उन परिस्थितियों से उबरने की ताकत दे सकती है। उनके संदेश का केंद्र युवाओं को अपने जीवन में ध्यान, आध्यात्मिक चिंतन और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करना था।
रवि किशन ने सनातन परंपराओं, भारतीय संस्कृति और धर्म को भी जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देने वाला बताया। उन्होंने अपने जीवन के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। आज वह सिनेमा में अपनी पहचान के साथ-साथ गोरखपुर के सांसद के रूप में भी जाने जाते हैं। अभिनेता के अनुसार, जीवन में आगे बढ़ने और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के दौरान आध्यात्मिकता व्यक्ति को सहारा दे सकती है। रामलीला के मंच पर भगवान राम की भूमिका निभाने के साथ रवि किशन ने युवाओं को यही संदेश देने की कोशिश की कि वे अपने जीवन में आध्यात्मिक विचारों के लिए भी समय निकालें।
गौरव खन्ना बने राम, शिल्पा शिंदे ने निभाया माता सीता का किरदारइस साल धार्मिक आयोजनों और रामलीला में मनोरंजन जगत के कई कलाकार पौराणिक किरदार निभाते नजर आए हैं। इससे पहले टीवी अभिनेता गौरव खन्ना ने आगरा के जनकपुरी महोत्सव 2026 में भगवान राम की भूमिका निभाई थी। उनके इस रूप ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा था।
वहीं, दिल्ली की रामलीला में अभिनेत्री शिल्पा शिंदे माता सीता के किरदार में नजर आईं। इस तरह अलग-अलग आयोजनों में मनोरंजन जगत से जुड़े कलाकारों के धार्मिक और पौराणिक भूमिकाएं निभाने की वजह से भी रामलीला चर्चा में रही है। रवि किशन का पहली बार भगवान राम बनना भी इसी सिलसिले में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
रवि किशन अभिनय के साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। ऐसे में रामलीला में उनकी भागीदारी और युवाओं को दिया गया आध्यात्मिकता का संदेश उनके इस आयोजन को और खास बनाता है। भव्य रथ पर उनकी एंट्री और मंच पर भगवान राम के रूप में अभिनय की झलक सामने आने के बाद कार्यक्रम से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए गए।
‘खोसला का घोसला 2’ में नजर आएंगे रवि किशनफिल्मों की बात करें तो रवि किशन हाल ही में ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में दिखाई दिए थे। गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु और जितेंद्र कुमार समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की खबरें सामने आईं। अब रवि किशन आगामी फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ में दिखाई देंगे। यह साल 2006 में रिलीज हुई चर्चित फिल्म ‘खोसला का घोसला’ का सीक्वल है। इस फिल्म में रवि किशन के अलावा अनुपम खेर, बोमन ईरानी, किरण जुनेजा, विनय पाठक और रणवीर शौरी भी अहम भूमिकाओं में हैं।
‘खोसला का घोसला 2’ का निर्देशन प्रिय मिश्रा और प्रशांत भगिया कर रहे हैं। फिल्म 5 मार्च 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस तरह रवि किशन एक ओर रामलीला में भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर चर्चा में हैं, तो दूसरी ओर उनकी आगामी फिल्म भी उनके कामकाजी कार्यक्रम का हिस्सा है।