पवन सिंह के कोर्ट में पेश न होने पर लगा 3 हजार रुपये का हर्जाना, ज्योति सिंह बोलीं- इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगी

भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह तथा उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद एक बार फिर अदालत पहुंच गया है। तलाक और गुजारा भत्ते से जुड़े इस मामले में सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह अपने अधिवक्ताओं के साथ फैमिली कोर्ट में उपस्थित हुईं, जबकि पवन सिंह एक बार फिर अदालत नहीं पहुंचे। उनकी लगातार गैरहाजिरी पर अदालत ने नाराजगी जताई और उन पर 3 हजार रुपये का हर्जाना लगाया। मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की गई है। अदालत से बाहर आने के बाद ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह आज भी उनके साथ रहना चाहती हैं, लेकिन पिछले चार वर्षों से जारी विवाद के चलते अब उनके सब्र की सीमा खत्म हो रही है। ज्योति सिंह ने यह भी कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। उनके बयान के बाद पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच चल रहे विवाद में समझौते की संभावना और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित हो गया है।

कोर्ट में लगातार गैरहाजिर रहे पवन सिंह, लगा 3 हजार रुपये का हर्जाना

पवन सिंह और ज्योति सिंह के वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए ज्योति सिंह अपने वकीलों के साथ फैमिली कोर्ट पहुंचीं। हालांकि, पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी लगातार अनुपस्थिति पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए 3 हजार रुपये का हर्जाना लगाया। इस मामले में पवन सिंह की गैरहाजिरी का कारण उनकी मां की तबीयत खराब होना बताया गया है। इससे पहले सितंबर में भी पवन सिंह के वकील ने उनकी मां की खराब सेहत का हवाला दिया था। इस बार भी उनकी ओर से यही वजह बताई गई। पवन सिंह की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई के दौरान मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। अब इस तारीख पर मामले में आगे की कार्यवाही होगी।

ज्योति सिंह का आरोप- अदालत का मजाक बनाकर रख दिया

कोर्ट से बाहर निकलने के बाद ज्योति सिंह ने पवन सिंह की लगातार गैरहाजिरी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पवन सिंह ने अदालत का मजाक बनाकर रख दिया है। ज्योति सिंह ने अपनी सास की बीमारी का हवाला देकर अदालत में पेश होने से छूट लेने पर भी आपत्ति जताई। ज्योति सिंह का दावा है कि उनकी सास अस्पताल से पहले ही डिस्चार्ज हो चुकी थीं, इसके बावजूद मेडिकल आधार पर अदालत में पेशी से छूट ली गई। यह ज्योति सिंह की ओर से लगाया गया आरोप है। उन्होंने कहा कि वह अब भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं, लेकिन चार साल से चल रहे विवाद ने उनके धैर्य की परीक्षा ली है। ज्योति सिंह ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी। उनके बयान से यह भी स्पष्ट हुआ कि विवाद के बावजूद वह साथ रहने की इच्छा जता रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लगातार चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच अब उनके लिए इंतजार करना मुश्किल होता जा रहा है।
चार साल से जारी है पवन सिंह और ज्योति सिंह का वैवाहिक विवाद

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह तथा उनकी दूसरी पत्नी ज्योति सिंह के बीच लंबे समय से अनबन चल रही है। दोनों के बीच तलाक और गुजारा भत्ते को लेकर कानूनी विवाद जारी है। इस मामले में फैमिली कोर्ट में सुनवाई हो रही है। ताजा सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह की मौजूदगी और पवन सिंह की गैरहाजिरी के बाद अदालत ने उन पर 3 हजार रुपये का हर्जाना लगाया। वहीं, ज्योति सिंह ने अदालत के बाहर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही। ज्योति सिंह के मुताबिक, वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं, लेकिन पिछले चार वर्षों से चल रहा विवाद अब उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर उन्हें मौजूदा कानूनी प्रक्रिया से न्याय नहीं मिला, तो वह आगे की कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगी।

पवन सिंह की ओर से समझौते की अर्जी, वकील ने बताई प्रक्रिया

इस मामले में समझौते की संभावना को लेकर भी जानकारी सामने आई है। ज्योति सिंह के अधिवक्ता ने बताया कि पवन सिंह की ओर से एकमुश्त समझौते के संबंध में अदालत में अर्जी दी गई थी। उनके मुताबिक, पवन सिंह की तरफ से सुलह की बात कही जा रही है। हालांकि, ज्योति सिंह के अधिवक्ता ने यह भी कहा कि समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पवन सिंह का खुद अदालत में उपस्थित होना जरूरी है। ऐसे में उनकी लगातार गैरहाजिरी के बीच समझौते की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी, यह अगली सुनवाई में महत्वपूर्ण रहेगा। एक तरफ ज्योति सिंह ने साथ रहने की इच्छा जाहिर की है, तो दूसरी तरफ उन्होंने न्याय नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी है। वहीं, पवन सिंह की ओर से एकमुश्त समझौते को लेकर अर्जी दिए जाने की बात उनके अधिवक्ता ने कही है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी। उस दिन अदालत में आगे की कार्यवाही और समझौते की प्रक्रिया को लेकर क्या स्थिति बनती है, यह सामने आएगा।