नाना पाटेकर ने पहले ही रखवा ली थीं 12 मन लकड़ियां, अंतिम संस्कार को लेकर कही थी ऐसी बात

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार को गोवा स्थित अपने घर पर वह बेहोशी की हालत में मिले थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था और इलाज की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन के बाद उनकी कही कई पुरानी बातें फिर चर्चा में हैं, जिनमें उनकी अंतिम इच्छा से जुड़ी बात भी शामिल है। नाना पाटेकर अपनी निजी जिंदगी को लेकर ज्यादा बात करने वाले कलाकार नहीं थे, लेकिन जब वह बोलते थे तो उनकी बातें सीधे और स्पष्ट होती थीं। चार दशक से अधिक लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने ‘क्रांतिवीर’, ‘अंगार’, ‘वेलकम’, ‘अ वेडनेसडे’ और ‘राजनीति’ जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।

अपनी मौत और अंतिम संस्कार को लेकर नाना पाटेकर ने 2023 में आई फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ के प्रमोशनल इवेंट के दौरान अपनी इच्छा बताई थी। उन्होंने कहा था कि वह नहीं चाहते कि उनके अंतिम संस्कार के समय गीली लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने यह भी बताया था कि उन्होंने अपने लिए पहले से ही 12 मन लकड़ियां रखी हुई हैं। नाना पाटेकर ने कहा था, “मैं हमेशा से साधारण सी जिंदगी जीता आया हूं। न तो किसी तरह की गलतफहमी में रहता हूं और न ही किसी को गलतफहमी में रखता हूं। मुझे मृत्यु पर यकीन है। मैंने अपने लिए पहले ही 12 मन लकड़ियां रख रखी हैं, मुझे उन्हीं लकड़ियों में जलाना।”
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा था कि गीली लकड़ियों में अंतिम संस्कार किए जाने पर धुआं होगा और लोगों की आंखों में आंसू आएंगे। उनकी इच्छा थी कि उनके निधन के बाद उनके लिए कोई रोए नहीं।

अभिनेता ने कहा था, “मुझे गीली लकड़ियों में मत जलाना, उससे धुआं होगा और लोगों की आंखों में आंसू आएंगे। मैं नहीं चाहता कि लोग मेरे लिए रोएं। मेरे लिए किसी को रोने की जरूरत नहीं है।”

नाना ने अपनी तस्वीर पर माला चढ़ाने को लेकर भी इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था, “मेरी फोटो पर माला भी मत चढ़ाना, मैं इसे गलतफहमी में नहीं जाना चाहता कि लोग मेरे लिए रोएं।” इसी बातचीत में उन्होंने अपने परिवार का भी जिक्र किया था। नाना पाटेकर ने बताया था कि उनके माता-पिता और भाई-बहन सभी का निधन हो चुका है और वह अकेले रह गए हैं। उन्होंने मृत्यु को परिवार से दोबारा मिलने से जोड़ते हुए कहा था कि उनका मानना है कि उनकी मौत उन्हें उनके परिवार के पास ले जाएगी। नाना पाटेकर अपने गांव से भी गहरा जुड़ाव रखते थे। उन्होंने पहले ही इच्छा जताई थी कि उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार उनके गांव में किया जाए। अब उनकी इसी इच्छा के मुताबिक पुणे स्थित उनके गांव डोंजे में अंतिम संस्कार किया जाएगा। नाना पाटेकर के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का ऐलान भी किया है।