दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी आखिरी रात से जुड़ी जानकारी सामने आई है। डॉक्टर के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट से पहले नाना पाटेकर ने रात करीब 2:30 बजे अपने एक दोस्त को मैसेज किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा है। देर रात होने के कारण दोस्त उस समय यह संदेश देख नहीं पाया। सुबह करीब 4:30 बजे जब उसकी नींद खुली और उसने मैसेज पढ़ा, तो वह तुरंत नाना पाटेकर के गोवा स्थित घर पहुंचा। नाना पाटेकर उस समय अपने डोना पाउला स्थित घर में थे। कार्डियक अरेस्ट के दौरान वह अपने कमरे में अकेले थे और परिवार का कोई सदस्य उनके पास मौजूद नहीं था। मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक, जब दोस्त घर पहुंचा तो नाना पाटेकर जमीन पर लेटे हुए थे। उन्हें काफी पसीना आ रहा था और वह किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे।
स्थिति गंभीर देखते हुए तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी गई। एंबुलेंस करीब 4:20 बजे उनके घर पहुंची। इसके बाद मेडिकल टीम ने मौके पर ही नाना पाटेकर की जांच शुरू की। डॉक्टर के अनुसार, वह पूरी तरह अनरिस्पॉन्सिव थे, यानी आवाज देने या छूने पर भी उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी।
मौके पर ही शुरू किया गया CPRनाना पाटेकर की हालत को देखते हुए मेडिकल टीम ने तुरंत CPR शुरू किया। एंबुलेंस टीम ने उन्हें बचाने के लिए लगातार कोशिश की। उनकी हालत बेहद गंभीर थी और CPR के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने करीब एक घंटे तक उन्हें बचाने की कोशिश की। तमाम प्रयासों के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं आया। आखिरकार सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह पर और स्पष्टतानाना पाटेकर की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उनकी मौत के मेडिकल कारणों को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है। उनकी आखिरी रात से जुड़ी यह जानकारी बताती है कि निधन से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपने दोस्त को तबीयत ठीक नहीं होने की बात मैसेज के जरिए बताई थी।