नाना पाटेकर के निधन से टूटे रितेश देशमुख, बोले- ‘कलेजे पर जैसे बिजली गिर पड़ी है’

नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है। 75 वर्षीय अभिनेता का गुरुवार सुबह गोवा में निधन हो गया। कार्डियक अरेस्ट के बाद डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। नाना पाटेकर के निधन की खबर ने अभिनेता रितेश देशमुख को भी गहरे दुख में डाल दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी और उनके साथ बिताए पलों को याद किया।

रितेश देशमुख ने अपनी पोस्ट की शुरुआत करते हुए लिखा, आज शब्द ठिठक गए हैं, कलेजे पर जैसे बिजली गिर पड़ी है। नाना चले गए… उन्होंने आगे कहा कि इस एक वाक्य ने उन्हें सुन्न और निःशब्द कर दिया है। रितेश ने नाना पाटेकर को अभिनय की दुनिया का ऐसा सितारा बताया, जिसकी तुलना की कोई सीमा नहीं थी।

नाना पाटेकर के अभिनय के हर रंग को किया याद

रितेश ने अपने संदेश में नाना पाटेकर की अभिनय क्षमता का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने अपनी अलग शैली से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनके मुताबिक, नाना कभी पर्दे पर तेजस्वी नायक के रूप में नजर आए तो कभी ऐसा खलनायक बने, जिसका अभिनय दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता था। उनके अभिनय में गंभीरता के पीछे छिपी शरारत भरी हंसी भी अलग रंग दिखाती थी। रितेश ने लिखा कि नाना पाटेकर ने अभिनय के लगभग हर रंग को जीवंत किया। उन्होंने यह भी कहा कि पर्दे पर नाना भले ही हीरो थे, लेकिन पर्दे के पीछे वह उससे भी बड़े इंसान थे।

‘ब्लफमास्टर’ और ‘हाउसफुल 5’ में साथ काम करने को बताया सौभाग्य

रितेश देशमुख ने नाना पाटेकर के साथ अपने काम के अनुभव को भी याद किया। उन्होंने बताया कि ‘ब्लफमास्टर’ और ‘हाउसफुल 5’ में नाना के साथ स्क्रीन साझा करना उनके लिए सौभाग्य की बात थी। हालांकि, रितेश के मन में नाना पाटेकर के साथ एक मराठी फिल्म में काम करने की इच्छा थी, जो पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने इसे जीवनभर मन में रहने वाली कसक बताया। रितेश ने अपने संदेश में नाना के साथ बिताए निजी पलों को भी याद किया। उन्होंने उनकी बातें, महफिलें, पीठ पर मिलने वाली प्रशंसा की थपकी और साथ में हुई हंसी का जिक्र करते हुए कहा कि यही उनकी सबसे बड़ी कमाई है।
‘आपकी संस्था के माध्यम से मानवता की धारा बहती रही’

रितेश देशमुख ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे नाना एक बड़े इंसान थे और उनकी संस्था के माध्यम से मानवता की निरंतर धारा बहती रही। अपने संदेश के अंत में रितेश ने नाना पाटेकर के परिवार, प्रियजनों और लाखों प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, सचमुच, आज एक युग का अंत हो गया है। इसके साथ उन्होंने नाना को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

गोवा में घर पर बेहोश मिले थे नाना पाटेकर


नाना पाटेकर का निधन गोवा में हुआ। उन्हें घर पर बेहोशी की हालत में पाया गया, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका निधन सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर हुआ। नाना पाटेकर के निधन के बाद मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है। उनके शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। उन्हें पुणे में अंतिम विदाई दिए जाने की जानकारी दी गई है।