मोनालिसा इंटरफेथ मैरिज से जुड़ा विवाद अब और उलझता जा रहा है और इसमें नए-नए आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। इस मामले में निर्देशक सनोज मिश्रा ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ चल रही गतिविधियों के पीछे प्रतिबंधित संगठन Popular Front of India (PFI) का हाथ हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोनालिसा पर उसके पति का प्रभाव है और पूरा मामला ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दे को दबाने की दिशा में मोड़ा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, मोनालिसा ने भी निर्देशक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह विवाद अब सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
‘मुझे टारगेट कर बदनाम किया जा रहा है’: सनोज मिश्रासनोज मिश्रा का कहना है कि वह इस मुद्दे को सार्वजनिक मंचों पर उठा रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं और यह सब उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। मिश्रा के अनुसार, उनके पास किसी भी प्रकार के गलत आचरण का कोई सबूत नहीं है और उन्हें जानबूझकर विवाद में घसीटा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने शुरुआत में मोनालिसा और उसके परिवार की मदद करने की कोशिश की थी, लेकिन अब वही मामला उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। मिश्रा का आरोप है कि असल मुद्दे से ध्यान भटकाने और ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील विषय को दबाने के लिए यह पूरा विवाद खड़ा किया गया है।
मोनालिसा के आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलेंवहीं दूसरी तरफ मोनालिसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए निर्देशक पर गंभीर आरोप लगाकर इस विवाद को और भड़का दिया है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म में काम दिलाने के बहाने नाबालिग लड़कियों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। इस दौरान वह अपने पति के साथ सामने आईं और पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी।
मोनालिसा के इन आरोपों के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है, जहां लोग अलग-अलग पक्षों में बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ लोग इसे साजिश बता रहे हैं, जबकि कई लोग आरोपों को गंभीर मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
कानूनी और सामाजिक मोड़ पर पहुंचा मामलायह पूरा घटनाक्रम अब सिर्फ व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक और कानूनी स्तर पर भी अहम मुद्दा बन गया है। दोनों पक्षों के दावों और आरोपों के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
फिलहाल, इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आने वाले दिनों में जांच की दिशा तथा कानूनी कार्रवाई से ही तय होगा कि इस विवाद का अंतिम निष्कर्ष क्या निकलता है।