‘मिर्जापुर’ में जरीना का किरदार निभाकर पहचान बनाने वाली अभिनेत्री अनंग्शा बिस्वास ने बताया है कि इस भूमिका की लोकप्रियता के साथ उन्हें कई परेशान करने वाले अनुभवों से भी गुजरना पड़ा। एक इंटरव्यू में अभिनेत्री ने कहा कि कुछ दर्शकों ने उनके ऑन-स्क्रीन किरदार को ही उनकी वास्तविक पहचान मान लिया और इसी वजह से उन्हें सोशल मीडिया तथा ईमेल के जरिए आपत्तिजनक संदेश मिलने लगे।
अनंग्शा अब ‘मिर्जापुर द मूवी’ के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। उन्होंने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि सीरीज के पहले सीजन के बाद उन्हें लगातार ऐसे कमेंट और ईमेल मिलने लगे थे, जिन्हें लेकर वह शुरुआत में काफी असहज हो गई थीं।
जरीना के किरदार का पड़ा निजी जिंदगी पर असरअनंग्शा ने बताया कि ‘मिर्जापुर’ के पहले सीजन के बाद उनके लिए परिस्थितियां नई और परेशान करने वाली थीं। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया कमेंट्स और ईमेल में एक जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता था। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आता था कि अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाने के बावजूद उन्हें इतनी नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
अभिनेत्री ने यह भी स्वीकार किया कि हर दर्शक को उनका काम पसंद आए, यह जरूरी नहीं है। हालांकि, उनके अनुसार समस्या तब बढ़ी जब कुछ लोगों ने अभिनय में निभाए गए किरदार और वास्तविक व्यक्तित्व के बीच अंतर करना बंद कर दिया।
अश्लील संदेशों का किया जिक्रअनंग्शा ने बताया कि जरीना की छवि बनने के बाद उनके इनबॉक्स में आपत्तिजनक संदेश आने लगे। उन्होंने कहा कि ऐसे ईमेल की संख्या काफी ज्यादा थी और इसी कारण उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में दिए गए लिंक तक जाना भी कम कर दिया।
अभिनेत्री के मुताबिक, वह आमतौर पर इस तरह के अनुभवों के बारे में बात नहीं करतीं, लेकिन उन्हें लगता है कि इस विषय पर चर्चा जरूरी है, ताकि लोगों की सोच में बदलाव आए।
‘किरदार निभाया है, मैं वैसी नहीं हूं’अनंग्शा ने स्पष्ट किया कि जरीना उनके अभिनय का हिस्सा है और उनकी वास्तविक जिंदगी उससे काफी अलग है। उन्होंने बताया कि वह पार्टियों में जाना या शराब पीना पसंद नहीं करतीं और अकेले रहना पसंद करती हैं। उन्होंने खुद को किताबें पढ़ने वाला व्यक्ति भी बताया।
उनका कहना है कि यदि दर्शकों को लगा कि उन्होंने जरीना के किरदार को प्रभावी ढंग से निभाया है, तो यह उनके अभिनय के लिए अच्छी बात है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वास्तविक जीवन में भी उनका व्यक्तित्व वही है।
जरीना की छवि को बताया ‘आशीर्वाद और अभिशाप’अभिनेत्री ने जरीना की लोकप्रियता को एक साथ फायदा और चुनौती दोनों बताया। उनके मुताबिक, किरदार की वजह से बनी छवि इस मायने में अच्छी है कि इससे यह पता चलता है कि उन्होंने भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाया। दूसरी ओर, यही छवि उनके लिए परेशानी भी बन जाती है, जब लोग जरीना और अनंग्शा को एक ही समझने लगते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक जीवन में वह जरीना जैसी नहीं हैं। अनंग्शा ने अपने बंगाल से होने और रवींद्रनाथ टैगोर तथा सत्यजीत रे की विरासत से जुड़े होने का उल्लेख करते हुए अपनी सोच को जरीना से अलग बताया।
महत्वाकांक्षा दोनों में, लेकिन रास्ता अलगअनंग्शा ने खुद को महत्वाकांक्षी जरूर बताया, लेकिन कहा कि उनके लिए लक्ष्य तक पहुंचने की प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, उनकी प्राथमिकताएं और जीवन को देखने का नजरिया जरीना के किरदार से अलग है।
उनका कहना है कि जरीना और उनके बीच सबसे बड़ा अंतर इसी सोच में है कि मंजिल तक पहुंचने के रास्ते को वह कितना महत्व देती हैं।