शाहरुख खान और मनीषा कोइराला की फिल्म ‘दिल से’ ने बुधवार (21 अगस्त) को 26 साल पूरे कर लिए। फिल्म के डायरेक्टर मशहूर फिल्मकार मणिरत्नम थे। यह फिल्म लोगों को पसंद आई थी। इस बीच मनीषा ने एक इंटरव्यू में शाहरुख के बारे में खुलकर बात करते हुए यह भी खुलासा किया कि ‘दिल से’ के बाद दोनों ने एक साथ ज्यादा स्क्रीन शेयर क्यों नहीं की। मनीषा ने 'जूम' के साथ बात करते हुए कहा कि आपको यह शाहरुख से पूछना होगा कि हमने फिर साथ काम क्यों नहीं किया।
वैसे ‘दिल से’ के पहले मैंने और शाहरुख ने ‘गुड्डू’ (1995) मूवी में साथ काम किया था, लेकिन किसी को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इस इंडस्ट्री में हीरोइन नहीं, हीरो यह फैसला करता है कि वह किसके साथ काम करना चाहता है या नहीं। मैं मणिरत्नम की ही ‘बॉम्बे’ और संजय लीला भंसाली की ‘खामोशी’ मूवी तथा ‘हीरामंडी’ वेबसीरीज के साथ ‘दिल से’ को अपने सबसे बेहतरीन कामों में से एक मानती हूं।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार फिल्म में मनीषा का रोल पहले काजोल को ऑफर किया गया था। उस वक्त शाहरुख और काजोल की जोड़ी हिट मानी जाती थी लेकिन डेट्स की वजह से उन्होंने ये फिल्म ठुकरा दी थी। बता दें कि ‘दिल से’ में प्रीति जिंटा भी थीं। इसमें एआर रहमान के म्यूजिक को आज तक लोग याद करते हैं। यह बॉलीवुड फिल्मों के इतिहास की आयकॉनिक फिल्मों में से एक है।
56 साल की हो चुकीं मनीषा ने ‘हीरामंडी’ के साथ की वापसीहालांकि यह बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा सफल नहीं हो सकी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 'दिल से' को 11 करोड़ रुपए की लागत में बनाया गया था और इसने 28.40 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार किया था। मणिरत्नम ने इस फिल्म का निर्माण भरत शाह, राम गोपाल वर्मा और शेखर कपूर के साथ मिलकर किया था। फिल्म की कहानी खुद मणिरत्नम ने लिखी थी। फिलहाल 'दिल से' नेटफ्लिक्स और डिज्नी+हॉटस्टार पर भी मौजूद है।
आप इस फिल्म को यूट्यूब पर भी देख सकते हैं। बहरहाल मनीषा की बात करें तो उन्होंने 16 अगस्त को अपना 56वां जन्मदिन मनाया था। मनीषा ने लंबे ब्रेक के बाद मई में रिलीज हुई ‘हीरामंडी’ से एक्टिंग की दुनिया में वापसी की है। वर्ष 1991 में सुभाष घई की फिल्म ‘सौदागर’ से मनीषा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद वह कई बेहतरीन फिल्मों में नजर आईं।
मनीषा की निजी जिंदगी देखें तो वर्ष 2010 में उनकी शादी बिजनेसमैन सम्राट दहाल से हुई थी लेकिन साल 2012 में उनका तलाक हो गया। बाद में मनीषा को गर्भाशय का कैंसर होने का पता लगा लेकिन अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर वह इस जानलेवा बीमारी को मात देने में सफल रहीं।