भारतीय सिनेमा की कालजयी फिल्मों में शुमार आमिर खान की 'लगान' आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखती है। साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा, बल्कि हिंदी सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिलाई। रिलीज के 25 साल पूरे होने के बाद भी 'लगान' का जादू कम नहीं हुआ है। इसकी कहानी, यादगार गाने और दमदार किरदार आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। फिल्म में ब्रिटिश अधिकारी कैप्टन रसेल का किरदार निभाने वाले ब्रिटिश अभिनेता पॉल ब्लैकथॉर्न ने हाल ही में फिल्म से जुड़ी कई दिलचस्प यादें साझा कीं। उन्होंने खासतौर पर उस मशहूर 'तीन गुना लगान' वाले सीन से पहले आमिर खान के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया, जिसे वह आज तक नहीं भूल पाए हैं।
25वीं सालगिरह पर फिर ताजा हुईं पुरानी यादेंलोकप्रिय टीवी शोज '24' और 'एरो' में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाले पॉल ब्लैकथॉर्न ने 'लगान' की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत की। उन्होंने बताया कि इस खास मौके पर पूरी टीम ने मिलकर फिल्म की यात्रा को याद किया। पॉल ने कहा, सब कुछ मानो बहुत तेजी से बीत गया। कल रात हमने फिल्म के 25 साल पूरे होने की खुशी में शानदार समारोह आयोजित किया, जहां आमिर खान की बीते ढाई दशक की यादगार फिल्मों पर चर्चा हुई।
उन्होंने आगे बताया कि समारोह से एक दिन पहले कलाकारों की टोली फिर से एक साथ बैठी और फिल्म के कई यादगार दृश्यों को पढ़ा गया। इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि हिंदी स्क्रिप्ट पढ़े हुए काफी समय हो चुका है। पॉल ने हंसते हुए कहा, मुझे याद करने की कोशिश करनी पड़ी कि हिंदी पढ़ना कैसे शुरू किया जाता है और तब पता चला कि मैं यह लगभग पूरी तरह भूल चुका हूं।
बड़े पर्दे पर दोबारा देखी 'लगान'पॉल के मुताबिक, इस पूरे आयोजन का सबसे भावुक पल वह था जब उन्होंने 'लगान' को एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखा। उन्होंने कहा, सिनेमा हॉल में बैठकर फिल्म को दोबारा देखना बेहद खास अनुभव था। उस वक्त एहसास हुआ कि यह फिल्म वास्तव में कितनी बेहतरीन और कालातीत कृति है। इतने वर्षों बाद भी इसका प्रभाव बिल्कुल वैसा ही महसूस होता है।
आमिर खान के साथ काम करना रहा यादगार अनुभवबातचीत के दौरान पॉल ब्लैकथॉर्न ने आमिर खान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आमिर सिर्फ एक उत्कृष्ट अभिनेता ही नहीं हैं, बल्कि अपने साथ काम करने वाले कलाकारों से भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने की क्षमता रखते हैं।
पॉल ने कहा, आमिर जैसे प्रतिभाशाली कलाकार के साथ काम करना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। जब आप उनके अभिनय को ध्यान से देखते और महसूस करते हैं, तो वह आपको भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। उनकी मौजूदगी ही आपके प्रदर्शन को एक अलग स्तर तक पहुंचा देती है।
अब भी देखना चाहते हैं आमिर की और फिल्में'लगान' की वर्षगांठ के दौरान आमिर खान प्रोडक्शंस के कामकाज को करीब से देखने के बाद पॉल ने स्वीकार किया कि अब उनकी दिलचस्पी आमिर खान की और भी फिल्मों को देखने में बढ़ गई है। उनका कहना है कि एक अभिनेता और निर्माता के रूप में आमिर का दृष्टिकोण हमेशा उन्हें प्रभावित करता रहा है।
किरदार के लिए महीनों तक की थी तैयारीकैप्टन रसेल का किरदार निभाना पॉल के लिए आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब उनके एजेंट ने पहली बार भारत में बनने वाली इस फिल्म के बारे में जानकारी दी, तब उन्हें यह अवसर बेहद रोचक लगा। एक ऐसे देश में कई महीने बिताना, जहां उन्होंने पहले कभी काम नहीं किया था और जहां की भाषा भी उनके लिए नई थी, अपने आप में एक चुनौती थी।
फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले उन्होंने लंदन में लगभग तीन से चार महीने हिंदी सीखने में लगाए। उनका उद्देश्य केवल अपने संवाद याद करना नहीं था, बल्कि सेट पर होने वाली बातचीत को भी समझना था। पॉल का मानना है कि अभिनय का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सुनना और समझना होता है।
जब गुजरात में फिल्म की शूटिंग शुरू हुई तो उन्होंने निर्देशक आशुतोष गोवारिकर और आमिर खान के साथ मिलकर अपने संवादों और उच्चारण पर लगातार काम किया। बड़े दृश्यों से पहले अक्सर रिहर्सल की जाती थी ताकि हर संवाद स्वाभाविक और प्रभावशाली लगे।
वॉशरूम में हुई थी यादगार बातचीतपॉल ब्लैकथॉर्न को आज भी फिल्म का वह महत्वपूर्ण दृश्य अच्छी तरह याद है, जिसमें भुवन और कैप्टन रसेल के बीच क्रिकेट मैच को लेकर ऐतिहासिक शर्त तय होती है। यही वह सीन था जिसमें गांव वालों के सामने तीन साल का लगान माफ होने या हार की स्थिति में तीन गुना लगान चुकाने की चुनौती रखी जाती है।
पॉल ने बताया कि इस दृश्य की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले एक दिलचस्प घटना हुई थी। उन्होंने कहा, मैं वॉशरूम गया हुआ था और उसी समय आमिर भी वहां आ गए। उन्होंने मेरी तरफ देखा और कहा, 'पॉल, यह बहुत महत्वपूर्ण सीन है। शायद पूरी फिल्म का सबसे अहम सीन।'
यह बात सुनकर पॉल को उस दृश्य की गंभीरता का और अधिक एहसास हुआ। उन्होंने बताया कि फिल्म रिलीज होने के कुछ समय बाद उनकी आमिर खान से फोन पर बातचीत हुई थी। उस दौरान आमिर ने उन्हें बताया कि भारत की सड़कों पर लोग उनके किरदार के संवाद दोहराते नजर आ रहे हैं।
पॉल ने मुस्कुराते हुए कहा, जब आमिर ने मुझसे कहा कि लोग मेरे डायलॉग बोलते हुए घूम रहे हैं, तो मैं सचमुच स्तब्ध रह गया था। मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि फिल्म और मेरे किरदार का लोगों पर इतना गहरा असर पड़ा है।