जाह्नवी कपूर ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसमें शिखर पहाड़िया के साथ उनके रिश्ते का एक अहम पहलू सामने आता है। अभिनेत्री के मुताबिक, साल 2018 में उनकी मां श्रीदेवी के निधन के बाद शिखर उनके करीब रहने के लिए लंदन से मुंबई आ गए थे। उस समय दोनों आधिकारिक तौर पर रिश्ते में नहीं थे, लेकिन शिखर ने यह सुनिश्चित किया कि जरूरत पड़ने पर जाह्नवी के पास मौजूद रह सकें।
यह किस्सा करण जौहर के चैट शो ‘कॉफी विद करण’ के आगामी एपिसोड में सामने आएगा। इस एपिसोड में जाह्नवी अपने ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ के सह-कलाकार वरुण धवन के साथ नजर आएंगी। बातचीत के दौरान करण जौहर ने जाह्नवी से शिखर के साथ उनके रिश्ते और उस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने को लेकर सवाल किया।
लंदन में पढ़ाई कर रहे थे शिखर, फिर मुंबई लौट आएशो में करण जौहर जाह्नवी से पूछते हैं कि क्या उन्हें हमेशा से यह एहसास था कि शिखर ही उनके जीवनसाथी बन सकते हैं। इस सवाल के जवाब में जाह्नवी अपनी मां श्रीदेवी के निधन के बाद के समय का जिक्र करती हैं। उन्होंने बताया कि उस वक्त शिखर लंदन में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन परिवार पर आए मुश्किल दौर में उन्होंने पढ़ाई से कुछ समय का ब्रेक लिया और मुंबई आ गए। जाह्नवी के मुताबिक, शिखर ने उनके करीब रहने के लिए अपनी रहने की व्यवस्था भी बदल ली थी। उस समय शिखर अपने पिता के साथ मुंबई के टाउन इलाके में रहते थे। हालांकि, बाद में जाह्नवी को पता चला कि वह करीब एक महीने तक जुहू में अपने एक दोस्त के घर पर रहे थे।
‘अगर उसे मेरी जरूरत पड़े तो मैं आसपास रहना चाहता हूं’जाह्नवी ने बताया कि ऐसा नहीं था कि वह और शिखर हर दिन मिलते थे। इसके बावजूद शिखर ने इस बात का ध्यान रखा कि जरूरत पड़ने पर वह उनसे ज्यादा दूर न हों। अभिनेत्री को काफी समय बाद पता चला कि शिखर ने जुहू में रहने का फैसला इसलिए किया था, ताकि अगर उन्हें किसी भी समय उनकी जरूरत पड़े, तो वह उनके पास पहुंच सकें। इस बात को बताते हुए जाह्नवी ने शिखर के फैसले के पीछे की भावना का जिक्र किया। उनके अनुसार, शिखर चाहते थे कि मुश्किल वक्त में अगर उन्हें उनकी जरूरत हो, तो वह आसपास मौजूद रहें। उस समय जाह्नवी अपनी मां को खोने के दुख से गुजर रही थीं और शिखर ने उनके करीब रहने के लिए अपनी पढ़ाई से कुछ समय का विराम लिया था।
2018 में हुआ था श्रीदेवी का निधनश्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को दुबई में हुआ था। वह वहां एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गई थीं। उनके अचानक निधन की खबर से हिंदी फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक फैल गया था। दुबई के अधिकारियों ने बाद में बताया था कि होटल के कमरे के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से उनकी मौत हुई थी।
श्रीदेवी का पार्थिव शरीर 27 फरवरी को मुंबई लाया गया था और अगले दिन उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियां और हजारों प्रशंसक पहुंचे थे। मां के निधन के बाद जाह्नवी के जीवन का यह दौर बेहद कठिन था। इसी दौरान शिखर का उनके करीब रहने का फैसला उनके रिश्ते से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रसंग बन गया, जिसे अभिनेत्री ने अब शो में साझा किया है।
‘कॉफी विद करण’ में पहले भी शिखर का जिक्र कर चुकी हैं जाह्नवीजाह्नवी कपूर और शिखर पहाड़िया के रिश्ते को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। अभिनेत्री ने पहले भी कई मौकों पर शिखर का जिक्र किया है। साल 2023 में ‘कॉफी विद करण 8’ में जाह्नवी ने अपनी स्पीड डायल लिस्ट में तीन लोगों के नाम बताए थे। इनमें शिखर का नाम भी शामिल था, जिन्हें उन्होंने ‘शिकू’ कहकर संबोधित किया था। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं और बढ़ गई थीं।
अप्रैल 2024 में जाह्नवी अपने पिता बोनी कपूर की फिल्म ‘मैदान’ की स्क्रीनिंग में शिखर के नाम वाला नेकलेस पहने नजर आई थीं। इसके बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शिखर उनकी जिंदगी का हिस्सा तब से हैं, जब वह 15-16 साल की थीं। उन्होंने अपने रिश्ते को एक-दूसरे का सपोर्ट सिस्टम बताया था और कहा था कि उनके सपने भी हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहे हैं।
बोनी कपूर भी कई मौकों पर शिखर के प्रति अपना स्नेह जाहिर कर चुके हैं। साल 2026 में जाह्नवी और शिखर की शादी को लेकर खबरें सामने आई थीं, लेकिन मई में बोनी कपूर ने इन अटकलों को खारिज कर दिया था। वहीं, जाह्नवी की बहन अनशुला की शादी में शिखर परिवार की तस्वीर में भी शामिल थे।