साल 2026 में बॉक्स ऑफिस पर कई फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ की कमाई ने खास तौर पर ध्यान खींचा। फिल्म ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ते हुए दुनियाभर में 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया और 5 अक्टूबर तक इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 423 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया। हालांकि, अभिनेत्री ऋचा चड्ढा इस प्रदर्शन को भारतीय सिनेमा में कंटेंट आधारित फिल्मों के किसी बड़े बदलाव का पक्का संकेत नहीं मानतीं। ऋचा के मुताबिक, सिर्फ एक फिल्म के सफल होने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि दर्शकों की पसंद में व्यापक बदलाव आ गया है। उन्होंने ‘हनुमान अंश’ की सफलता को उसके धार्मिक और पौराणिक विषय से जोड़कर देखने की बात कही है।
‘हनुमान अंश’ की सफलता को अलग नजरिए से देखती हैं ऋचाऋचा चड्ढा ने 2026 को कंटेंट ड्रिवन सिनेमा के लिए लैंडमार्क ईयर मानने की धारणा पर अपनी असहमति जताई। उनका कहना है कि ‘हनुमान अंश’ जैसी धार्मिक और पौराणिक विषय वाली फिल्मों को दर्शकों से एक अलग तरह का जुड़ाव मिल सकता है। उनके अनुसार, ऐसे विषय दर्शकों के लिए अपेक्षाकृत परिचित और सुरक्षित विकल्प होते हैं, इसलिए इस एक फिल्म की कामयाबी को भारतीय सिनेमा में दर्शकों की पसंद के पूरी तरह बदल जाने से जोड़ना सही नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल भारतीय फिल्मों की तुलना हॉलीवुड की फिल्मों से करना उचित नहीं है। ऋचा का मुख्य तर्क यही है कि किसी एक फिल्म के असाधारण प्रदर्शन से पूरे फिल्म उद्योग के रुझान के बारे में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। उनके मुताबिक, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारतीय सिनेमा में कंटेंट को लेकर कोई बड़ा बदलाव शुरू हो चुका है।
बेहतर कहानी के साथ लेखकों को मिले उचित मेहनतानाऋचा चड्ढा ने सिर्फ ‘हनुमान अंश’ की सफलता पर अपनी राय रखने तक बात सीमित नहीं रखी, बल्कि कंटेंट आधारित सिनेमा को मजबूत करने के लिए लेखकों की भूमिका पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि अच्छी फिल्मों के लिए मजबूत कहानियां और बेहतर स्क्रिप्ट जरूरी हैं। इसके साथ ही लेखकों को उनके काम के लिए पर्याप्त मेहनताना और संसाधन मिलना भी महत्वपूर्ण है। ऋचा के मुताबिक, अगर फिल्म इंडस्ट्री अच्छी स्क्रिप्ट पर ज्यादा ध्यान दे और लेखकों को उचित भुगतान करे, तो कंटेंट आधारित फिल्मों के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सकता है। उनकी राय में किसी फिल्म की बुनियाद उसकी कहानी होती है और मजबूत कहानी के लिए लेखकों को सम्मान के साथ जरूरी संसाधन मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
करीब 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने पार किए 400 करोड़‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस यात्रा की बात करें तो फिल्म ने शुरुआत में बहुत बड़ी ओपनिंग नहीं की थी। इसके बाद दर्शकों के बीच चर्चा बढ़ने के साथ फिल्म की कमाई में तेजी आई और यह लंबे समय तक सिनेमाघरों में बनी रही। विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई फिल्म ने भारत में 300 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया। रिलीज के आठ सप्ताह के भीतर इसका दुनियाभर का कलेक्शन 400 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। फिल्म की खास बात यह रही कि इसके साथ कई बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में पहुंचीं, लेकिन इसके बावजूद ‘हनुमान अंश’ की कमाई में लगातार स्थिरता बनी रही।
5 अक्टूबर तक 423 करोड़ रुपये से ज्यादा कलेक्शनसैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, 5 अक्टूबर तक ‘हनुमान अंश’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 423 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका था। ‘द पैराडाइज’, ‘द ववान - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ और ‘दृश्यम 3’ जैसी फिल्मों की रिलीज के बीच भी इसका सिनेमाघरों में टिके रहना फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन का अहम हिस्सा रहा। फिल्म की सफलता के बाद मेकर्स ने इसके सीक्वल की भी घोषणा कर दी है। हालांकि, प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने स्पष्ट किया है कि फिल्म की सफलता के बावजूद सीक्वल का बजट बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये नहीं किया जाएगा।
उनके मुताबिक, बजट बढ़ने पर गैर-जरूरी वीएफएक्स पर खर्च बढ़ने की संभावना हो सकती है। इसलिए सीक्वल के लिए ज्यादा बजट रखने के बजाय मौजूदा स्तर पर ही काम करने की बात कही गई है।
नीम करोली बाबा पर सीरीज बनाने का भी ऐलान‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद नीम करोली बाबा से जुड़ा एक और प्रोजेक्ट सामने आया है। सोनीलिव ने उनके जीवन पर एक सीरीज बनाने की घोषणा की है। हालांकि, इस सीरीज की स्टारकास्ट और रिलीज डेट को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस सफलता और उससे जुड़े नए प्रोजेक्ट्स के बीच ऋचा चड्ढा की टिप्पणी का केंद्र एक ही बात है—एक फिल्म के प्रदर्शन को पूरे भारतीय सिनेमा में कंटेंट आधारित बदलाव का प्रमाण मानने से पहले और सफल फिल्मों का इंतजार करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने मजबूत स्क्रिप्ट और लेखकों को उचित मेहनताना देने को कंटेंट सिनेमा को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना है।