फराह खान ने माथे पर टीका लगाने से किया इनकार, फिर किया कुछ ऐसा कि सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस

फिल्ममेकर फराह खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। एक पब्लिक इवेंट के दौरान वह माथे पर टीका लगवाने से मना करती दिखाई दीं। हालांकि, कुछ पल रुकने के बाद उन्होंने अपना हाथ आगे बढ़ाया और हाथ पर टीका लगवाया। पपराजी की ओर से पोस्ट किए गए इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने फराह के व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की, जबकि दूसरे लोगों ने इसे उनकी निजी पसंद बताते हुए उनका बचाव किया। इस तरह टीका लगाने के घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर धार्मिक रीति-रिवाजों और व्यक्तिगत पसंद को लेकर बहस छेड़ दी है।

पहले आरती की, फिर माथे पर टीका लगाने से किया मना

'मैं हूं ना' जैसी फिल्म से पहचान रखने वाली निर्देशक फराह खान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंची थीं। वहां स्वागत के दौरान सबसे पहले उनकी आरती उतारी गई और उन पर फूल बरसाए गए। फराह ने थाली में रखे दीपक से आरती ली। इसके बाद उन्होंने अपने सिर पर गिरे फूलों को हटाया। इसी दौरान स्वागत कर रही एक युवती ने उनके माथे पर टीका लगाने की कोशिश की। फराह ने उंगली से इशारा करते हुए इसके लिए मना कर दिया। हालांकि, वह आगे बढ़ने से पहले कुछ पल रुकीं और फिर अपना हाथ आगे कर दिया, जिस पर उन्हें टीका लगाया गया। वीडियो में इसके बाद फराह वहां से आगे बढ़ती दिखाई देती हैं।

कुछ यूजर्स ने व्यवहार पर उठाए सवाल


वीडियो वायरल होने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने फराह खान के रवैये की आलोचना की। एक यूजर ने कमेंट में लिखा, “इतना एटिट्यूड अच्छा नहीं है।” वहीं, दूसरे ने उनके व्यवहार को “ओवर एक्टिंग की दुकान” बताया। एक अन्य यूजर ने यह आरोप लगाया कि फराह ने कैमरे को देखकर हाथ पर टीका लगवाया। उस व्यक्ति ने टिप्पणी की कि कुछ लोग वीडियो में खुद को बहुत अच्छा दिखाने की कोशिश करते हैं। ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर किए गए व्यक्तिगत कमेंट हैं; वीडियो को लेकर सभी यूजर्स की राय एक जैसी नहीं रही।
कुछ लोगों ने किया फराह खान का बचाव

जहां कुछ लोगों ने फराह के व्यवहार पर सवाल उठाए, वहीं कई यूजर्स ने धार्मिक परंपराओं को मानने या न मानने के व्यक्तिगत अधिकार की बात कही। एक यूजर ने लिखा कि किसी को भी हिंदू रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। एक अन्य यूजर ने फराह खान के पक्ष में टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए उनके फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। इस यूजर के मुताबिक, यह सवाल करने के बजाय कि फराह टीका क्यों नहीं लगवा रही हैं, इस बात पर विचार किया जाना चाहिए कि उन्हें टीका लगाने के लिए क्यों कहा जा रहा है। कमेंट सेक्शन में एक अन्य व्यक्ति ने भी इसी मुद्दे को उठाया। उसने सवाल किया कि हिंदुओं की ओर से मुसलमानों से अपनी परंपराएं अपनाने की अपेक्षा क्यों की जाती है और ऐसी कोशिशें बंद होनी चाहिए। इस तरह फराह खान के वीडियो पर कुछ लोगों ने उनके व्यवहार की आलोचना की, जबकि अन्य ने धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद के पक्ष में अपनी राय रखी।