टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ आज अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं। इन दिनों वह स्टेज-2 लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और लगातार इलाज करा रही हैं। कभी छोटे पर्दे की सबसे चर्चित और सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शुमार रहीं दीपिका ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया, लेकिन उनकी सफलता के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी छिपी है। एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने एयर होस्टेस की नौकरी की और मुंबई में बेहद साधारण परिस्थितियों में रहते हुए अपने सपनों को साकार किया।
आज भले ही दीपिका कक्कड़ करोड़ों दर्शकों के बीच एक जाना-पहचाना नाम हों, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब नए शहर में खुद को स्थापित करने के लिए उन्हें हर दिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपने लिए सफलता की नई राह बनाई।
तीन साल तक एयर होस्टेस रहीं दीपिका6 अगस्त 1986 को महाराष्ट्र के पुणे में जन्मीं दीपिका कक्कड़ ने पढ़ाई पूरी करने के बाद एयर होस्टेस के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्होंने करीब तीन वर्षों तक यह नौकरी की। हालांकि उनके मन में बचपन से ही अभिनय की दुनिया में पहचान बनाने का सपना था। यही वजह रही कि बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह एक्टिंग में अपना भविष्य तलाशने का फैसला किया।
एक सूटकेस लेकर पहुंचीं मुंबई, पीजी में गुजारे शुरुआती दिनदीपिका ने अपने शुरुआती संघर्षों का जिक्र करते हुए बताया था कि जब वह नौकरी के सिलसिले में मुंबई आईं तो उनके पास सिर्फ एक सूटकेस था। महानगर में उन्होंने एक साधारण पीजी में रहना शुरू किया, जहां उन्हें पांच से छह लड़कियों के साथ एक ही कमरा साझा करना पड़ता था। नए शहर, नई जिंदगी और सीमित सुविधाओं के बीच खुद को संभालना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।
खर्च बचाने के लिए कभी पैदल चलीं, कभी ऑटो से किया सफरमुंबई में शुरुआती दिनों में दीपिका बेहद सोच-समझकर खर्च करती थीं। वह भविष्य को ध्यान में रखते हुए हर संभव बचत करने की कोशिश करती थीं। उन्होंने बताया था कि कई बार ऑटो रिक्शा से सफर करती थीं और कई मौकों पर पैसे बचाने के लिए पैदल भी आना-जाना पड़ता था। यही छोटे-छोटे संघर्ष आगे चलकर उनके मजबूत व्यक्तित्व की पहचान बने।
मां के साथ किराये के छोटे फ्लैट में बिताए दिनकुछ समय बाद उनकी मां भी मुंबई आकर उनके साथ रहने लगीं। इसके बाद दीपिका ने किराये पर एक छोटा-सा 1BHK फ्लैट लिया, जिसके लिए वह हर महीने करीब साढ़े छह हजार रुपये किराया देती थीं। आर्थिक स्थिति उस समय इतनी मजबूत नहीं थी कि घर की हर जरूरत आसानी से पूरी हो सके।
दीपिका ने बताया था कि एक दौर ऐसा भी आया जब उनके पास अलग-अलग बिस्तर तक नहीं थे। वह और उनकी मां एक ही गद्दे पर सोते थे। घर में खिड़कियों पर पर्दे लगाने तक के पैसे नहीं थे, इसलिए वह अपने दुपट्टों को ही पर्दे की तरह इस्तेमाल करती थीं। इन्हीं मुश्किल परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपने सपनों को जिंदा रखा।
'ससुराल सिमर का' ने बदल दी जिंदगीएयर होस्टेस की नौकरी छोड़ने के बाद दीपिका ने अभिनय की दुनिया में किस्मत आजमानी शुरू की। साल 2010 में उन्होंने टीवी शो 'नीर भरे तेरे नैना देवी' से छोटे पर्दे पर डेब्यू किया। इसके बाद वह 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो' में भी नजर आईं, लेकिन उन्हें असली पहचान 'ससुराल सिमर का' से मिली।
साल 2011 में शुरू हुए इस लोकप्रिय धारावाहिक में दीपिका ने 'सिमर' का किरदार निभाया, जिसने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। इस शो में अभिनेत्री अविका गौर भी अहम भूमिका में थीं। 'सिमर' का किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि इसके बाद दीपिका ने टीवी इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली और सफलता की सीढ़ियां लगातार चढ़ती चली गईं।
'बिग बॉस 12' की ट्रॉफी भी की अपने नामटीवी सीरियल्स के अलावा दीपिका कक्कड़ ने सलमान खान के चर्चित रियलिटी शो 'बिग बॉस 12' में भी हिस्सा लिया। पूरे सीजन के दौरान उन्होंने अपने शांत स्वभाव और मजबूत खेल से दर्शकों का दिल जीता। आखिरकार वह इस सीजन की विजेता बनीं, जबकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत पहले रनर-अप रहे। इस जीत ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।
स्टेज-2 लिवर कैंसर से लड़ रही हैं दीपिकामई 2025 में दीपिका कक्कड़ को पता चला कि वह स्टेज-2 लिवर कैंसर से पीड़ित हैं। जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनके लिवर में टेनिस बॉल के आकार का ट्यूमर पाया था। बाद में सर्जरी के जरिए इस ट्यूमर को निकाल दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है और वह पूरी हिम्मत के साथ इस गंभीर बीमारी का सामना कर रही हैं। उनके प्रशंसक लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।