भारतीय सिनेमा में अक्सर देखा गया है कि बड़ी बजट वाली मसाला फिल्में कभी-कभी छोटी लेकिन प्रभावशाली फिल्मों के सामने टिक नहीं पातीं। इसी बीच रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' की धाक के बीच मलयालम फिल्म 'आडू 3' सिनेमाघरों में रिलीज हुई और दर्शकों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया। छोटे बजट की यह फिल्म ओपनिंग वीकेंड में ही बजट से चार गुना अधिक कमाई कर यह साबित कर दी कि सिनेमा में कंटेंट की ताकत स्टार पावर से कम नहीं होती।
'धुरंधर 2' का दबदबा और 'आडू 3' की चुपचाप धमकरणवीर सिंह की 'धुरंधर: द रिवेंज' को लेकर ट्रेड एनालिस्ट और दर्शक काफी उत्साहित थे। इस फिल्म के दबदबे के कारण यश स्टारर साउथ फिल्म 'टॉक्सिक' ने अपनी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी थी। माना जा रहा था कि 'धुरंधर 2' के सामने कोई फिल्म टिक नहीं पाएगी। लेकिन 'आडू 3' ने अपनी फैंटेसी कॉमेडी और यूनिक कंटेंट के दम पर पूरी स्थिति बदल दी। फिल्म की मजेदार कहानी और अभिनय ने दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई, और यह साबित किया कि सिर्फ स्टार या भव्य सेट ही बॉक्स ऑफिस सफलता तय नहीं करता।
'आडू 3' का जबरदस्त प्रदर्शनमलयालम फिल्म 'आडू 3' में जयसूर्या, विनायकन और विजय बाबू जैसे अनुभवी कलाकार हैं। फिल्म ने ओपनिंग वीकेंड में ही 87 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर ट्रेड पंडितों को हैरान कर दिया। सोमवार के पहले लिटमस टेस्ट में भी फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया और चार दिनों में इसका कुल कारोबार 90 करोड़ रुपये पार कर चुका है। एडवांस बुकिंग के आंकड़े पहले ही बता चुके थे कि केरल में 'आडू 3', 'धुरंधर 2' को कड़ी टक्कर देने वाली है।
बजट बनाम कमाई: एक बड़ा अंतर'आडू 3' की सफलता की सबसे बड़ी वजह इसका ROI (Return on Investment) है। फिल्म का बजट मात्र 20 करोड़ रुपये था, लेकिन कमाई बजट से चार गुना अधिक रही। जहां बड़ी फिल्मों को लागत निकालने में हफ्तों लग जाते हैं, वहीं 'आडू 3' ने पहले वीकेंड में ही खुद को ब्लॉकबस्टर साबित कर दिया। रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' अपनी जगह मजबूत बनी हुई है, लेकिन 'आडू 3' ने यह साबित कर दिया कि आज के दर्शक केवल बड़े स्टार या भव्य सेट देखकर नहीं जाते, बल्कि अच्छी कहानी और मनोरंजन के लिए सिनेमाघरों में आते हैं।