क्यों हर कुछ महीनों में शैम्पू बदलना है जरूरी? एक ही ब्रांड से चिपके रहना बढ़ा सकता है बालों की दिक्कतें

अक्सर हम किसी भी प्रोडक्ट से संतुष्ट हो जाएं, तो उसे बदलने का मन नहीं करता। यही आदत बालों की देखभाल में भी देखने को मिलती है। एक बार कोई शैम्पू सूट कर जाए, तो हम सालों तक उसी बोतल पर भरोसा बनाए रखते हैं। मन में यही चलता है कि “जब ये शैम्पू ठीक है, तो बदलाव क्यों?” लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि लंबे समय तक एक ही शैम्पू का इस्तेमाल आपके बालों के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकता है? (Signs You Need To Change Your Shampoo) दरअसल, बालों की जरूरतें समय के साथ बदलती रहती हैं और शैम्पू न बदलना कई समस्याओं की वजह बन सकता है।

मौसम बदलता है, तो हेयर केयर भी बदले


जिस तरह हम मौसम के हिसाब से कपड़े, खान-पान और स्किन केयर रूटीन बदलते हैं, उसी तरह बालों की जरूरतें भी मौसम पर निर्भर करती हैं। गर्मियों में पसीना, धूल और प्रदूषण स्कैल्प को ज्यादा ऑयली बना देता है। ऐसे में क्लैरिफाइंग या डीप क्लीनिंग शैम्पू ज्यादा फायदेमंद होते हैं। वहीं सर्दियों में ठंडी हवा और कम नमी बालों को रूखा और बेजान बना देती है, जहां मॉइस्चराइजिंग या हाइड्रेटिंग शैम्पू की जरूरत पड़ती है। अगर आप हर मौसम में एक ही शैम्पू इस्तेमाल करते रहेंगे, तो बाल धीरे-धीरे अपनी चमक और मजबूती खो सकते हैं।

शैम्पू से होने वाला ‘प्रोडक्ट बिल्ड-अप’

क्या कभी ऐसा महसूस हुआ है कि जो शैम्पू पहले बालों को हल्का और सॉफ्ट बनाता था, अब वही बालों को भारी या चिपचिपा छोड़ देता है? इसका कारण है प्रोडक्ट बिल्ड-अप। कई शैम्पू और कंडीशनर में सिलिकॉन और केमिकल्स होते हैं, जो बालों पर एक पतली परत बना देते हैं। समय के साथ यह परत मोटी होती जाती है और बालों की जड़ों तक पोषण पहुंचने में रुकावट पैदा करती है। नतीजा—बाल बेजान, कमजोर और जानहीन नजर आने लगते हैं। ऐसे में शैम्पू बदलना इस जमी हुई परत को हटाने में मदद करता है और बालों को दोबारा सांस लेने का मौका देता है।

उम्र और लाइफस्टाइल भी बदल देती है बालों की जरूरत

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे हमारे शरीर में हार्मोनल बदलाव आते हैं। खान-पान, तनाव, नींद की कमी और लाइफस्टाइल का असर भी बालों पर साफ दिखने लगता है। हो सकता है कुछ साल पहले आपके बाल बहुत घने और ऑयली रहे हों, लेकिन अब वे पतले, ड्राई या ज्यादा झड़ने लगे हों। ऐसे में पुराना शैम्पू अब आपकी मौजूदा हेयर कंडीशन के हिसाब से काम नहीं करेगा। बालों की बनावट (टेक्सचर) और जरूरतें बदलती हैं, इसलिए शैम्पू में बदलाव करना जरूरी हो जाता है।

किन संकेतों से समझें कि शैम्पू बदलने का वक्त आ गया है?

हर बार बोतल खत्म होते ही नया ब्रांड लेना जरूरी नहीं, लेकिन बालों के संकेतों को नजरअंदाज करना भी सही नहीं। अगर बाल धोने के बाद भी स्कैल्प में खुजली हो, बाल ज्यादा उलझने लगें, रूखापन बढ़ जाए या पहले जैसी चमक नजर न आए, तो यह साफ संकेत हैं कि आपका शैम्पू अब असरदार नहीं रहा। ऐसे में नया और आपकी जरूरतों के मुताबिक शैम्पू ट्राई करना बेहतर होता है।

बालों की सेहत को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए समय-समय पर शैम्पू बदलना एक समझदारी भरा फैसला है। साल में कम से कम दो से तीन बार शैम्पू बदलकर देखें। सही बदलाव से न सिर्फ बालों की समस्याएं कम होंगी, बल्कि आपके बाल फिर से मजबूत, मुलायम और चमकदार नजर आने लगेंगे।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।