रातों-रात दूर हो जाएगी डार्क अंडरआर्म्स की समस्या, जब अपनाएंगे ये घरेलू उपचार

बहुत सी महिलाएं और लड़कियां अंडरआर्म्स के कालेपन और गंदा होने की वजह से स्लीवलेस टी-शर्ट, गाउन और ब्लाउज नहीं पहन पाती हैं। अंडरआर्म्स का कलर डार्क होने के पीछे कई कारण हो सकते है। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ बेहद आसान घरेलू नुस्खे और उपाय जिनकी मदद से आप डार्क अंडरआर्म्स की समस्या से कुछ ही दिनों में छुटकारा पा सकती हैं...

अंडरआर्म्स के डार्क होने की वजहें

- कई बार बहुत गर्म वैक्स यूज करने की वजह से
- हेयर रिमूवल क्रीम की वजह से
- कॉस्मेटिक उत्पाद का अधिक इस्तेमाल
- कई बार अंडरआर्म्स के बाल हटाने के लिए रेजर का इस्तेमाल करने की वजह
- बहुत सी महिलाओं में यह दिक्कत हॉर्मोनल डिसबैलेंस की वजह से भी होती है
- बहुत ज्यादा टाइट कपड़े पहनने की वजह से
- डियोड्रेंट का अधिक इस्तेमाल की वजह से भी अंडरआर्म्स का रंग डार्क हो जाता है
- अंडरआर्म्स की ढंग से सफाई न की जाए तो वहां बैक्टीरिया पनपने लगता है
- मेलेनिन के अधिक उत्पादन से भी डार्क अंडरआर्म्स की समस्या हो सकती है
- प्रेगनेंसी में भी स्किन का कलर डार्क हो सकता है
- डायबिटीज या उच्च इंसुलिन स्तर भी त्वचा के कालेपन की वजह होती है

अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करने के घरेलू उपाय:

- शेव करने से बेहतर है कि आप अंडरआर्म्स के अनचाहे बालों को हटाने के लिए वैक्स‍िंग ही करें। इससे बाल काफी अंदर से निकल जाते हैं और साथ में डेड-सेल्स भी हट जाते हैं, जिससे त्वचा साफ हो जाती है।

- आप अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करने के लिए बेसन, दही, नींबू और हल्दी का पैक बना लें। इसे रोजाना 15-20 मिनट तक अंडरआर्म्स पर लगाए। कुछ दिनों में आपको फर्क दिखने लगेगा।

- आलू में विटमिन ए, बी और सी प्रचूर मात्रा में होता है और आलू के इस्तेमाल से आपके अंडरआर्म्स की त्वचा का प्राकृतिक तरीके से ब्लीच हो सकता है। आप चाहें तो प्रतिदिन नहाने से पहले आलू के कुछ टुकड़े काटकर अंडरआर्म्स में रगड़ें। ऐसा करने से कालापन कम होगा। इसके अलावा आप आलू के रस और नींबू के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर भी अंडरआर्म्स में लगा सकती हैं। इससे भी बेहतर नतीजे मिलेंगे।

- कई बार डियोडोरेंट के अधिक इस्तेमाल से भी अंडरआर्म्स में कालापन आ जाता है। हो सके तो इसका संयमित इस्तेमाल करें और अंडरआर्म्स की बदबू को दूर करने के लिए दूसरे घरेलू नुस्खों को अपना सकते है। अंडरआर्म्स की बदबू को दूर करने के लिए आप फिटकरी का इस्तेमाल कर सकती है।

- चंदन और गुलाब जल के पेस्ट को लगाने से भी अंडरआर्म्स का कालापन कम होता है।

- अंडरआर्म्स की अच्छी तरह से सफाई नहीं की जाए तो डेड स्किन सेल्स जमा होते हैं। जिसकी वजह से अंडरआर्म्स की त्वचा बदरंग, पैची और डार्क हो जाती है। बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें और इससे आर्मपिट को स्क्रब करें। इससे अंडरआर्म्स के रोमछिद्र खुलेंगे और बदबू भी दूर होगी। आप बेकिंग सोडा में नारियल तेल को मिलाकर भी मसाज कर सकती है। इस पेस्ट को एक हफ्ते में दो बार लगाएं।

- बेसन एक बेहतरीन स्क्रब है जो स्किन के डेड सेल को हटाकर स्किन टोन को एक समान करने में मदद करता है। दही में मौजूद लैक्टिक ऐसिड स्किन को कंडीशन करने के साथ ही उसे सॉफ्ट भी बनाता है। बेसन और दही को मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे आर्मपिट पर लगाएं। उसे सूखने के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। कुछ ही दिनों में आर्मपिट की रंगत निखरने लगेगी।

- बादाम तेल से आप 5-10 मिनट के लिए अंडर आर्म्स की मालिश कर सकते है। डार्क अंडरआर्म्स में बादाम के तेल के फायदे भी देखे जा सकते हैं। बादाम के तेल में एमोलिएंटगुण होता है, जो स्किन टोन को सुधारने में मदद कर सकते है। यही नहीं, बादाम का तेल त्वचा को स्मूद (चिकना) और जवां बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है।

- अंडरआर्म्स के कालेपन से छुटकारा पाने के लिए टी ट्री ऑयल अच्छा विकल्प है। टी ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं, जो कीटाणुओं से लड़ने में मदद कर सकते हैं।

- अरंडी का तेल भी अंडरआर्म्स के कालेपन से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। अरंडी का तेल त्वचा के कालेपन की वजह बनने वाले अशुद्धियों को निकालकर उसे साफ करने में मदद कर सकता है।

- हल्दी को फेस पैक की तरह लगाया जाता है। इसमें करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जो त्वचा के दाग-धब्बों को हल्का कर रंगत को निखार सकता है। अगर डार्क अंडरआर्म्स पर इसका उपयोग लगातार किया जाए, तो कालापन दूर हो सकता।

- जैतून का तेल एंटीऑक्सीडेंट और एंटी माइक्रोबियल गुण प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स और बैक्टीरिया से त्वचा की रक्षा करने में मदद कर सकते हैं। जैतून का तेल मेलेनिन के उत्पादन को कम कर सकता है, जिससे त्वचा का रंग डार्क होने से बचाया जा सकता है।

- मृत कोशिकाएं भी ब्लैक अंडरआर्म्स का एक कारण बन सकते है। ऐसे में सेब के सिरके में मौजूद अल्फा हाइड्रोक्साइल एसिड त्वचा में जमे हुए मृत कोशिकाओं को हटाकर नई और स्वस्थ स्किन को जन्म दे सकता है। सेब के सिरके में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो सूक्ष्म बैक्टीरिया (जिसकी वजह से कालापन हो सकता) को नष्ट करने में मदद कर सकते हैं।