नवरात्रि व्रत में क्या खाना है और क्या नहीं? प्याज-लहसुन से लेकर साबूदाने तक, समझें नियम

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हो गई है। इन नौ दिनों में कई लोग मां दुर्गा की पूजा के साथ व्रत रखते हैं और अपने खान-पान में बदलाव करते हैं। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि व्रत के दौरान कौन-सी चीजें खाई जा सकती हैं और किनसे परहेज करना चाहिए। कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से लेकर साबूदाना, फल, दूध और सेंधा नमक तक, व्रत में कई विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, खाने-पीने के नियम हर परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार कुछ अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी धार्मिक परंपरा के मुताबिक भोजन चुनना जरूरी है।

नवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं?

नवरात्रि के व्रत में आमतौर पर सात्विक भोजन किया जाता है। कई लोग नियमित अनाज और दालों की जगह व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री चुनते हैं। फल, दूध, दही, मेवे और कुछ सब्जियां भी भोजन का हिस्सा हो सकती हैं।

1. कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा का आटा


व्रत के दौरान गेहूं के आटे की जगह कुट्टू, सिंघाड़े या राजगिरा के आटे से बने व्यंजन खाए जाते हैं। इनसे रोटी, पूरी, पराठे और दूसरे व्रत-अनुकूल पकवान बनाए जा सकते हैं। इन आटों का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि पकवान बनाने में इस्तेमाल होने वाली बाकी सामग्री भी आपके व्रत के नियमों के अनुरूप हो।

2. साबूदाना और समा के चावल


साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना टिक्की और समा के चावल से बना पुलाव नवरात्रि के लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल हैं। इन्हें आलू, मूंगफली, दही या व्रत में स्वीकार किए जाने वाले मसालों के साथ तैयार किया जा सकता है। हालांकि, साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च से भरपूर होता है, इसलिए केवल इसी पर निर्भर रहने के बजाय भोजन में फल, दही, दूध और अन्य उपयुक्त चीजें भी शामिल करें।

3. आलू, शकरकंद और दूसरी सब्जियां

व्रत में कई घरों में आलू, शकरकंद, अरबी, कद्दू और लौकी जैसी सब्जियां खाई जाती हैं। खीरा और टमाटर भी कई परिवारों में व्रत के भोजन का हिस्सा होते हैं। कुछ लोग कच्चे केले और पालक का सेवन भी करते हैं, जबकि कुछ परंपराओं में कुछ सब्जियों से परहेज किया जाता है। इसलिए सब्जियों की सूची को सभी व्रत रखने वालों के लिए एक जैसा नियम नहीं मानना चाहिए।

4. दूध, दही, पनीर और छाछ


अगर आपके व्रत में डेयरी उत्पादों की अनुमति है, तो दूध, दही, पनीर और छाछ को भोजन में शामिल कर सकते हैं। इनसे प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। दही के साथ कद्दू या लौकी जैसे व्रत-अनुकूल विकल्प भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। भोजन को संतुलित रखने के लिए केवल तली हुई चीजों या आलू पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग खाद्य पदार्थों का चुनाव करें।

5. फल और सूखे मेवे


सेब, केला, पपीता, अनार और संतरा जैसे फल व्रत के दौरान खाए जा सकते हैं। बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश, मूंगफली और मखाना भी कई लोग अपने आहार में शामिल करते हैं। फल और मेवे दिनभर के भोजन में विविधता लाने में मदद करते हैं। मखाने को भूनकर खाया जा सकता है, जबकि दूध के साथ इसकी खीर भी बनाई जाती है। मेवे पौष्टिक होते हैं, लेकिन इनकी मात्रा अपनी जरूरत के अनुसार रखें।

6. सेंधा नमक और व्रत में इस्तेमाल होने वाले मसाले


व्रत के दौरान कई परिवार साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करते हैं। जीरा, काली मिर्च, अदरक, हरी मिर्च और हरा धनिया भी कई व्रत-अनुकूल व्यंजनों में डाले जाते हैं। हालांकि, मसालों और नमक को लेकर भी परंपराओं में अंतर हो सकता है। इसलिए भोजन बनाते समय अपने घर में माने जाने वाले नियमों का ध्यान रखें।
नवरात्रि व्रत में किन चीजों से परहेज किया जाता है?

व्रत रखने वाले कई लोग कुछ खाद्य पदार्थों को पूरी तरह छोड़ देते हैं। इसकी वजह धार्मिक परंपराएं और सात्विक भोजन से जुड़े नियम हैं। हालांकि, सभी परिवारों में नियम एक जैसे नहीं होते।

1. गेहूं, चावल और नियमित अनाज


कठोर व्रत रखने वाले लोग आमतौर पर गेहूं, सामान्य चावल, मैदा, सूजी, जई और नियमित अनाज से बनी चीजें नहीं खाते। उनकी जगह कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा का आटा या समा के चावल जैसे विकल्प अपनाए जाते हैं। कुछ परिवारों में व्रत के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए अपनी परंपरा के अनुसार भोजन चुनें।

2. दालें और बेसन

कई व्रत परंपराओं में चना, मूंग, उड़द और दूसरी दालों के साथ बेसन से बनी चीजों से भी परहेज किया जाता है। इस कारण सामान्य बेसन के पकौड़े या दाल से बने व्यंजनों की जगह व्रत में स्वीकार की जाने वाली सामग्री इस्तेमाल की जाती है। अगर आप सख्त नियमों के साथ व्रत रख रहे हैं, तो पैकेट पर लिखी सामग्री भी जांच लें।

3. प्याज और लहसुन

नवरात्रि में सात्विक भोजन करने वाले कई लोग प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं करते। इसलिए सब्जी, करी और दूसरे व्यंजन बनाते समय इनकी जगह जीरा, अदरक, काली मिर्च और हरे धनिये जैसे व्रत में स्वीकार्य विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कौन-से मसाले इस्तेमाल करने हैं, यह आपके घर की परंपरा पर निर्भर करता है।

4. साधारण नमक और कुछ मसाले

कई परिवार व्रत के भोजन में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करते हैं। कुछ परंपराओं में हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, हींग और राई से भी परहेज किया जाता है। हालांकि, इन मसालों को लेकर कोई एक नियम सभी परिवारों पर लागू नहीं होता। व्रत का भोजन तैयार करने से पहले अपने घर में माने जाने वाले नियमों की जानकारी रखें।

5. मांसाहार, अंडे और शराब

नवरात्रि के व्रत में आमतौर पर मांस, मछली, अंडे और शराब से परहेज किया जाता है। इस दौरान कई लोग शाकाहारी और सात्विक भोजन को प्राथमिकता देते हैं।

6. पैकेट वाले स्नैक्स और तैयार सॉस

बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद स्नैक्स, चिप्स, तैयार सॉस और केचप का इस्तेमाल करने से पहले उनके लेबल पर लिखी सामग्री जांचना जरूरी है। इनमें साधारण नमक, ऐसे मसाले या अन्य सामग्री हो सकती है जो आपके व्रत के नियमों के अनुकूल न हो। पैकेट पर सिर्फ व्रत-अनुकूल होने का दावा देखकर उसे सही न मानें; सामग्री की सूची जरूर पढ़ें।

व्रत के दौरान खान-पान में इन बातों का भी रखें ध्यान

नवरात्रि में नौ दिनों तक खान-पान बदलने पर भोजन की मात्रा और विविधता पर ध्यान देना जरूरी है। व्रत का मतलब यह नहीं कि दिनभर पर्याप्त भोजन और पानी न लिया जाए।

- पानी पीते रहें: दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। अपनी पसंद और व्रत के नियमों के अनुसार छाछ या नारियल पानी जैसे पेय भी ले सकते हैं।
- तली हुई चीजें सीमित रखें: पूरी, पकौड़े और तली हुई टिक्की जैसे व्यंजन अधिक मात्रा में खाने के बजाय उबले, भुने या कम तेल में बने विकल्प चुनें।
- भोजन में विविधता रखें: केवल आलू या साबूदाने पर निर्भर रहने के बजाय फल, दही, दूध, मेवे और दूसरे स्वीकार्य खाद्य पदार्थ भी शामिल करें।
- लंबे समय तक भूखे न रहें: अपनी व्रत परंपरा के अनुसार भोजन का समय और मात्रा तय करें। कमजोरी या चक्कर महसूस होने पर शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें।
- स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो तो सलाह लें: मधुमेह, किडनी की बीमारी या दूसरी पुरानी स्वास्थ्य समस्या होने पर लंबे समय तक उपवास करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

व्रत के दौरान स्वस्थ खान-पान का ध्यान रखना भी जरूरी है। अपोलो हॉस्पिटल्स की सलाह में पर्याप्त तरल पदार्थ लेने, अधिक तला हुआ भोजन और जरूरत से ज्यादा खाने से बचने तथा व्रत खोलते समय हल्का भोजन लेने की बात कही गई है।