नाग पंचमी पर बन रहे हैं शुभ योग, 17 अगस्त को ऐसे करें पूजा; जानें नाग देवता को प्रसन्न करने के उपाय

सावन मास में आने वाला नाग पंचमी पर्व इस बार विशेष संयोग के साथ मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 अगस्त रविवार शाम 4:51 बजे से शुरू होकर 17 अगस्त सोमवार शाम 5 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर नाग पंचमी का व्रत और पूजन 17 अगस्त को किया जाएगा। खास बात यह है कि इस दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है, जिससे भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का संयोग बन रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी पर शेषनाग, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक समेत अन्य नागों की पूजा की जाती है। श्रद्धा के साथ पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहने और जीवन की बाधाओं से रक्षा होने की मान्यता है। इसके अलावा इस दिन किए जाने वाले कुछ उपायों को कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने से भी जोड़ा जाता है।

नाग पंचमी पर बन रहा है शुभ संयोग

इस वर्ष नाग पंचमी के दिन शुभ, शुक्ल और रवि योग का संयोग बताया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता में इन तीनों को महत्वपूर्ण नित्य योग माना जाता है। ऐसे योगों में किए गए शुभ और मांगलिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलने की मान्यता है।

नाग पंचमी और सावन सोमवार का एक ही दिन पड़ना भी धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। इस दिन शिव आराधना के साथ नाग देवता की पूजा करने से दोनों की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

नाग पंचमी पर कैसे करें पूजा?


नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा से शुरुआत की जा सकती है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। इसके बाद नाग देवता की पूजा का विधान है।

घर के मुख्य द्वार पर गोबर, नीम की पत्तियों या रोली-चंदन से नाग देवता की आकृति बनाने की परंपरा बताई गई है। इसके बाद सर्पाकार आकृति पर जल अर्पित किया जाता है। पूजा में घी और गुड़ चढ़ाने का भी विधान बताया गया है।
नाग पंचमी पर कौन से उपाय माने जाते हैं शुभ?

कुंडली से जुड़े दोषों के लिए नाग पंचमी के दिन कुछ विशेष उपाय करने की धार्मिक मान्यता है। बताया जाता है कि चांदी के नाग-नागिन के जोड़े को बहते हुए जल में प्रवाहित करना शुभ माना जाता है।

इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप और नाग देवता के 12 नामों का स्मरण भी इस दिन विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन उपायों को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से बाधाओं तथा कालसर्प दोष के अशुभ प्रभाव को कम करने में सहायता मिल सकती है।

नाग पंचमी पर शिव और नाग देवता की पूजा

नाग पंचमी का पर्व भगवान शिव और नाग देवता की आराधना से जुड़ा हुआ है। इस बार सोमवार के दिन पर्व पड़ने के कारण श्रद्धालुओं के लिए शिव पूजा और नाग पूजा दोनों का अवसर एक साथ रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की जाती है।

नोट: पूजा-पाठ और ग्रह-दोष से जुड़े उपाय धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपाय नहीं माना जाता।

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