वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की स्थिति समय-समय पर बदलती रहती है और इनकी चाल सीधे तौर पर इंसानों के जीवन पर असर डालती है। खासकर मंगल ग्रह, जिसे ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है, जब राशि परिवर्तन करता है तो उसका प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ और कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल मंगल कन्या राशि में स्थित हैं, लेकिन सितंबर माह में ये शुक्र की राशि तुला में प्रवेश करेंगे। यह गोचर कुछ विशेष राशियों के लिए आर्थिक, पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। आइए जानते हैं किन तीन राशियों पर मंगल का यह गोचर वरदान साबित हो सकता है।
1. कन्या राशि – अटके कामों को मिलेगी रफ्तारकन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर काफी लाभकारी रहेगा। जैसे ही मंगल तुला राशि में प्रवेश करेंगे, आपकी वित्तीय स्थिति में मजबूती देखने को मिलेगी। रुकी हुई योजनाएं अब दोबारा गति पकड़ेंगी। पुराने निवेशों से लाभ मिलने की संभावना है, और यदि आपने किसी से उधार दिया था तो वह पैसा भी लौट सकता है।
इसके साथ ही, नौकरी और व्यापार से जुड़ी नई संभावनाएं सामने आएंगी। यदि आप किसी प्रोजेक्ट को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे, तो इस समय उसका समाधान निकल सकता है।
2. मेष राशि – निवेश और समाधान का समयमंगल, मेष राशि के स्वामी हैं और उनका तुला राशि में गोचर मेष राशि के जातकों के लिए शुभ समाचार लेकर आएगा। खासकर जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में लाभ की स्थिति बन रही है। यदि कोई विवाद लटका हुआ था, तो उसके सुलझने की प्रबल संभावना है।
व्यापारियों को नई डील या टाई-अप मिल सकते हैं और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी पदोन्नति या सैलेरी वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं। जो लोग किसी बड़े निवेश की योजना बना रहे हैं, खासकर वाहन या रियल एस्टेट में, उनके लिए यह समय अनुकूल साबित हो सकता है।
3. तुला राशि – उन्नति की नई राहें खुलेंगीचूंकि मंगल तुला राशि में ही गोचर करेंगे, इसलिए तुला राशि के जातकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इस गोचर के दौरान आपको व्यवसायिक और करियर फ्रंट पर बड़ी सफलता मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और निर्णय क्षमता की सराहना होगी।
आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी यह समय आपके लिए बेहतर रहेगा। पुराने रोगों में राहत मिलेगी और मानसिक रूप से आप पहले से अधिक स्थिर महसूस करेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।